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पंचायत में सुलझा पारिवारिक विवाद, आपसी सहमति से हुआ समझौता

मथुरा। सामाजिक एकता और आपसी संवाद की मिसाल पेश करते हुए के.एम. विश्वविद्यालय स्थित मंदिर प्रांगण में आयोजित पंचायत में एक लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कर लिया गया। इस पहल को ग्रामीणों ने सराहा और इसे समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण बताया।
जानकारी के अनुसार नगला देवा (बंजारा) गांव के एक ही परिवार के सदस्यों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। पंचायत में दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी गई। गहन चर्चा और समझाइश के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति से सुलह के लिए तैयार हो गए।
इस पंचायत में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि देवी सिंह (डीएम साहब) ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मध्यस्थता करते हुए दोनों पक्षों के बीच चल रहे मनमुटाव को खत्म कराया और सौहार्दपूर्ण माहौल में विवाद का अंत कराया।
पंचायत की अध्यक्षता नगला देवा बंजारा के ग्राम प्रधान तेज सिंह द्वारा की गई। इस दौरान भोरपा, नगला सौंसा और नगला छींगा सहित आसपास के गांवों के संभ्रांत लोग भी मौजूद रहे।
पंचायत में उपस्थित ग्रामीणों—गिर्राज सिंह, बलवीर सिंह, मोहन सिंह, रामसरण, दिगम्बर सिंह, प्रीतम सिंह, राम सिंह, निरुपत सिंह, निरंजन सिंह, नेकराम, महेन्द्र सिंह, अंगद सिंह, चन्द्रभान, कृष्णा कुंतल, रत्न पुजारी, जफरे, महेश, सुरेश, कमल सिंह, शेर सिंह सहित दर्जनों लोगों—ने इस समाधान का स्वागत किया।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे विवादों को अदालतों में ले जाने के बजाय पंचायत स्तर पर सुलझाना समाज में भाईचारा और एकता को मजबूत करता है
यह पंचायत न केवल एक पारिवारिक विवाद का समाधान है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि संवाद और समझदारी से बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकाला जा सकता है।
रिपोर्ट: प्रेम सिंह कुंतल
गुजरात प्रवासी न्यूज़, मथुरा

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गौ-सेवा के जरिए पशु संरक्षण का संदेश, जिला पंचायत अध्यक्ष की पहल बनी मिसाल

मथुरा। ब्रजभूमि में गौ-सेवा की परंपरा को सशक्त करते हुए किशन चौधरी ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। गुरुवार को के.एम. विश्वविद्यालय परिसर स्थित गौशाला में पहुंचकर उन्होंने न केवल गौ-वंश की सेवा की, बल्कि पशु संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया।
गौशाला भ्रमण के दौरान किशन चौधरी का संवेदनशील और स्नेहपूर्ण रूप देखने को मिला। उन्होंने वहां जन्मे एक नन्हे बछड़े को अपनी गोद में उठाकर दुलार किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक पल बन गया। इसके साथ ही उन्होंने गौ-माताओं को अपने हाथों से गुड़ और चना खिलाया, जो उनकी आस्था और जुड़ाव को दर्शाता है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ-सेवा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि यह मानवता, करुणा और सह-अस्तित्व का प्रतीक है।
उन्होंने कहा—“जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से गौ-सेवा करता है, उसे मानसिक शांति के साथ-साथ आध्यात्मिक संतोष भी प्राप्त होता है।”
निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने प्रबंधन को निर्देश दिए कि गौ-वंश के लिए नियमित पौष्टिक आहार, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही उन्होंने साफ-सफाई और पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ चेकअप) को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी या असुविधा से बचाव हो सके।
किशन चौधरी ने युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे भी अपने सामर्थ्य अनुसार गौ-सेवा और पशु संरक्षण के कार्यों में भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि इससे समाज में करुणा, संवेदनशीलता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा
यह पहल न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी एक मजबूत संदेश देती है। ब्रज की भूमि पर इस तरह के कार्य समाज को एक सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं।
रिपोर्ट: प्रेम सिंह कुंतल
गुजरात प्रवासी न्यूज़, मथुरा

