संवाददाता: गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद
अहमदाबाद, 29 जुलाई। पश्चिम रेलवे का अहमदाबाद मंडल भारतीय रेल के आधुनिकीकरण अभियान के तहत एक और बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। देश की माल परिवहन क्षमता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से साबरमती स्थित विद्युत लोको शेड में ₹113.63 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक अनुरक्षण (मेंटेनेंस) अवसंरचना विकसित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद यहां M/s Alstom द्वारा निर्मित 300 उच्च क्षमता वाले WAG-12 मालवाहक विद्युत इंजनों का आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अनुरक्षण किया जा सकेगा।
इसी परियोजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए बुधवार, 29 जुलाई 2026 को पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री वेद प्रकाश ने साबरमती विद्युत लोको शेड का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजना, प्रस्तावित तकनीकी सुविधाओं और भविष्य की कार्ययोजना की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारतीय रेल के सबसे शक्तिशाली इंजनों के लिए तैयार होगा आधुनिक अनुरक्षण केंद्र
WAG-12 इंजन भारतीय रेल के सबसे शक्तिशाली विद्युत मालवाहक इंजनों में गिने जाते हैं। 12,000 हॉर्स पावर क्षमता वाले ये इंजन भारी मालगाड़ियों को लंबी दूरी तक अधिक गति और दक्षता के साथ संचालित करने में सक्षम हैं। ऐसे अत्याधुनिक इंजनों के रखरखाव के लिए विशेष तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता होती है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए साबरमती विद्युत लोको शेड को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में पश्चिम रेलवे के बढ़ते माल परिवहन नेटवर्क की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके।
परियोजना में विकसित होंगी अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं
₹113.63 करोड़ की इस परियोजना के तहत विद्युत लोको शेड में कई आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से—
- विद्युत लोको शेड का व्यापक विस्तार।
- अत्याधुनिक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यशालाएं।
- बोगी ड्रॉप पिट, जिससे इंजन की बोगियों को आसानी से हटाकर मरम्मत की जा सकेगी।
- आधुनिक व्हील अनुरक्षण (Wheel Maintenance) सुविधा।
- पूर्णतः स्वचालित लोको वाशिंग प्लांट।
- आधुनिक ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) प्रणाली।
- विद्युत एवं दूरसंचार से संबंधित नवीनतम आधारभूत संरचना।
- अनुरक्षण कार्यों के लिए उन्नत मशीनरी एवं सुरक्षा उपकरण।
इन सुविधाओं के विकसित होने से अनुरक्षण कार्य पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किए जा सकेंगे।
मालगाड़ियों के संचालन में आएगा बड़ा बदलाव
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद WAG-12 इंजनों की उपलब्धता बढ़ेगी और उनके अनुरक्षण में लगने वाला समय कम होगा। इससे मालगाड़ियों का परिचालन अधिक सुचारु होगा तथा औद्योगिक क्षेत्रों तक माल की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित की जा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक अनुरक्षण सुविधाएं उपलब्ध होने से इंजनों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, तकनीकी खराबियां कम होंगी और रेलवे के परिचालन व्यय में भी कमी आएगी। इससे पश्चिम रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
डीआरएम ने किया तकनीकी निरीक्षण, दिए महत्वपूर्ण निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने प्रस्तावित रेल लाइन लेआउट, अनुरक्षण व्यवस्था तथा निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ तकनीकी विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि साबरमती विद्युत लोको शेड का विकास देश के प्रमुख विद्युत लोको शेडों—नागपुर, दाहोद, रोज़ा और सहारनपुर—की सर्वोत्तम प्रणालियों और आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप किया जाए।
उन्होंने कहा कि अनुरक्षण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा, विश्वसनीयता, कार्यकुशलता और आधुनिक तकनीक का समुचित समावेश होना चाहिए, ताकि यह लोको शेड भविष्य की आवश्यकताओं को भी सहजता से पूरा कर सके।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा निर्माण
डीआरएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले वर्तमान लेआउट योजना में आवश्यक तकनीकी संशोधन और सुधार शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य में माल परिवहन की बढ़ती मांग को देखते हुए ऐसा अनुरक्षण केंद्र विकसित किया जाए, जहां विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं भी बनी रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहे, बल्कि आगामी वर्षों की तकनीकी चुनौतियों और रेलवे के विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार की जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुत की परियोजना की प्रगति रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल मैकेनिकल इंजीनियर (लोको शेड) श्री एस.पी. गुप्ता सहित अहमदाबाद मंडल के वरिष्ठ अधिकारी एवं साबरमती विद्युत लोको शेड के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने डीआरएम को परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, प्रस्तावित सुविधाओं तथा आगामी चरणों की विस्तृत जानकारी दी।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
पश्चिम रेलवे के लिए साबित होगी बड़ी उपलब्धि
रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार, साबरमती विद्युत लोको शेड का यह आधुनिकीकरण पश्चिम रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। आधुनिक अनुरक्षण सुविधाओं से न केवल WAG-12 इंजनों का रखरखाव बेहतर होगा, बल्कि मालगाड़ियों की उपलब्धता और परिचालन दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद पश्चिम रेलवे देश के उन चुनिंदा रेल मंडलों में शामिल होगा, जहां विश्वस्तरीय अनुरक्षण सुविधाओं से लैस विद्युत लोको शेड उपलब्ध होंगे। इससे गुजरात सहित पश्चिम भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय रेल माल परिवहन का लाभ मिलेगा तथा भारतीय रेल के आधुनिकीकरण अभियान को भी नई गति प्राप्त होगी।






बाला हनुमान मंदिर, सरसपुर चरण पादुका महोत्सव समिति के आयोजक हेमेन्द्र बागड़ी ने बताया कि लगातार दूसरे वर्ष चरणपादुका पूजन भी पारंपरिक रूप से सरसपुर में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ अपने मामा के घर आते हैं और उन्हें चरण पादुका पहनाकर श्रद्धालु स्वयं को कृतार्थ मानते हैं। गांव की जनता द्वारा स्वैच्छिक रूप से भगा भगत पोल में भात अर्पित करने की परंपरा का पुनर्जीवन पूरे सरसपुर के लिए गौरव का विषय है। साथ ही रणछोड़ मंदिर चौराहे पर भी पूर्ववत भात का आयोजन होगा।









