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बीकानेर–साबरमती नई एक्सप्रेस ट्रेन जल्द होगी शुरू ,रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दिखाएंगे हरी झंडी

अहमदाबाद/बीकानेर। गुजरात और राजस्थान के लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय रेलवे जल्द ही अहमदाबाद (साबरमती) और बीकानेर (लालगढ़) के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू करने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस बहुप्रतीक्षित रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। नई ट्रेन के शुरू होने से दोनों राज्यों के बीच सीधा, तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल संपर्क स्थापित होगा, जिससे यात्रियों को यात्रा में काफी राहत मिलेगी।

 

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह नई एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम भारत के दो महत्वपूर्ण राज्यों गुजरात और राजस्थान के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगी। वर्तमान में बड़ी संख्या में यात्री व्यापार, रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के लिए दोनों राज्यों के बीच यात्रा करते हैं। नई रेल सेवा से इन यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ

नई साबरमती–बीकानेर एक्सप्रेस दोनों राज्यों के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ने का कार्य करेगी। गुजरात आने वाले पर्यटक अब आसानी से साबरमती रिवरफ्रंट, मोढेरा सूर्य मंदिर, पाटन की विश्व प्रसिद्ध रानी की वाव तथा अहमदाबाद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का आनंद ले सकेंगे। वहीं राजस्थान के बीकानेर क्षेत्र में स्थित जूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर, लालगढ़ पैलेस तथा मरुस्थलीय पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेल सेवा के शुरू होने से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा दोनों राज्यों के पर्यटन उद्योग को नई गति प्राप्त होगी। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार से जुड़े लोगों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

नई ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन और बनासकांठा जिलों के लाखों लोगों को लाभ पहुंचाएगी। वहीं राजस्थान के जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर जिलों के यात्रियों के लिए भी यह रेल सेवा बेहद उपयोगी साबित होगी।

प्रस्तावित प्रमुख ठहरावों में साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनमाल, मोदरान, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर ठहराव मिलने से क्षेत्रीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी।

विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को राहत

लगभग 740 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद बीकानेर और अहमदाबाद के बीच दैनिक रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा। बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए गुजरात और राजस्थान के विभिन्न शहरों में आते-जाते हैं। इसके अलावा नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, उद्योगपति और प्रवासी परिवार भी इस मार्ग का उपयोग करते हैं।

नई दैनिक ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को वैकल्पिक और सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेगा। व्यापारियों को माल एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार में सहायता मिलेगी, जबकि नौकरीपेशा लोगों को नियमित आवागमन में सुविधा होगी।

आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति

रेल विशेषज्ञों के अनुसार यह नई रेल सेवा उत्तर गुजरात और पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कृषि उत्पादों, डेयरी उद्योग, कपड़ा व्यापार, खनिज उद्योग और लघु उद्योगों से जुड़े व्यापारियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।

रेल संपर्क बेहतर होने से निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही स्थानीय बाजारों को राष्ट्रीय स्तर के व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

राजस्थान को लगातार मिल रही हैं नई रेल सौगातें

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पिछले कुछ समय से राजस्थान में रेलवे के विकास को लेकर लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने जोधपुर से कई नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई तथा जैसलमेर में आधुनिक कोच केयर कॉम्पलेक्स का शुभारंभ किया।

इसी दौरान जोधपुर–दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोचों के साथ संचालित करने की घोषणा की गई। साथ ही साबरमती–जोधपुर एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक किया गया, जिससे पश्चिमी राजस्थान के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्राप्त हुई।

इसके अतिरिक्त जालौर से भुज–जालौर–पाली–दिल्ली नई रेल सेवा का शुभारंभ किया गया, जिससे जालौर, पाली और आसपास के क्षेत्रों को पहली बार दिल्ली तथा भुज से सीधा रेल संपर्क प्राप्त हुआ। इन परियोजनाओं को राजस्थान में रेलवे विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यात्रियों में उत्साह