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कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का औचक निरीक्षण: नजूल तहसील और बैरागढ़ में राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा

ब्रेकिंग न्यूज़ | भोपाल

भोपाल, 16 अप्रैल 2026
प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर भोपाल ने शहर की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तहसील नजूल शहर वृत्त तथा संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) क्षेत्र का विस्तृत एवं औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य राजस्व कार्यों की प्रगति, लंबित प्रकरणों की स्थिति और आमजन को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना था।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालयों में रखे गए रिकॉर्ड की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि कुछ मामलों में दस्तावेजों के संधारण और अद्यतन प्रक्रिया को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी रिकॉर्ड को व्यवस्थित, अद्यतन और डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जाए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध हो सके।
लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
कलेक्टर मिश्रा ने आम नागरिकों से जुड़े कार्यों—जैसे नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व सेवाओं—में पारदर्शिता और गति बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक-अनुकूल बनाया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता बरती जाए और हर नागरिक को सम्मानपूर्वक एवं समय पर सेवा प्रदान की जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्य निष्पादन की गुणवत्ता का भी आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को टीम वर्क के साथ कार्य करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए आमजन को राहत पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड विजिट आवश्यक हैं।
इस अवसर पर तहसीलदार आलोक पारे, हर्ष विक्रम सिंह, अंकिता यादव, प्रेम प्रकाश गोस्वामी एवं के.के. पंडौले सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे और कलेक्टर को विभिन्न कार्यों की प्रगति से अवगत कराया।
कलेक्टर का यह निरीक्षण प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि आम नागरिकों को भी बेहतर और तेज सेवाएं मिलने की संभावना मजबूत हुई है।
रिपोर्ट/चैनल हेड: पंकज गुप्ता
जिला: जालौन (उरई), उत्तर प्रदेश
गुजरात प्रवासी न्यूज, अहमदाबाद

खण्डेलवाल वैश्य धाम जागरण भारत यात्रा का तीसरे चरण का आगाज़, चोमू में हुआ भव्य स्वागत

खण्डेला/चोमू। खण्डेलवाल वैश्य समाज के प्रमुख तीर्थस्थल “खण्डेलवाल वैश्य धाम” (खण्डेला-धाम) के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निकाली जा रही “खण्डेलवाल वैश्य धाम जागरण भारत रथ यात्रा” के तीसरे चरण का शुभारंभ बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:15 बजे गणेश मंदिर, खण्डेला धाम (जिला सीकर, राजस्थान) से किया गया।
यह यात्रा संस्थापक एवं आजीवन मैनेजिंग ट्रस्टी पुरुषोत्तम गुप्ता, अध्यक्ष आर.सी. गुप्ता (झालाणी) तथा महामंत्री रमेशचन्द्र खण्डेलवाल (जोधपुर) के नेतृत्व में प्रारंभ हुई। यात्रा का उद्देश्य देशभर में खण्डेलवाल समाज को उनके मूल तीर्थस्थान एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
अखिल भारत वर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, चोमू निवासी प्रो. रमेश कुमार रावत ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए गैंगटोक से फोन पर आयोजकों को शुभकामनाएं और साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा समाज के विकास और एकजुटता मेंमहत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यात्रा 16 अप्रैल को चोमू स्थित खंडेलवाल धर्मशाला पहुंची, जहां समाज के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान अध्यक्ष मुकेश खुटेटा, उपाध्यक्ष गोविन्द झालानी, मंत्री वीरेंद्र खंडेलवाल, संयुक्त मंत्री रमेश डगायच, कोषाध्यक्ष नवीन कासलीवाल सहित अनेक वरिष्ठ सदस्य एवं समाजबंधु उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा के दौरान रथ में विराजमान 72 गौत्रों की 37 कुलदेवी माताओं, भगवान गणेश, भगवान शिव, हनुमानजी, कालभैरव, गंगा माता, सरस्वती माता तथा समाज के संत सुंदरदास जी एवं बलरामदास जी महाराज की विधिवत आरती एवं भोग लगाया गया। साथ ही समाज के इतिहास, तीर्थ और कुलदेवियों के महत्व की जानकारी भी दी गई।
इस जागरण यात्रा के पहले और दूसरे चरण में यह गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के कई प्रमुख शहरों—उदयपुर, जोधपुर, अजमेर, किशनगढ़, बालोतरा, सिरोही और पाली सहित अनेक स्थानों तक पहुंच चुकी है।
समाज के लोगों में इस यात्रा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है और इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

