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सौंख में नाबालिग लड़की की मौत के मामले में एक माह बाद मुकदमा दर्ज परिजनों ने लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

गोवर्धन/मथुरा, उत्तर प्रदेश। कस्बा सौंख में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में लगभग एक माह बाद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। पीड़ित परिवार ने मामले में न्याय की मांग करते हुए आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा सौंख के अग्रसेन रोड स्थित न्यू कॉलोनी निवासी मुस्कान उर्फ खुशबू (15 वर्ष), पुत्री अमर सिंह, की 25 अप्रैल 2026 को कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाने से मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद से ही परिजन लगातार पुलिस और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे थे।

परिजनों का आरोप है कि घटना से पूर्व दोनों पक्षों के बीच विवाद और कहासुनी हुई थी। उनका कहना है कि नाबालिग लड़की को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, धमकियां दी गईं और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में आ गई थी। परिजनों का दावा है कि इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब विपिन पुत्र हरिप्रसाद तथा शिवा उर्फ कलुआ के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज एफआईआर में धारा 108, 115(2), 333, 352 एवं 351(2) बीएनएस को शामिल किया गया है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन दोषियों को कानूनी सजा मिलने से न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास मजबूत होगा। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है।

वहीं क्षेत्र के लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के उत्पीड़न, धमकी या दबाव के कारण एक नाबालिग लड़की को अपनी जान गंवानी पड़ी है, तो दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका मानना है कि यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।

क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कर सभी तथ्यों को सामने लाया जाए तथा किसी भी दोषी को बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच प्रक्रिया जारी है। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए हुए है।

संवाददाता : प्रेम सिंह कुंतल
गोवर्धन, मथुरा (उत्तर प्रदेश)

गुजरात प्रवासी न्यूज़, मथुरा

રાજકોટ પ્રવાસ દરમિયાન ભાજપ પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી જગદીશભાઈ વિશ્વકર્માની ઉમિયાધામ સીદસરના પ્રમુખ શ્રી મૌલેશભાઈ ઉકાણીના નિવાસસ્થાને સૌજન્ય મુલાકાત

રાજકોટ, (બ્યુરો રિપોર્ટ). ગુજરાત ભાજપના પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી જગદીશભાઈ વિશ્વકર્માએ તેમના રાજકોટ પ્રવાસ દરમિયાન ઉમિયાધામ સીદસરના પ્રમુખ, અગ્રણી સમાજસેવક તથા જાણીતા ઉદ્યોગપતિ શ્રી મૌલેશભાઈ ઉકાણીના નિવાસસ્થાને સૌજન્ય મુલાકાત લીધી હતી. આ મુલાકાત દરમિયાન રાજકીય, સામાજિક અને ધાર્મિક ક્ષેત્રના અગ્રણીઓ વચ્ચે વિવિધ સમકાલીન મુદ્દાઓ પર સૌહાર્દપૂર્ણ ચર્ચા અને વિચારોની આપ-લે થઈ હતી.

શ્રી જગદીશભાઈ વિશ્વકર્માના પ્રદેશ અધ્યક્ષ તરીકેના કાર્યકાળ દરમિયાન તેઓ સતત રાજ્યના વિવિધ વિસ્તારોની મુલાકાત લઈને કાર્યકરો, સામાજિક સંસ્થાઓ અને ઉદ્યોગજગતના પ્રતિનિધિઓ સાથે સંવાદ સાધી રહ્યા છે. રાજકોટ પ્રવાસ દરમિયાન યોજાયેલી આ મુલાકાત પણ તે જ અભિયાનનો એક ભાગ માનવામાં આવી રહી છે.

આ પ્રસંગે ઉમિયાધામ સીદસરના પ્રમુખ શ્રી મૌલેશભાઈ ઉકાણીએ મહેમાનોનું ઉષ્માભેર સ્વાગત કર્યું હતું. મુલાકાત દરમિયાન સમાજના સર્વાંગી વિકાસ, યુવા શક્તિના સશક્તિકરણ, શિક્ષણ, રોજગારી, સામાજિક સેવા અને ધાર્મિક સંસ્થાઓના યોગદાન જેવા મુદ્દાઓ પર વિસ્તૃત ચર્ચા કરવામાં આવી હોવાનું જાણવા મળ્યું છે.

કાર્યક્રમમાં સાંસદ અને પૂર્વ કેન્દ્રીય મંત્રી શ્રી પુરુષોત્તમભાઈ રૂપાલાની વિશેષ ઉપસ્થિતિ રહી હતી. તેમણે સમાજ અને રાષ્ટ્રના વિકાસમાં સામાજિક સંસ્થાઓ તથા ઉદ્યોગજગતની ભૂમિકાને મહત્વપૂર્ણ ગણાવી હતી. ઉપરાંત ભાજપ પ્રદેશ મહામંત્રીશ્રીઓ શ્રી અનિરુદ્ધભાઈ દવે અને ડૉ. પ્રશાંતભાઈ કોરાટ તેમજ રાજકોટ શહેર ભાજપ અધ્યક્ષ શ્રી માધવભાઈ દવે પણ ઉપસ્થિત રહ્યા હતા.

મુલાકાત દરમિયાન ભાજપના આગેવાનો ઉપરાંત વિવિધ ક્ષેત્રોના જાણીતા ઉદ્યોગપતિઓ, સામાજિક અગ્રણીઓ અને સમાજના પ્રતિષ્ઠિત નાગરિકોએ પણ હાજરી આપી હતી. ઉપસ્થિત મહાનુભાવોએ ગુજરાતના સર્વાંગી વિકાસ માટે સરકાર, સામાજિક સંસ્થાઓ અને ઉદ્યોગજગત વચ્ચે સંકલન વધુ મજબૂત બનવાની જરૂરિયાત પર ભાર મૂક્યો હતો.

