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विश्व रक्तदाता दिवस पर मानवता की मिसाल एनसीसी कैडेट्स और शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान

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विश्व रक्तदाता दिवस पर मानवता की मिसाल एनसीसी कैडेट्स और शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान

रुड़की, हरिद्वार (उत्तराखंड), 14 जून। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के तत्वावधान में कैसल व्यू होटल, रामनगर, रुड़की में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में एनसीसी कैडेट्स एवं शहर के जागरूक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानवता और सामाजिक सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। समाचार लिखे जाने तक शिविर में 88 यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया जा चुका था तथा रक्तदान का क्रम निरंतर जारी था।

रक्तदान शिविर का उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और एनसीसी कैडेट्स की सहभागिता देखने को मिली। शिविर का वातावरण सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 84 उत्तराखंड वाहिनी एनसीसी के कमान अधिकारी कर्नल जगदीश अलमिया ने अपने संबोधन में रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी दुर्घटना, गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति में रक्त ही जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम बनता है। उन्होंने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त तीन लोगों के जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।

कर्नल अलमिया ने बताया कि रक्तदान केवल समाज सेवा ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी है। इससे शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, रक्त संचार बेहतर होता है तथा हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम कम होता है। उन्होंने कहा कि आने वाले मानसून और गर्मी के मौसम में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य बीमारियों के कारण रक्त की मांग बढ़ जातीहै, ऐसे समय में रक्त भंडारण की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

कैसल व्यू होटल के डायरेक्टर प्रणय प्रताप सिंह ने रक्तदान के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान करने से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है, जिससे हृदय रोगों की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि एक बार रक्तदान करने से लगभग 650 कैलोरी तक ऊर्जा खर्च होती है, क्योंकि शरीर नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करता है। इसके अतिरिक्त रक्तदान से पूर्व होने वाली स्वास्थ्य जांच के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाने में भी सहायता मिलती है।

शिविर में विशेष रूप से पहुंचे पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल ने युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान एक ऐसा कार्य है जो सीधे किसी व्यक्ति को जीवनदान देता है। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं सीओ सिटी ओशिन जोशी ने स्वयं रक्तदान कर उपस्थित युवाओं और नागरिकों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के प्रति लोगों में अभी भी कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती।

रक्तदान शिविर के सफल संचालन में रुड़की ब्लड सेंटर के संचालक अखिल सैनी और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त समाजसेवी संस्था हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। प्रशिक्षण अधीक्षक रवि कपूर ने शिविर की व्यवस्थाओं का समन्वय संभाला।

कार्यक्रम में रक्तदान शिविर के नोडल अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) नवीन कुमार एवं सह नोडल अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) अपर्णा शर्मा ने रक्तदान प्रक्रिया की निगरानी की। इस अवसर पर कैप्टन सुशील कुमार आर्य, सेकंड ऑफिसर अनुज कुमार, सूबेदार मेजर अमर सिंह, एक्स बीएचएम सतेंद्र सिंह, नायक अभिषेक चौधरी, केयरटेकर वंदना चौहान, प्रियंका प्रजापति तथा अर्चना देवी त्यागी सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

रक्तदान करने वालों में मोहन शर्मा, एसयूओ रजत रावत, कशिश चौहान, ख्वाहिश सिंह आर्या, ऋचा तोमर, नवाजिश तथा अन्य कई युवा शामिल रहे, जिन्होंने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आयोजित यह शिविर न केवल रक्त संग्रह की दृष्टि से सफल रहा, बल्कि समाज में रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने में भी प्रभावी साबित हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे सरल और सर्वोत्तम माध्यम है तथा प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

रिपोर्ट : डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
सह संपादक
गुजरात प्रवासी न्यूज़, हरिद्वार

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