बीकानेर–साबरमती एक्सप्रेस की घोषणा के बाद दोनों राज्यों के यात्रियों में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से इस मार्ग पर सीधी दैनिक रेल सेवा की मांग की जा रही थी। नई ट्रेन शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।

रेलवे सूत्रों का कहना है कि ट्रेन के संचालन की अंतिम तैयारियां पूरी की जा रही हैं और शीघ्र ही इसकी समय-सारिणी तथा संचालन तिथि की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

नई साबरमती–बीकानेर (लालगढ़) एक्सप्रेस केवल एक रेल सेवा नहीं बल्कि गुजरात और राजस्थान के बीच विकास, पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक एकता का नया सेतु साबित होगी। यह ट्रेन दोनों राज्यों के लाखों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक सौगात मानी जा रही है।

 ब्यूरो रिपोर्ट, गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

मोदी सरकार के 12 वर्ष विश्वास, विकास और जनकल्याण के स्वर्णिम वर्ष : संदीप सिंह

मथुरा। भारतीय जनता पार्टी की जिला एवं महानगर इकाई द्वारा शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में मथुरा प्रभारी एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए इसे विश्वास, विकास, सुशासन और जनकल्याण का स्वर्णिम कालखंड बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को साकार करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। सरकार ने 100 प्रतिशत सैचुरेशन के लक्ष्य के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है।

संदीप सिंह ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और आधार आधारित सत्यापन व्यवस्था के माध्यम से करोड़ों रुपये की बचत हुई है तथा वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाई गई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, जनधन योजना, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, विश्वकर्मा योजना तथा लखपति दीदी जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के जीवन में व्यापक बदलाव लाया है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हुआ है। भारतनेट परियोजना ने ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल क्रांति से जोड़ने का कार्य किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।

मंत्री ने कहा कि आज भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और शीघ्र ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव के नए आयाम स्थापित किए हैं।

उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष केवल विकास की कहानी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, राष्ट्रहित के संकल्प और सांस्कृतिक गौरव के पुनर्जागरण की यात्रा हैं। आज भारत वैश्विक मंच पर एक सशक्त और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह, विधायक राजेश चौधरी, जिला अध्यक्ष निर्भय पांडेय, महानगर अध्यक्ष राजू यादव, जिला महामंत्री सत्यपाल चौधरी, आकाश चौधरी, अनिल चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी श्याम चतुर्वेदी, सुरेश तरकर, रामकिशन पाठक, संजय शर्मा, मलय राठौर, पूजा चौधरी, कल्पना गर्ग, दीपक गोला, अंकुर, हेमंत खंदौली, के.के. गौतम, श्याम शर्मा, अंकुर गुर्जर, आशीष शर्मा, सर्वेश चतुर्वेदी, नितिन चतुर्वेदी, राकेश तोमर सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: राहुल शर्मा
चैनल हेड, गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

મોદી સરકારના 12 વર્ષ વિશ્વાસ, વિકાસ અને જનકલ્યાણના સ્વર્ણિમ વર્ષ : સંદીપ સિંહ

મથુરા | ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ

ભારતીય જનતા પાર્ટીની જિલ્લા અને મહાનગર એકમ દ્વારા શનિવારે કલેક્ટરેટ સભાગૃહમાં આયોજિત મીડિયા સંવાદ કાર્યક્રમમાં મથુરાના પ્રભારી તથા ઉત્તર પ્રદેશ સરકારના બેઝિક શિક્ષણ મંત્રી સંદીપ સિંહે કેન્દ્રની મોદી સરકારના 12 વર્ષના કાર્યકાળને વિશ્વાસ, વિકાસ, સુશાસન અને જનકલ્યાણની ઐતિહાસિક યાત્રા ગણાવી હતી.