ઉમિયાધામ સીદસર દ્વારા શિક્ષણ, આરોગ્ય, સામાજિક કલ્યાણ અને માનવસેવાના ક્ષેત્રમાં કરવામાં આવી રહેલી વિવિધ પ્રવૃત્તિઓની પણ આ પ્રસંગે ચર્ચા થઈ હતી. સમાજના ઉત્થાન માટે સંસ્થા દ્વારા હાથ ધરવામાં આવેલા પ્રકલ્પો અને સેવાકીય કાર્યો અંગે મહાનુભાવોએ પ્રશંસા વ્યક્ત કરી હતી.

રાજકોટમાં યોજાયેલી આ સૌજન્ય મુલાકાત માત્ર ઔપચારિક મુલાકાત પૂરતી સીમિત રહી ન હતી, પરંતુ તેમાં સામાજિક વિકાસ, સંગઠન મજબૂતીકરણ અને સમાજહિતના વિવિધ વિષયો પર અર્થપૂર્ણ ચર્ચાઓ પણ થઈ હતી. જેના કારણે આ મુલાકાતને રાજકીય અને સામાજિક વર્તુળોમાં વિશેષ મહત્વની માનવામાં આવી રહી છે.

કાર્યક્રમનો માહોલ સૌહાર્દપૂર્ણ અને આત્મીય રહ્યો હતો. ઉપસ્થિત મહાનુભાવોએ પરસ્પર શુભેચ્છાઓ પાઠવી સમાજ અને રાજ્યના વિકાસ માટે સહિયારા પ્રયાસો કરવાની પ્રતિબદ્ધતા વ્યક્ત કરી હતી.

બ્યુરો રિપોર્ટ
ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ, અમદાવાદ

विश्व रक्तदाता दिवस पर मानवता की मिसाल एनसीसी कैडेट्स और शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान

रुड़की, हरिद्वार (उत्तराखंड), 14 जून। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के तत्वावधान में कैसल व्यू होटल, रामनगर, रुड़की में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में एनसीसी कैडेट्स एवं शहर के जागरूक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानवता और सामाजिक सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। समाचार लिखे जाने तक शिविर में 88 यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया जा चुका था तथा रक्तदान का क्रम निरंतर जारी था।

रक्तदान शिविर का उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और एनसीसी कैडेट्स की सहभागिता देखने को मिली। शिविर का वातावरण सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 84 उत्तराखंड वाहिनी एनसीसी के कमान अधिकारी कर्नल जगदीश अलमिया ने अपने संबोधन में रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी दुर्घटना, गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति में रक्त ही जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम बनता है। उन्होंने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त तीन लोगों के जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।

कर्नल अलमिया ने बताया कि रक्तदान केवल समाज सेवा ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी है। इससे शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, रक्त संचार बेहतर होता है तथा हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम कम होता है। उन्होंने कहा कि आने वाले मानसून और गर्मी के मौसम में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य बीमारियों के कारण रक्त की मांग बढ़ जातीहै, ऐसे समय में रक्त भंडारण की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

कैसल व्यू होटल के डायरेक्टर प्रणय प्रताप सिंह ने रक्तदान के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान करने से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है, जिससे हृदय रोगों की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि एक बार रक्तदान करने से लगभग 650 कैलोरी तक ऊर्जा खर्च होती है, क्योंकि शरीर नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करता है। इसके अतिरिक्त रक्तदान से पूर्व होने वाली स्वास्थ्य जांच के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाने में भी सहायता मिलती है।

शिविर में विशेष रूप से पहुंचे पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल ने युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान एक ऐसा कार्य है जो सीधे किसी व्यक्ति को जीवनदान देता है। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं सीओ सिटी ओशिन जोशी ने स्वयं रक्तदान कर उपस्थित युवाओं और नागरिकों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के प्रति लोगों में अभी भी कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती।

रक्तदान शिविर के सफल संचालन में रुड़की ब्लड सेंटर के संचालक अखिल सैनी और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त समाजसेवी संस्था हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। प्रशिक्षण अधीक्षक रवि कपूर ने शिविर की व्यवस्थाओं का समन्वय संभाला।

कार्यक्रम में रक्तदान शिविर के नोडल अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) नवीन कुमार एवं सह नोडल अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) अपर्णा शर्मा ने रक्तदान प्रक्रिया की निगरानी की। इस अवसर पर कैप्टन सुशील कुमार आर्य, सेकंड ऑफिसर अनुज कुमार, सूबेदार मेजर अमर सिंह, एक्स बीएचएम सतेंद्र सिंह, नायक अभिषेक चौधरी, केयरटेकर वंदना चौहान, प्रियंका प्रजापति तथा अर्चना देवी त्यागी सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

रक्तदान करने वालों में मोहन शर्मा, एसयूओ रजत रावत, कशिश चौहान, ख्वाहिश सिंह आर्या, ऋचा तोमर, नवाजिश तथा अन्य कई युवा शामिल रहे, जिन्होंने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आयोजित यह शिविर न केवल रक्त संग्रह की दृष्टि से सफल रहा, बल्कि समाज में रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने में भी प्रभावी साबित हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे सरल और सर्वोत्तम माध्यम है तथा प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

रिपोर्ट : डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
सह संपादक
गुजरात प्रवासी न्यूज़, हरिद्वार

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અમદાવાદ રેલવે સ્ટેશનના પુનર્વિકાસ કાર્યોની મહાપ્રબંધકે કરી સમીક્ષા,અમદાવાદ–વડનગર રેલખંડનું સંરક્ષા નિરીક્ષણ

અમદાવાદ, 16 જૂન (બ્યુરો રિપોર્ટ). પશ્ચિમ રેલવેના મહાપ્રબંધક શ્રી રામાશ્રય પાંડે દ્વારા મંગળવારે અમદાવાદ રેલવે સ્ટેશન ખાતે ચાલી રહેલા પુનર્વિકાસ કાર્યોની વ્યાપક સમીક્ષા કરવામાં આવી હતી. આ ઉપરાંત તેમણે અમદાવાદ–વડનગર રેલખંડનું સંરક્ષા નિરીક્ષણ કરીને રેલવેના આધુનિકીકરણ, યાત્રી સુરક્ષા, કામગીરીની કાર્યક્ષમતા અને આધારભૂત માળખાના વિકાસ સાથે સંકળાયેલા વિવિધ પાસાઓનું મૂલ્યાંકન કર્યું હતું.

