टीकमगढ़, मध्य प्रदेश।
अभियान के तहत विभागीय टीम ने गांव के आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक शाला में पेयजल स्रोतों का एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से परीक्षण किया। इस परीक्षण के जरिए पानी की गुणवत्ता की त्वरित जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। यह पहल जलजनित बीमारियों की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसके साथ ही, जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम की पांच महिलाओं को जल परीक्षण और जल संरक्षण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को इस योग्य बनाया गया है कि वे स्वयं पानी की गुणवत्ता की जांच कर सकें और गांव के अन्य लोगों को भी स्वच्छ जल के महत्व के प्रति जागरूक कर सकें।
जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से प्रशासन न केवल पेयजल की गुणवत्ता पर ध्यान दे रहा है, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता और सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा दे रहा है। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित हो रहा है।
रिपोर्ट/चैनल हेड: पंकज गुप्ता
जिला: जालौन (उरई), उत्तर प्रदेश
गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद










किया।

जिलाध्यक्ष निर्भय पांडे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि 