તેમણે જણાવ્યું કે વડાપ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીના નેતૃત્વ હેઠળ કેન્દ્ર સરકારે “સબકા સાથ, સબકા વિકાસ, સબકા વિશ્વાસ અને સબકા પ્રયાસ”ના સંકલ્પને સાકાર કરતાં સમાજના અંતિમ વ્યક્તિ સુધી સરકારી યોજનાઓનો લાભ પહોંચાડ્યો છે. સરકાર દ્વારા 100 ટકા સેચ્યુરેશનના લક્ષ્ય સાથે વિવિધ કલ્યાણકારી યોજનાઓનું અસરકારક અમલીકરણ સુનિશ્ચિત કરવામાં આવ્યું છે.

સંદીપ સિંહે જણાવ્યું કે ડાયરેક્ટ બેનેફિટ ટ્રાન્સફર (DBT) અને આધાર આધારિત ચકાસણી વ્યવસ્થાના કારણે કરોડો રૂપિયાની બચત થઈ છે અને વાસ્તવિક લાભાર્થીઓ સુધી સહાય પહોંચાડવામાં સફળતા મળી છે. તેમણે પ્રધાનમંત્રી ગરીબ કલ્યાણ અન્ન યોજના, જનધન યોજના, પ્રધાનમંત્રી કિસાન સન્માન નિધિ, આયુષ્માન ભારત યોજના, ઉજ્જ્વલા યોજના, પ્રધાનમંત્રી આવાસ યોજના, મુદ્રા યોજના, પીએમ સ્વનિધિ યોજના, વિશ્વકર્મા યોજના અને લખપતિ દીદી જેવી યોજનાઓનો ઉલ્લેખ કરતાં કહ્યું કે આ યોજનાઓએ ગરીબો, ખેડૂતો, મહિલાઓ અને યુવાનોના જીવનમાં સકારાત્મક પરિવર્તન લાવ્યું છે.

તેમણે વધુમાં જણાવ્યું કે ડિજિટલ ઈન્ડિયા અભિયાનના કારણે ભારત ડિજિટલ પેમેન્ટ ક્ષેત્રે વિશ્વના અગ્રણી દેશોમાં સ્થાન મેળવી ચૂક્યું છે. ભારતનેટ પ્રોજેક્ટ દ્વારા ગ્રામિણ વિસ્તારોને ડિજિટલ ક્રાંતિ સાથે જોડવામાં આવ્યા છે. આરોગ્ય, શિક્ષણ, આધારભૂત સુવિધાઓ, સ્વચ્છતા, પીવાનું પાણી અને ઊર્જા ક્ષેત્રે નોંધપાત્ર વિકાસ થયો છે.

મંત્રીએ જણાવ્યું કે આજે ભારત વિશ્વની અગ્રણી અર્થવ્યવસ્થાઓમાં સ્થાન ધરાવે છે અને ટૂંક સમયમાં વિશ્વની ત્રીજી સૌથી મોટી અર્થવ્યવસ્થા બનવાની દિશામાં આગળ વધી રહ્યું છે. વડાપ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીના નેતૃત્વમાં ભારતે આત્મનિર્ભરતા, આત્મવિશ્વાસ અને રાષ્ટ્રીય ગૌરવના નવા માપદંડ સ્થાપિત કર્યા છે.

તેમણે ભાજપના કાર્યકરોને સરકારની ઉપલબ્ધિઓ અને જનકલ્યાણકારી યોજનાઓની માહિતી સમાજના દરેક વર્ગ સુધી પહોંચાડવા અપીલ કરી હતી. તેમણે કહ્યું કે મોદી સરકારના 12 વર્ષ માત્ર વિકાસની ગાથા નથી, પરંતુ જનવિશ્વાસ, રાષ્ટ્રહિતના સંકલ્પ અને સાંસ્કૃતિક ગૌરવના પુનર્જાગરણની યાત્રા છે. આજે ભારત વૈશ્વિક મંચ પર એક મજબૂત અને પ્રભાવશાળી રાષ્ટ્ર તરીકે ઉભર્યું છે.