અમદાવાદ રેલવે સ્ટેશનને વિશ્વસ્તરીય સુવિધાઓ ધરાવતા આધુનિક ટ્રાન્સપોર્ટ હબ તરીકે વિકસાવવાના મહત્ત્વાકાંક્ષી પ્રોજેક્ટ હેઠળ વિવિધ વિકાસ કાર્યો ઝડપથી આગળ વધી રહ્યા છે. મહાપ્રબંધકે નિર્માણાધીન સાઉથ બ્લોકની મુલાકાત લઈને કાર્યની પ્રગતિ અંગે માહિતી મેળવી હતી. તેમણે પ્લેટફોર્મ નં. 9 અને 10ના વિકાસ કાર્યો ઉપરાંત મુંબઈ–અમદાવાદ હાઈસ્પીડ રેલ (બુલેટ ટ્રેન) પ્રોજેક્ટ અંતર્ગત સ્ટેશનની નીચે વિકસાવવામાં આવી રહેલા પ્લેટફોર્મ નં. 11 અને 12ના નિર્માણ કાર્યોનું પણ નિરીક્ષણ કર્યું હતું.

આ પ્રસંગે અમદાવાદ મંડળના મંડળ રેલ પ્રબંધક (DRM) શ્રી વેદ પ્રકાશે મહાપ્રબંધકને સ્ટેશન પુનર્વિકાસ યોજના, આધુનિક યાત્રી સુવિધાઓ, ટ્રાફિક મેનેજમેન્ટ અને આધારભૂત માળખાના વિસ્તરણ અંગે વિસ્તૃત માહિતી આપી હતી. તેમણે જણાવ્યું હતું કે પ્રોજેક્ટ પૂર્ણ થયા બાદ અમદાવાદ સ્ટેશન મુસાફરોને વધુ આરામદાયક, સુરક્ષિત અને આધુનિક સેવાઓ પ્રદાન કરશે.

રેલ લેન્ડ ડેવલપમેન્ટ ઓથોરિટી (RLDA)ના મુખ્ય પરિયોજના પ્રબંધક શ્રી સંજીવ કુમારે પ્રોજેક્ટના માસ્ટર પ્લાનની રજૂઆત કરતાં જણાવ્યું હતું કે નવા સ્ટેશન ભવન, મલ્ટી-મોડલ કનેક્ટિવિટી, આધુનિક વેઇટિંગ એરિયા, મુસાફરો માટે સુધારેલી અવરજવર વ્યવસ્થા, પાર્કિંગ સુવિધાઓ તથા અન્ય અનેક આધુનિક સુવિધાઓ વિકસાવવામાં આવી રહી છે. તેમણે વિવિધ તબક્કામાં હાથ ધરાયેલા કાર્યો અને વર્તમાન પ્રગતિ અંગે પણ માહિતી આપી હતી.

મહાપ્રબંધક શ્રી પાંડેએ વિકાસ કાર્યોની ગુણવત્તા જાળવી રાખવા તથા નિર્ધારિત સમયમર્યાદામાં કામગીરી પૂર્ણ કરવા પર વિશેષ ભાર મૂક્યો હતો. તેમણે અધિકારીઓને વિવિધ વિભાગો વચ્ચે સુમેળ જાળવી પ્રોજેક્ટને સમયસર પૂર્ણ કરવા માટે જરૂરી પગલાં ભરવા સૂચના આપી હતી.

ત્યારબાદ શ્રી પાંડેએ અમદાવાદ–વડનગર રેલખંડનું વિન્ડો ટ્રેલિંગ સંરક્ષા નિરીક્ષણ કર્યું હતું. નિરીક્ષણ દરમિયાન તેમણે રેલવે ટ્રેક, લેવલ ક્રોસિંગ, પોઈન્ટ્સ અને ક્રોસિંગ્સ સહિત વિવિધ ટેક્નિકલ માળખાંનું અવલોકન કર્યું હતું. તેમણે ટ્રેકની સ્થિતિ, જાળવણીની ગુણવત્તા, કામગીરીની કાર્યક્ષમતા અને સલામતીના ધોરણોનું મૂલ્યાંકન કરીને સંબંધિત અધિકારીઓને જરૂરી માર્ગદર્શન આપ્યું હતું. તેમણે ભારપૂર્વક જણાવ્યું હતું કે યાત્રીઓની સુરક્ષા રેલવેની સર્વોચ્ચ પ્રાથમિકતા છે અને તેમાં કોઈપણ પ્રકારની બેદરકારી સહન કરવામાં આવશે નહીં.