Launch of the Third Phase of ‘Khandelwal Vaishya Dham Jagran Bharat Yatra’

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Khandela/Chomu, April 16, 2026:
The third phase of the “Khandelwal Vaishya Dham (Khandela-Dham) Jagran Bharat Rath Yatra” was formally launched on Wednesday, April 15, 2026, at 12:15 PM from the Ganesh Temple at Khandela Dham in Khandela village, District Sikar, Rajasthan—the place of origin of the Khandelwal Vaishya community.
The Yatra aims to create awareness about the community’s sacred pilgrimage site, Khandelwal Vaishya Dham, and to strengthen cultural and spiritual unity across the country. The launch took place under the leadership of Founder and Lifetime Managing Trustee Purushottam Gupta, President R.C. Gupta (Jhalani), and General Secretary Ramesh Chandra Khandelwal (Jodhpur).
Professor Ramesh Kumar Rawat, National Spokesperson and Media In-charge of the Akhil Bharat Varshiya Khandelwal Vaishya Mahasabha and a resident of Ashok Vihar Colony, Chomu, lauded the initiative as a commendable step. Speaking over the phone from Gangtok, he extended his best wishes and congratulations to the leadership, stating that the Yatra would significantly contribute to the social and cultural development of the community.
Continuing its journey, the Yatra reached the Khandelwal Dharamshala in Chomu on April16, where it received a warm and grand welcome from members of the local community.
Prominent attendees included President Mukesh Khuteta, Vice President Govind Jhalani, Secretary Virendra Khandelwal, Joint Secretary Ramesh Dagayach, Treasurer Naveen Kasliwal, and Patrons Amar Chand Rawat, Om Prakash Kasliwal, Mool Chand Dusad, Kailash Sethi, and Mahendra Tambolia. They were joined by former President Jugal Dagayach and several respected community members, along with a large number of women who participated enthusiastically in the Welcome Ceremony.
During the event, an Aarti was performed and Bhog was offered to the deities enshrined in the Yatra Rath. These included:
  • 37 Kuldevi Matash representing all 72 gotras of the community
  • Lord Ganesha, Lord Shiva, Lord Hanuman, and Lord Kalbhairav
  • Mother Ganga and Mother Saraswati
  • Revered saints Sundardas Ji and Balaramdas Ji Maharaj
The Yatra also served as a platform to disseminate important information about the community’s pilgrimage traditions, heritage, and spiritual lineage.
In its first and second phases, the Jagran Bharat Yatra has already covered several regions across Gujarat, Maharashtra, and multiple districts of Rajasthan, including Udaipur, Jodhpur, Ajmer, Kishangarh, Balotra, Sirohi, and Pali.
The ongoing third phase is expected to further expand its reach nationwide, reinforcing unity and awareness within the Khandelwal Vaishya community.
Report: Bureau, Gujarat Pravasi News, Ahmedabad
Website: www.gujaratpravasi.com

ખંડેલવાલ વૈશ્ય ધામ જાગરણ ભારત યાત્રાનો ત્રીજો તબક્કો શરૂ, ચોમુમાં ભવ્ય આવકાર

16 એપ્રિલ 2026 
ખંડેલા/ચોમુ, 
ખંડેલવાલ વૈશ્ય સમાજના ઉદ્ભવસ્થાન રાજસ્થાનના સીકર જિલ્લાના ખંડેલા ગામમાં આવેલ પવિત્ર તીર્થસ્થળ “ખંડેલવાલ વૈશ્ય ધામ (ખંડેલા ધામ)” અંગે દેશવ્યાપી જાગૃતિ લાવવા માટે “ખંડેલવાલ વૈશ્ય ધામ જાગરણ ભારત રથ યાત્રા”ના ત્રીજા તબક્કાનો ભવ્ય પ્રારંભ કરવામાં આવ્યો છે.
આ યાત્રાનો પ્રારંભ બુધવાર, 15 એપ્રિલ 2026ના રોજ બપોરે 12:15 વાગ્યે ખંડેલા ધામના ગણેશ મંદિરથી કરવામાં આવ્યો હતો. યાત્રાને સ્થાપક અને આજીવન મેનેજિંગ ટ્રસ્ટી પુરુષોત્તમ ગુપ્તા, પ્રમુખ આર.સી. ગુપ્તા (ઝાલાની) તથા મહાસચિવ રમેશચંદ્ર ખંડેલવાલ (જોધપુર)**ના નેતૃત્વમાં રાષ્ટ્રીય સ્તરે આગળ વધારવામાં આવી રહી છે.
આ યાત્રાનો મુખ્ય હેતુ ખંડેલવાલ વૈશ્ય સમાજને તેમના મૂળ તીર્થસ્થળ, સંસ્કૃતિ અને પરંપરાઓ સાથે ફરીથી જોડવાનો છે. સાથે જ સમાજમાં એકતા અને આધ્યાત્મિક જાગૃતિ લાવવાનો પણ પ્રયાસ છે.
અખિલ ભારતીય ખંડેલવાલ વૈશ્ય મહાસભાના રાષ્ટ્રીય પ્રવક્તા અને મીડિયા ઇન્ચાર્જ તેમજ ચોમુના અશોક વિહાર કોલોનીના રહેવાસી પ્રોફેસર રમેશ કુમાર રાવતે આ પહેલને અત્યંત પ્રશંસનીય ગણાવી હતી. ગંગટોકથી ફોન પર વાતચીત દરમિયાન તેમણે યાત્રાના આગેવાનોને શુભેચ્છાઓ પાઠવી અને જણાવ્યું કે આ યાત્રા સમાજના સર્વાંગી વિકાસમાં મહત્વપૂર્ણ યોગદાન આપશે.
યાત્રા 16 એપ્રિલે ચોમુ સ્થિત ખંડેલવાલ ધર્મશાળાએ પહોંચતાં જ સ્થાનિક સમાજ દ્વારા ભવ્ય સ્વાગત કરવામાં આવ્યું હતું. સમગ્ર વિસ્તાર ભક્તિભાવ અને ઉત્સાહથી ગુંજી ઉઠ્યો હતો.
આ પ્રસંગે ચોમુ ખંડેલવાલ સમાજના પ્રમુખ મુકેશ ખુટેટા, ઉપપ્રમુખ ગોવિંદ ઝાલાની, મંત્રી વીરેન્દ્ર ખંડેલવાલ, સંયુક્ત મંત્રી રમેશ દગાયચ, ખજાનચી નવીન કાસલીવાલ, તેમજ આશ્રયદાતા અમરચંદ રાવત, ઓમપ્રકાશ કાસલીવાલ, મૂલચંદ દુસાદ, કૈલાશ સેઠી, મહેન્દ્ર તંબોલિયા સહિતના આગેવાનો ઉપસ્થિત રહ્યા હતા.
પૂર્વ પ્રમુખ જુગલ દગાયચ સહિત સમાજના અનેક આગેવાનો, યુવાનો અને મોટી સંખ્યામાં મહિલાઓએ યાત્રાનું ભવ્ય સ્વાગત કર્યું હતું.
યાત્રા દરમિયાન રથમાં સ્થાપિત દેવતાઓની વિધિવત આરતી ઉતારી અને ભોગ અર્પણ કરવામાં આવ્યો હતો. તેમાં સમાજના 72 ગોત્રોની 37 કુલદેવી માતાઓ સાથે ભગવાન ગણેશજી, ભગવાન શિવ, હનુમાનજી, કાલભૈરવ, ગંગા માતા, સરસ્વતી માતા તથા સંત સુંદરદાસજી અને બલરામદાસજી મહારાજનો સમાવેશ થાય છે.
આ સાથે સમાજના તીર્થસ્થળો, પરંપરાઓ અને કુલદેવી માતાઓ વિશે મહત્વપૂર્ણ માહિતી આપવામાંઆવી, જેથી યુવા પેઢી પોતાના મૂળ સાથે જોડાઈ શકે.
જાગરણ ભારત યાત્રાના પહેલા અને બીજા તબક્કામાં તે ગુજરાત, મહારાષ્ટ્ર તેમજ રાજસ્થાનના ઉદયપુર, જોધપુર, અજમેર, કિશનગઢ, બાલોત્રા, સિરોહી અને પાલી સહિત અનેક શહેરોમાં પહોંચી ચૂકી છે.
હવે ત્રીજા તબક્કા હેઠળ યાત્રા દેશના વિવિધ વિસ્તારોમાં જઈને સમાજમાં એકતા, સંસ્કૃતિ અને ધાર્મિક જાગૃતિનો સંદેશ ફેલાવશે.
રિપોર્ટ: બ્યુરો, ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ, અમદાવાદ
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अवैध खनन के डंपर का कहर: फरह में दर्दनाक हादसा, एक पैदल यात्री को टक्कर, बाइक सवार गंभीर