વડનગર રેલવે સ્ટેશન ખાતે મહાપ્રબંધકે યાત્રી સુવિધાઓ અને સુરક્ષા વ્યવસ્થાઓની સમીક્ષા કરી હતી. તેમણે રિલે રૂમ, રૂટ રિલે ઇન્ટરલોકિંગ (RRI), માસ્ટર કેબિન, બુકિંગ કાઉન્ટર, ફૂટ ઓવરબ્રિજ, પ્લેટફોર્મ અને કૅફેટેરિયાનું નિરીક્ષણ કરીને સુવિધાઓની સ્થિતિ અંગે માહિતી મેળવી હતી. તેમણે સ્ટેશન પર સ્વચ્છતા, સલામતી અને મુસાફરોને મળતી સેવાઓ અંગે પણ અધિકારીઓ સાથે ચર્ચા કરી હતી.

પર્યાવરણ સંરક્ષણ પ્રત્યેની પોતાની પ્રતિબદ્ધતા વ્યક્ત કરતાં શ્રી પાંડેએ વડનગર સ્ટેશન પરિસરમાં વૃક્ષારોપણ કર્યું હતું. તેમણે રેલવે અધિકારીઓ અને કર્મચારીઓને હરિત પર્યાવરણના સંવર્ધન માટે વધુમાં વધુ વૃક્ષારોપણ કરવા અને તેનું જતન કરવા માટે પ્રેરિત કર્યા હતા.

આ સમગ્ર નિરીક્ષણ દરમિયાન અમદાવાદ મંડળના DRM શ્રી વેદ પ્રકાશ, RLDAના મુખ્ય પરિયોજના પ્રબંધક શ્રી સંજીવ કુમાર સહિત પશ્ચિમ રેલવે મુખ્યાલય અને અમદાવાદ મંડળના અનેક વરિષ્ઠ અધિકારીઓ ઉપસ્થિત રહ્યા હતા. અધિકારીઓએ મહાપ્રબંધકને વિવિધ વિકાસ અને સુરક્ષા સંબંધિત યોજનાઓની પ્રગતિ અંગે માહિતગાર કર્યા હતા.

અમદાવાદ સ્ટેશનના પુનર્વિકાસ અને અમદાવાદ–વડનગર રેલખંડના સંરક્ષા નિરીક્ષણને પશ્ચિમ રેલવેના આધુનિકીકરણ અભિયાનમાં એક મહત્વપૂર્ણ પગલું માનવામાં આવી રહ્યું છે. આ વિકાસ કાર્યો પૂર્ણ થયા બાદ મુસાફરોને વધુ સુવિધાસભર, સુરક્ષિત અને આધુનિક રેલવે સેવાઓ પ્રાપ્ત થશે તેવી આશા વ્યક્ત કરવામાં આવી રહી છે.

બ્યુરો રિપોર્ટ
ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ, અમદાવાદ

अहमदाबाद स्टेशन पुनर्विकास को मिली गति, पश्चिम रेलवे महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण,अहमदाबाद-वडनगर रेलखंड की संरक्षा व्यवस्थाओं की भी गहन समीक्षा

अहमदाबाद, 16 जून (विशेष संवाददाता)। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पाण्डेय ने मंगलवार को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने अहमदाबाद-वडनगर रेलखंड का व्यापक संरक्षा निरीक्षण कर रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग व्यवस्था और यात्री सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को संरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है और इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। महाप्रबंधक श्री पाण्डेय ने स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन साउथ ब्लॉक का निरीक्षण करते हुए वहां चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्लेटफॉर्म संख्या 9 एवं 10 के विकास कार्यों के साथ-साथ मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना के स्टेशन के नीचे विकसित किए जा रहे नए प्लेटफॉर्म संख्या 11 एवं 12 का भी अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री वेद प्रकाश ने महाप्रबंधक को स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की वर्तमान स्थिति, यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण तथा आधारभूत संरचना उन्नयन संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत स्टेशन परिसर को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने, यात्री आवागमन को सुगम बनाने तथा बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री संजीव कुमार ने परियोजना के मास्टर प्लान की प्रस्तुति देते हुए विभिन्न चरणों में किए जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत आधुनिक स्टेशन भवन, अत्याधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, पार्किंग सुविधाओं तथा अन्य यात्री सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

स्टेशन निरीक्षण के पश्चात श्री पाण्डेय ने अहमदाबाद-वडनगर रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेल पथ की स्थिति, ट्रैक मेंटेनेंस, लेवल क्रॉसिंग, पॉइंट्स एवं क्रॉसिंग्स तथा अन्य तकनीकी संरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने रेल परिचालन की दक्षता, सुरक्षा मानकों और रखरखाव व्यवस्था का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संरक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वडनगर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर महाप्रबंधक ने स्टेशन की यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने रिले रूम, रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई), मास्टर केबिन, बुकिंग काउंटर, फुट ओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म और कैफेटेरिया का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया। उन्होंने स्टेशन पर स्वच्छता, सुरक्षा और यात्री सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी अधिकारियों से चर्चा की।

पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के संदेश को आगे बढ़ाते हुए श्री पाण्डेय ने वडनगर रेलवे स्टेशन परिसर में वृक्षारोपण किया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अहमदाबाद मंडल के डीआरएम श्री वेद प्रकाश, आरएलडीए के मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री संजीव कुमार सहित पश्चिम रेलवे मुख्यालय एवं अहमदाबाद मंडल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने महाप्रबंधक को विभिन्न विकास एवं संरक्षा परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया और आगामी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

अहमदाबाद स्टेशन पुनर्विकास परियोजना तथा रेल संरक्षा निरीक्षण को पश्चिम रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी और भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट
प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

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मय सबसे बड़ा धन, माँ का दिल भगवान का घर : चिंतन प्रवाह में समाज को मिला प्रेरक संदेश

गुजरात प्रवासी न्यूज
के.के. उपाध्याय (जितेंद्र)
चैनल हेड

बलिया (उत्तर प्रदेश), संवाददाता। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और भौतिक सुख-सुविधाओं की होड़ में जहां अधिकांश लोग धन अर्जित करने को ही जीवन का प्रमुख उद्देश्य मान बैठे हैं, वहीं सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित ‘चिंतन प्रवाह’ के माध्यम से लोगों को समय के महत्व और मातृ सम्मान का संदेश दिया गया। इस अवसर पर कहा गया कि संसार में सबसे कीमती धन समय है, क्योंकि धन तो दोबारा कमाया जा सकता है, लेकिन एक बार बीत गया समय कभी वापस नहीं आता।

वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति का संपूर्ण संचालन समय के अनुसार होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त से लेकर ऋतुओं के परिवर्तन तक, हर प्रक्रिया समय के अनुशासन में बंधी हुई है। मनुष्य का जीवन भी समय के साथ ही आगे बढ़ता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के हर क्षण का सदुपयोग करना चाहिए। यह भी कहा गया कि यदि धन के बदले समय खरीदा जा सकता, तो दुनिया का कोई भी धनी व्यक्ति मृत्यु को टाल सकता था और अपनी आयु बढ़ा सकता था, लेकिन ऐसा संभव नहीं है। यही कारण है कि समय को जीवन की सबसे अमूल्य पूंजी माना गया है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को प्रेरित करते हुए कहा गया कि अपने बहुमूल्य समय को केवल व्यक्तिगत लाभ और भौतिक सुखों तक सीमित न रखें, बल्कि उसका उपयोग ईश्वर भक्ति, समाज सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और मानव कल्याण के कार्यों में करें। ऐसे कार्य न केवल व्यक्ति के जीवन को सार्थक बनाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम भी बनते हैं।

इस दौरान माँ के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि माँ का दिल भगवान का घर होता है, जिसमें केवल प्रेम, त्याग, ममता और दया का निवास होता है। माँ अपने बच्चों के जीवन में वह शक्ति है, जो हर परिस्थिति में उनका साथ देती है। वह अपने बच्चों की खुशियों के लिए स्वयं के सुखों का त्याग करने में भी पीछे नहीं हटती। एक माँ अपने बच्चों को जन्म देने से लेकर उनके पालन-पोषण, शिक्षा, संस्कार और जीवन निर्माण तक हर स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

वक्ताओं ने कहा कि आज समाज में ऐसे कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां माता-पिता अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करते हैं, लेकिन वृद्धावस्था में उन्हें अपेक्षित सम्मान और स्नेह नहीं मिल पाता। यह सामाजिक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एक माँ दस बच्चों का पालन-पोषण कर सकती है, लेकिन कई बार दस बच्चे मिलकर भी अपनी माँ की सेवा और देखभाल नहीं कर पाते। यह स्थिति समाज के नैतिक मूल्यों में आ रहे बदलाव को दर्शाती है।

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और समाज के सभी वर्गों से अपील की गई कि वे अपने माता-पिता, विशेष रूप से माँ के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और प्रेम का भाव बनाए रखें। माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए कहा गया कि उनके आशीर्वाद से जीवन में सफलता, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।

अंत में यह संदेश दिया गया कि समय और माँ, दोनों ही जीवन की ऐसी अनमोल धरोहर हैं, जिनका कोई विकल्प नहीं है। समय का सदुपयोग और माँ का सम्मान ही एक सफल, संस्कारित और सुखी समाज की पहचान है। यदि प्रत्येक व्यक्ति इन दोनों मूल्यों को अपने जीवन में अपनाए, तो समाज में प्रेम, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं का विस्तार होगा।

प्रेषक:
के.के. उपाध्याय (जितेंद्र)
चैनल हेड, गुजरात प्रवासी न्यूज

स्थान : बलिया, उत्तर प्रदेश
विशेष स्तंभ : चिंतन प्रवाह – बदलता हमराह

અમદાવાદ મંડળ ‘કવચ 4.0’થી થશે સંપૂર્ણ સજ્જ ₹140 કરોડના ખર્ચે 598 રૂટ કિલોમીટર પર સ્થાપિત થશે સ્વદેશી ટ્રેન સુરક્ષા પ્રણાલી, સમગ્ર મંડળ 1300 રૂટ કિલોમીટર સુધી કવચના દાયરામાં આવશે

બ્યુરો રિપોર્ટ | ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ | અમદાવાદ

ભારતીય રેલવે દ્વારા મુસાફરોની સુરક્ષા અને રેલ સંચાલનની વિશ્વસનીયતા વધારવા માટે સતત આધુનિક ટેક્નોલોજીનો ઉપયોગ કરવામાં આવી રહ્યો છે. આ દિશામાં એક વધુ મહત્વપૂર્ણ પગલું ભરતાં પશ્ચિમ રેલવેના અમદાવાદ મંડળમાં અત્યાધુનિક સ્વદેશી ટ્રેન સુરક્ષા પ્રણાલી *‘કવચ 4.0’*ના વિસ્તરણને મંજૂરી આપવામાં આવી છે. આ પ્રોજેક્ટ હેઠળ અમદાવાદ મંડળના 598 રૂટ કિલોમીટર વિસ્તારમાં આવેલા 48 બ્લોક સેક્શનમાં કવચ પ્રણાલી સ્થાપિત કરવામાં આવશે, જેના માટે અંદાજે ₹140 કરોડની રકમ મંજૂર કરવામાં આવી છે.

આ યોજના ભારતીય રેલવે દ્વારા સમગ્ર દેશમાં રેલ સુરક્ષાને આધુનિક બનાવવાના વ્યાપક અભિયાનનો એક મહત્વપૂર્ણ ભાગ છે. રેલવે હવે એલટીઈ (LTE) આધારિત અદ્યતન સંચાર નેટવર્ક સાથે કવચ પ્રણાલીને દેશના મુખ્ય રેલ માર્ગો પર અમલમાં મૂકી રહી છે, જેથી ટ્રેન સંચાલનમાં માનવીય ભૂલોને ઘટાડીને વધુ સુરક્ષિત અને કાર્યક્ષમ વ્યવસ્થા ઉભી કરી શકાય.