मथुरा | फरह क्षेत्र से विशेष रिपोर्ट
मथुरा जनपद के फरह क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े डंपरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, गोवर्धन नाले की ओर से एक तेज रफ्तार डंपर उल्टी दिशा में आ रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे चल रहे एक पैदल व्यक्ति को उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि पास से गुजर रहा एक बाइक सवार भी इसकी चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के तुरंत बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा बेहद भयावह था और कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डंपर चालक की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध खनन का काम धड़ल्ले से चल रहा है। इससे जुड़े डंपर:
  • गलत दिशा में चलते हैं
  • तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं
  • ओवरलोडिंग करते हैं
इन लापरवाहियों के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि:

“जब तक अवैध खनन और बेलगाम डंपरों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।”

क्या प्रशासन अवैध खनन माफियाओं पर लगाम लगा पाएगा?
या फिर इसी तरह आम लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी?
रिपोर्ट: राहुल शर्मा
चैनल हेड: गुजरात प्रवासी न्यूज़
स्थान: मथुरा

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बाबा भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम और प्रेरणा के साथ संपन्न

झबरेड़ा, हरिद्वार (उत्तराखंड): पीएम राजकीय इंटर कॉलेज, लाठरदेवाहूण के प्रांगण में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी निभा
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। प्रधानाचार्य एवं समस्त शिक्षकों ने उन्हें नमन करते हुए उनके द्वारा समाज के लिए किए गए महान कार्यों को याद किया। विद्यालय के प्रवक्ता जितेंद्र पवार ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनके समर्पण तथा सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि बाबा साहेब का जीवन कठिन परिस्थितियों के बावजूद निरंतर संघर्ष और आत्मविश्वास का उदाहरण है। उन्होंने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं
 
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं—जागृति, रिया, प्रियांशी एवं मानसी—ने प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। उन्होंने बाबा साहेब के जीवन, उनके योगदान और संविधान निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित सभी लोगों को प्रेरित किया। उनके आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति शैली ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी।
इस अवसर पर बीना देवी, जितेंद्र पवार, अलका रानी, मानसी तोमर, सूरजभान, उस्मान, अनु, सुषमा एवं आलोक द्विवेदी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने और समाज में समानता एवं शिक्षा का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक समानता, शिक्षा के महत्व और संविधान के प्रति जागरूकता पैदा करना था। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का विकास होता है, बल्कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हैं।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों केलिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।
रिपोर्ट: सह संपादक डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
स्थान: हरिद्वार (झबरेड़ा)
गुजरात प्रवासी न्यूज, हरिद्वार