અમદાવાદ મંડળના મંડળ રેલ પ્રબંધક શ્રી વેદ પ્રકાશે માહિતી આપતાં જણાવ્યું હતું કે, અગાઉ મંડળના આશરે 702 રૂટ કિલોમીટર વિસ્તારમાં કવચ પ્રણાલી લાગુ કરવા માટે મંજૂરી મળી ચૂકી છે. હવે નવા 598 રૂટ કિલોમીટરના પ્રોજેક્ટને મંજૂરી મળતાં અમદાવાદ મંડળના બાકીના તમામ રેલખંડો પણ કવચના દાયરામાં આવી જશે. પરિણામે સમગ્ર અમદાવાદ મંડળનું લગભગ 1300 રૂટ કિલોમીટરનું રેલ નેટવર્ક કવચ 4.0થી આવરી લેવામાં આવશે અને મંડળ સંપૂર્ણપણે કવચ સજ્જ બનશે.

શ્રી વેદ પ્રકાશે જણાવ્યું કે કવચ પ્રણાલી ભારતીય રેલવેના સુરક્ષા માળખામાં એક ક્રાંતિકારી પરિવર્તન લાવનાર ટેક્નોલોજી છે. આ પ્રણાલી સંપૂર્ણપણે સ્વદેશી ટેક્નોલોજી પર આધારિત છે અને ભારતીય પરિસ્થિતિઓને ધ્યાનમાં રાખીને વિકસાવવામાં આવી છે. કવચ ટ્રેન ચાલકને સમયસર ચેતવણી આપે છે અને જરૂરિયાત પડ્યે ટ્રેન પર આપોઆપ બ્રેક પણ લગાવી શકે છે. આ કારણે ટ્રેન અકસ્માતો અને ટક્કરની શક્યતાઓમાં નોંધપાત્ર ઘટાડો થાય છે.

‘કવચ’ કેવી રીતે કાર્ય કરે છે?

કવચ એક અત્યાધુનિક ઓટોમેટિક ટ્રેન પ્રોટેક્શન (ATP) સિસ્ટમ છે, જે ટ્રેન, સ્ટેશન અને ટ્રેકસાઇડ ઉપકરણો વચ્ચે સતત સંચાર જાળવી રાખે છે. જો કોઈ ટ્રેન લાલ સિગ્નલને અવગણીને આગળ વધે અથવા નિર્ધારિત ગતિ મર્યાદાથી વધુ ઝડપે દોડે તો કવચ તરત જ ચેતવણી આપે છે. જો ટ્રેન ચાલક યોગ્ય પ્રતિસાદ ન આપે તો સિસ્ટમ આપોઆપ બ્રેક લગાવી ટ્રેનને સુરક્ષિત રીતે નિયંત્રિત કરે છે.

આ પ્રણાલી ખાસ કરીને સિગ્નલ પાસિંગ એટ ડેન્જર (SPAD) જેવી ગંભીર ઘટનાઓને અટકાવવામાં અત્યંત અસરકારક સાબિત થાય છે. ઉપરાંત બે ટ્રેનો વચ્ચેની ટક્કર, અતિઝડપ અને અન્ય સંભવિત જોખમોને પણ નિયંત્રિત કરવામાં મદદરૂપ બને છે.

રેલ સુરક્ષામાં નવી ક્રાંતિ

ભારતીય રેલવે છેલ્લા કેટલાક વર્ષોથી મુસાફરોની સુરક્ષા વધારવા માટે અનેક મહત્વપૂર્ણ સુધારાઓ કરી રહી છે. વંદે ભારત જેવી આધુનિક ટ્રેનો, સ્ટેશન પુનર્વિકાસ યોજનાઓ, એલટીઈ આધારિત સંચાર વ્યવસ્થા અને હવે કવચ 4.0 જેવી સુરક્ષા પ્રણાલીઓ રેલવેના આધુનિકીકરણને નવી ઊંચાઈ આપી રહી છે.

અમદાવાદ મંડળમાં કવચ 4.0નું સંપૂર્ણ અમલીકરણ માત્ર ગુજરાત માટે જ નહીં પરંતુ સમગ્ર પશ્ચિમ રેલવે માટે એક મહત્વપૂર્ણ સિદ્ધિ માનવામાં આવી રહ્યું છે. આ પ્રોજેક્ટ પૂર્ણ થયા બાદ અમદાવાદ મંડળ દેશના એવા અગ્રણી રેલવે મંડળોમાં સામેલ થશે, જ્યાં સમગ્ર રેલ નેટવર્ક અત્યાધુનિક ટ્રેન સુરક્ષા પ્રણાલીથી સજ્જ હશે.

રેલવે અધિકારીઓના જણાવ્યા અનુસાર આ પહેલ મુસાફરોને વધુ સુરક્ષિત અને વિશ્વસનીય મુસાફરીનો અનુભવ આપશે, સાથે જ ભારતીય રેલવેના ‘સુરક્ષિત, આધુનિક અને આત્મનિર્ભર રેલવે’ના વિઝનનેપણ મજબૂત બનાવશે. કવચ 4.0નું સંપૂર્ણ અમલીકરણ ભારતીય રેલવેના ટેક્નોલોજીકલ વિકાસના ઇતિહાસમાં એક મહત્વપૂર્ણ સીમાચિહ્ન સાબિત થશે.

પશ્ચિમ રેલવેમાં પ્રથમવાર વટવા ઇલેક્ટ્રિક લોકો શેડને પ્રતિષ્ઠિત GreenCo GOLD રેટિંગ

 

 

मगोर्रा के कुंतल चिकित्सालय में रक्तदान शिविर संपन्न, 15 यूनिट रक्त हुआ एकत्रित

गोवर्धन (मथुरा), गुजरात प्रवासी न्यूज़।
मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को साकार करते हुए गोवर्धन क्षेत्र के ग्राम मगोर्रा स्थित कुंतल चिकित्सालय में “रक्तदान महादान” अभियान के अंतर्गत एक विशाल रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्य का नेतृत्व एवं संयोजन चिकित्सालय के संचालक डॉ. महेंद्र सिंह कुंतल द्वारा किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग देना था।

शिविर के आयोजन को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही रक्तदान करने के इच्छुक लोग चिकित्सालय परिसर में पहुंचने लगे। आयोजन स्थल पर रक्तदाताओं के पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और रक्त संग्रहण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, जिससे रक्तदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

रक्त संग्रहण के लिए मथुरा स्थित गोवर्धन पैलेस के सामने संचालित आईआईटी चेरी चेरिटेबल ब्लड बैंक की विशेषज्ञ मेडिकल टीम विशेष रूप से शिविर में पहुंची। टीम में शामिल अनुभवी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा रक्तदान के लिए उनकी चिकित्सीय पात्रता सुनिश्चित की। सभी आवश्यक जांचों के बाद सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत रक्त एकत्रित किया गया।

ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कुल 15 जागरूक नागरिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का परिचय दिया। रक्तदाताओं में युवाओं के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। रक्तदान करने वालों ने कहा कि यदि उनके द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जान बचाने में सहायक बनता है तो इससे बड़ा संतोष और कोई नहीं हो सकता।

रक्तदान शिविर के दौरान चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को रक्तदान के महत्व और उससे जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति नियमित अंतराल पर रक्तदान कर सकता है और इससे उसके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत रक्तदान करने से शरीर में नए रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जिससे स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है।

शिविर के संयोजक डॉ. महेंद्र सिंह कुंतल ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं बल्कि मानव जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव जैसी परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में रक्तदाताओं द्वारा किया गया योगदान किसी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए अमूल्य साबित होता है।

डॉ. कुंतल ने आगे कहा कि समाज में रक्तदान को लेकर अभी भी कई भ्रांतियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

रक्तदान करने वाले सभी दानदाताओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद रक्तदाताओं ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए भविष्य में भी रक्तदान करने की प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम के दौरान कुंतल चिकित्सालय का समस्त स्टाफ, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, युवा कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित यह रक्तदान शिविर न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी मजबूत करने का माध्यम बना। आयोजन की सफलता ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज एकजुट होकर कार्य करे तो अनेक जरूरतमंद लोगों को नया जीवन दिया जा सकता है।

रिपोर्ट : प्रेम सिंह कुंतल
गुजरात प्रवासी न्यूज़, मथुरा

બીકાનેર–સાબરમતી નવી એક્સપ્રેસ ટ્રેન સેવા ટૂંક સમયમાં શરૂ થશે,રેલવે મંત્રી અશ્વિની વૈષ્ણવ આપશે લીલી ઝંડી

અમદાવાદ, ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ બ્યુરો :
ગુજરાત અને રાજસ્થાનના લાખો મુસાફરો માટે એક મહત્વપૂર્ણ અને આનંદદાયક સમાચાર સામે આવ્યા છે. ભારતીય રેલવે દ્વારા ટૂંક સમયમાં સાબરમતી (અમદાવાદ) અને લાલગઢ (બીકાનેર) વચ્ચે નવી દૈનિક એક્સપ્રેસ ટ્રેન સેવા શરૂ કરવામાં આવનાર છે. કેન્દ્રીય રેલવે મંત્રી અશ્વિની વૈષ્ણવ આ ટ્રેન સેવાને લીલી ઝંડી બતાવીને પ્રારંભ કરાવશે. નવી ટ્રેન શરૂ થતાં જ બંને રાજ્યો વચ્ચે સીધી, ઝડપી અને વધુ સુવિધાજનક રેલ કનેક્ટિવિટી ઉપલબ્ધ બનશે.

વર્ષોથી ઉત્તર ગુજરાત અને પશ્ચિમ રાજસ્થાનના લોકો સીધી દૈનિક ટ્રેન સેવાની માંગ કરી રહ્યા હતા. હાલમાં અનેક મુસાફરોને અમદાવાદથી બીકાનેર અથવા બીકાનેરથી અમદાવાદ જવા માટે ટ્રેન બદલવાની જરૂર પડતી હતી અથવા લાંબી અને અસુવિધાજનક મુસાફરી કરવી પડતી હતી. નવી એક્સપ્રેસ ટ્રેન શરૂ થતાં આ સમસ્યાનો મોટો અંત આવશે અને મુસાફરોને સરળ, સુરક્ષિત તથા આરામદાયક મુસાફરીનો વિકલ્પ મળશે.

આ નવી ટ્રેન સેવા માત્ર મુસાફરો માટે જ નહીં પરંતુ બંને રાજ્યોના વેપાર, ઉદ્યોગ, શિક્ષણ અને પ્રવાસન ક્ષેત્ર માટે પણ ખૂબ જ મહત્વપૂર્ણ સાબિત થશે. અમદાવાદ અને બીકાનેર બંને શહેરો વેપારિક અને સાંસ્કૃતિક દ્રષ્ટિએ મહત્વ ધરાવે છે. નવી ટ્રેનના કારણે વેપારીઓને માલસામાનની હેરફેરમાં સરળતા મળશે, જ્યારે વિદ્યાર્થીઓ અને નોકરીયાત વર્ગને નિયમિત મુસાફરી માટે વધુ સારો વિકલ્પ ઉપલબ્ધ થશે.