સાવરકુંડલામાં ‘હિન્દવઃ સોદરા સર્વે’ના નાદ સાથે ઉમટ્યો જનસમુદ્ર ડૉ. આંબેડકર સામાજિક સમરસતા યાત્રાનું ઐતિહાસિક સ્વાગત

સાવરકુંડલા: સમગ્ર ગુજરાત અને સૌરાષ્ટ્રમાં સામાજિક એકતાનો સંદેશ પ્રસરાવતી ડૉ. ભીમરાવ આંબેડકર સામાજિક સમરસતા યાત્રા સાવરકુંડલા શહેરમાં પ્રવેશતા જ વિશાળ જનસમુદ્ર ઉમટી પડ્યો હતો। શહેરના મુખ્ય માર્ગો લોકોના મહાસાગરથી છલકાઈ ઉઠ્યા હતા અને  હિન્દવઃ સોદરા સર્વે”*ના ગગનભેદી નાદ સાથે સમગ્ર વાતાવરણ રાષ્ટ્રભાવના અને ભક્તિભાવથી ગુંજી ઉઠ્યું હતું।આ યાત્રા વિશ્વ હિન્દુ પરિષદ દ્વારા આયોજિત છે અને ગુજરાત ક્ષેત્રના સમરસતા પ્રમુખ રસેશભાઈ રાવલના માર્ગદર્શન હેઠળ આગળ વધી રહી છે। તેમના પ્રેરણાદાયી માર્ગદર્શન હેઠળ યાત્રાનો મુખ્ય હેતુ સમાજમાં રહેલા જાતિભેદ અને અસમાનતાને દૂર કરી એકતા અને સમરસતા સ્થાપિત કરવાનો છે।સાવરકુંડલાના મુખ્ય રાજમાર્ગો પર નીકળેલી ભવ્ય શોભાયાત્રામાં યુવાનો, વડીલો અને માતૃશક્તિ મોટી સંખ્યામાં જોડાયા હતા। ધ્વજ, બેનરો, ઢોલ-નગારા અને ગગનભેદી સૂત્રોચ્ચારો સાથે સમગ્ર નગર ઉત્સવમય બની ગયો હતો।યાત્રાના માર્ગમાં ઠેર-ઠેર સામાજિક અને ધાર્મિક સંસ્થાઓ દ્વારા પુષ્પવર્ષા કરીને યાત્રાનું ભવ્ય સ્વાગત કરવામાં આવ્યું હતું। નગરજનો દ્વારા ડૉ. ભીમરાવ આંબેડકરની પ્રતિમા અને રથને ભાવપૂર્વક નમન કરી શ્રદ્ધાંજલિ અર્પણ કરવામાં આવી।આ પ્રસંગે રસેશભાઈ રાવલે જણાવ્યું કે સમાજમાં ઊંચ-નીચના કૃત્રિમ ભેદભાવોને દૂર કરી સમાનતા અને એકતાનું નિર્માણ કરવું સમયની જરૂરિયાત છે। તેમણે ભારપૂર્વક કહ્યું કે બાબાસાહેબના સમાનતાના સ્વપ્નને સાકાર કરવા માટે સમગ્ર સમાજનું સંગઠિત થવું અનિવાર્ય છે।આ કાર્યક્રમમાં યાત્રા સંયોજક આલકુભાઈ ખુમાણ, જિલ્લા અધ્યક્ષ વિપુલભાઈ પરમાર, જિલ્લા ઉપાધ્યક્ષ મગનભાઈ બારૈયા, જિલ્લા સહમંત્રી વિનોદભાઈ પરમાર, ધર્માચાર્ય સંપર્ક પ્રમુખ સુમિતભાઈ મશરૂ, જિલ્લા સમરસતા સંયોજક પ્રીતેશભાઈ તેમજ નગરમંત્રી જતીનભાઈ ઠાકર સહિતના આગેવાનો ઉપસ્થિત રહ્યા હતા। તમામ પદાધિકારીઓએ ખભેખભા મિલાવી યાત્રાનું સુચારુ સંચાલન કર્યું હતું।સ્થાનિક સાધુ-સંતો અને અગ્રણીઓએ પણ ઉપસ્થિત રહી *“હિન્દુ હિન્દુ ભાઈ ભાઈ, જાતપાતનો ત્યાગ કરો”*ના નારા સાથે સામાજિક સમરસતાનો સંકલ્પ લીધો હતો।આ યાત્રા માત્ર એક કાર્યક્રમ નહીં પરંતુ સમાજમાં સમાનતા, ભાઈચારો અને એકતા મજબૂત બનાવવાનો સશક્ત પ્રયાસ બની રહી છે। સાવરકુંડલામાં મળેલું ભવ્ય સ્વાગત એ દર્શાવે છે કે લોકોમાં સામાજિક સમરસતા પ્રત્યે ઊંડો ઉત્સાહ અને સમર્પણ છે।રિપોર્ટ: બ્યુરો ચીફ સતીશ બી. પાંડે
સ્થળ: સાવરકુંડલા (ગુજરાત)
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एनसीसी मिनिस्ट्रियल अधिकारी एवं कर्मचारी सर्विस, उत्तराखंड का तृतीय द्विवार्षिक अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न