પ્રવાસન ક્ષેત્રને પણ આ ટ્રેનથી મોટો ફાયદો થવાનો છે. ગુજરાતના પ્રવાસીઓ હવે રાજસ્થાનના ઐતિહાસિક અને ધાર્મિક સ્થળો સુધી સરળતાથી પહોંચી શકશે, જ્યારે રાજસ્થાનના પ્રવાસીઓ ગુજરાતના વિશ્વપ્રસિદ્ધ પર્યટન સ્થળોની મુલાકાત સરળતાથી લઈ શકશે. સાબરમતી રિવરફ્રન્ટ, મોઢેરા સૂર્ય મંદિર, પાટણની રાણીની વાવ, અમદાવાદના હેરિટેજ વિસ્તારો જેવા સ્થળો તેમજ બીકાનેરનો જૂનાગઢ કિલ્લો, કરણી માતા મંદિર, લાલગઢ પેલેસ અને રણપ્રદેશના પર્યટન સ્થળો વચ્ચેનું અંતર હવે વધુ સુલભ બનશે.

નવી ટ્રેનનો માર્ગ પણ ખૂબ મહત્વનો માનવામાં આવે છે. ટ્રેન સાબરમતીથી પ્રસ્થાન કરીને મહેસાણા, પાટણ, ભીલડી, ધાનેરા, રાણીવાડા, મારવાડ ભીનમાલ, મોદરાન, જાલોર, મોકલસર, સમદડી, લૂણી, જોધપુર, ગોટન, મેઢતા રોડ, નાગૌર, નોખા, બીકાનેર અને લાલગઢ સહિતના મહત્વપૂર્ણ સ્ટેશનો પરથી પસાર થશે. આ માર્ગ પર આવેલા અનેક શહેરો અને તાલુકાઓને સીધી રેલ સેવા મળતાં સ્થાનિક વિકાસને પણ પ્રોત્સાહન મળશે.

લગભગ ૭૪૦ કિલોમીટરનું અંતર કાપનારી આ ટ્રેન શરૂ થતાં અમદાવાદ અને બીકાનેર વચ્ચે દૈનિક એક્સપ્રેસ રેલ સંપર્ક સ્થાપિત થશે. ઉત્તર ગુજરાતના મહેસાણા, પાટણ અને બનાસકાંઠા જિલ્લાઓ તેમજ રાજસ્થાનના જાલોર, બાલોતરા, જોધપુર, નાગૌર અને બીકાનેર જિલ્લાઓના લોકોને તેનો સીધો લાભ મળશે. ખાસ કરીને રોજગાર, અભ્યાસ, વેપાર અને આરોગ્ય સંબંધિત જરૂરિયાતો માટે મુસાફરી કરતા લોકો માટે આ ટ્રેન અત્યંત ઉપયોગી સાબિત થશે.

રેલવે નિષ્ણાતોના મતે આ નવી ટ્રેન બંને રાજ્યો વચ્ચેના આર્થિક સંબંધોને વધુ મજબૂત બનાવશે. કૃષિ ઉત્પાદનો, હસ્તકલા, કાપડ, મસાલા અને અન્ય વેપારિક સામાનની હેરફેરને નવી ગતિ મળશે. સાથે સાથે સ્થાનિક ઉદ્યોગો અને નાના વેપારીઓ માટે નવા બજારો ખુલશે.

ઉલ્લેખનીય છે કે છેલ્લા કેટલાક સમયથી કેન્દ્રીય રેલવે મંત્રી અશ્વિની વૈષ્ણવ દ્વારા રાજસ્થાન અને ગુજરાતમાં રેલવે માળખાકીય સુવિધાઓના વિકાસ પર વિશેષ ભાર મૂકવામાં આવી રહ્યો છે. તાજેતરમાં જોધપુર ખાતે વિવિધ ટ્રેન સેવાઓને લીલી ઝંડી બતાવવામાં આવી હતી અને જેસલમેરમાં આધુનિક કોચ કેર કોમ્પ્લેક્સનું લોકાર્પણ કરવામાં આવ્યું હતું. ઉપરાંત જોધપુર–દિલ્હી કૅન્ટ વંદે ભારત એક્સપ્રેસને ૨૦ કોચ સાથે સંચાલિત કરવાની સુવિધા આપવામાં આવી હતી. સાબરમતી–જોધપુર એક્સપ્રેસનું વિસ્તરણ જેસલમેર સુધી કરવામાં આવ્યું છે, જ્યારે ભુજ–જાલોર–પાલી–દિલ્હી નવી ટ્રેન સેવાના પ્રારંભથી અનેક વિસ્તારોને પ્રથમ વખત સીધી રેલ કનેક્ટિવિટી પ્રાપ્ત થઈ છે.

બીકાનેર–સાબરમતી નવી એક્સપ્રેસ ટ્રેન સેવા માત્ર એક નવી રેલ સેવા નહીં પરંતુ ગુજરાત અને રાજસ્થાન વચ્ચેના સામાજિક, સાંસ્કૃતિક અને આર્થિક સંબંધોને વધુ મજબૂત બનાવનાર એક મહત્વપૂર્ણ સેતુ સાબિત થશે. બંને રાજ્યોના લોકો વચ્ચે સંપર્ક વધશે, પ્રવાસનને પ્રોત્સાહન મળશે અને પ્રાદેશિક વિકાસને નવી દિશા મળશે. રેલવે વિભાગ દ્વારા ટૂંક સમયમાં ટ્રેનના સમયપત્રક અને કામગીરી સંબંધિત વધુ વિગતો જાહેર કરવામાં આવે તેવી અપેક્ષા છે.

 બ્યુરો રિપોર્ટ
ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ, અમદાવાદ