रुड़की, हरिद्वार (उत्तराखंड): एनसीसी मिनिस्ट्रियल अधिकारी एवं कर्मचारी सर्विस एसोसिएशन, उत्तराखंड का तृतीय द्विवार्षिक अधिवेशन रुड़की में बड़े ही भव्य और सफल आयोजन के साथ संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।
अधिवेशन का आयोजन संगठन की गतिविधियों की समीक्षा, भविष्य की रणनीति तय करने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष विक्रम सिंह रावत, जिला हरिद्वार मिनिस्ट्रियल संगठन के अध्यक्ष सईद अहमद, जिला महामंत्री रोहित शर्मा, मेडिकल बोर्ड के अध्यक्ष मनोज नवानी सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अधिवेशन के प्रथम सत्र में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, गन्ना विकास सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्याम वीर सैनी, नगर निगम रुड़की की महापौर अनीता ललित अग्रवाल तथा माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) शोभाराम प्रजापति ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
अपने संबोधनों में अतिथियों ने कर्मचारी संगठनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में मिनिस्ट्रियल वर्ग की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कर्मचारियों के हितों की रक्षा, पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
द्वितीय सत्र में एनसीसी मिनिस्ट्रियल वर्ग के वार्षिक चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत संपन्न कराए गए। चुनाव संचालन में मुकेश बहुगुणा, विक्रम सिंह रावत, कुलदीप बिष्ट एवं मनोज नवानी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चुनाव के उपरांत नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें—
  • नवीन सिंह ढैला को प्रांतीय अध्यक्ष
  • कपूर को प्रांतीय उपाध्यक्ष
  • सुखबीर सिंह रावत को प्रांतीय सचिव
  • जावेद अहमद को कोषाध्यक्ष
  • भुवन भास्कर बिष्ट को सह सचिव
  • संतोष भट्ट को संप्रेक्षक निर्वाचित किया गया।
निर्वाचित पदाधिकारियों को मुकेश बहुगुणा द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के बाद आयोजित पहली बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष नवीन सिंह ढैला ने सुभाष जगूड़ी को मुख्य संरक्षक नियुक्त किया।
अधिवेशन में नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, देहरादून और रुड़की सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अनेक सदस्यों ने अपने विचार साझा किए और संगठन की मजबूती के लिए सुझाव प्रस्तुत किए।
नवनियुक्त प्रांतीय अध्यक्ष नवीन सिंह ढैला ने अपने संबोधन में सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प दोहराया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ अधिवेशन का सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह अधिवेशन न केवल संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक बना, बल्कि भविष्य की कार्ययोजना तय करने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।
रिपोर्ट: सह संपादक डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
स्थान: हरिद्वार (रुड़की)
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