કાર્યક્રમ દરમિયાન રાજ્યસભા સાંસદ ચૌધરી તેજવીર સિંહ, ધારાસભ્ય રાજેશ ચૌધરી, જિલ્લા અધ્યક્ષ નિર્ભય પાંડે, મહાનગર અધ્યક્ષ રાજૂ યાદવ, જિલ્લા મહામંત્રી સત્યપાલ ચૌધરી, આકાશ ચૌધરી, અનિલ ચૌધરી, જિલ્લા મીડિયા પ્રભારી શ્યામ ચતુર્વેદી સહિત ભાજપના અનેક પદાધિકારીઓ અને કાર્યકરો મોટી સંખ્યામાં ઉપસ્થિત રહ્યા હતા.

રિપોર્ટ: રાહુલ શર્મા
ચેનલ હેડ, ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ, અમદાવાદ

એમઆરપીમાં પારદર્શિતા અને યોગ્ય સુધારાની માંગ સાથે અખિલ ભારતીય ગ્રાહક પંચાયતનું જંતર-મંતર ખાતે ધરણા-પ્રદર્શન

નવી દિલ્હી/અમદાવાદ

અખિલ ભારતીય ગ્રાહક પંચાયત દ્વારા મહત્તમ છૂટક કિંમત (એમઆરપી) પ્રણાલીમાં પારદર્શિતા લાવવા અને ગ્રાહકોના આર્થિક શોષણને અટકાવવા માટે 12 જૂનના રોજ નવી દિલ્હીના જંતર-મંતર ખાતે ધરણા-પ્રદર્શનનું આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું. આ કાર્યક્રમમાં દેશના વિવિધ રાજ્યોમાંથી 500થી વધુ કાર્યકરો અને પદાધિકારીઓ ઉપસ્થિત રહ્યા હતા.

ગ્રાહક પંચાયતના પ્રતિનિધિઓએ જણાવ્યું હતું કે સરકાર દ્વારા પેકેજબંધી વસ્તુઓ પર એમઆરપી દર્શાવવાનું ફરજિયાત કરવામાં આવ્યું છે, પરંતુ ઉત્પાદકો કેટલી એમઆરપી નક્કી કરી શકે તેના માટે કોઈ સ્પષ્ટ મર્યાદા કે નિયંત્રણ નક્કી કરવામાં આવ્યું નથી. પરિણામે અનેક ઉત્પાદકો અને વેપારીઓ મનસ્વી રીતે ઊંચી એમઆરપી છાપીને ગ્રાહકો પાસેથી વધુ રકમ વસૂલી રહ્યા છે.

સંગઠનના જણાવ્યા અનુસાર ઉત્પાદકો અને વેપારીઓની સાંઠગાંઠને કારણે ગ્રાહકો વર્ષોથી આર્થિક શોષણનો ભોગ બની રહ્યા છે. આ અંગે અનેક વખત રજૂઆતો કરવામાં આવી હોવા છતાં સરકાર દ્વારા હજુ સુધી કોઈ અસરકારક કાયદાકીય સુધારો કરવામાં આવ્યો નથી.

ગ્રાહક પંચાયતે છેલ્લા એક મહિનાથી દેશવ્યાપી સ્તરે “એમઆરપીમાં પારદર્શિતા અને યોગ્ય સુધારો” અભિયાન શરૂ કર્યું છે. આ અભિયાન અંતર્ગત વિવિધ રાજ્યોમાં જનજાગૃતિ કાર્યક્રમો, બેઠકો અને પ્રદર્શન યોજાઈ રહ્યા છે. તેના ભાગરૂપે જ આજે દેશના વિવિધ પ્રાંતોમાંથી કાર્યકરો જંતર-મંતર ખાતે એકત્રિત થયા હતા અને પોતાની માંગણીઓ સાથે વડાપ્રધાનને આવેદનપત્ર પાઠવ્યું હતું.

કાર્યક્રમ દરમિયાન ગ્રાહક પંચાયતે એમઆરપી વ્યવસ્થાની ગંભીરતા દર્શાવતા જણાવ્યું કે આશરે રૂ. 2.10ના ખર્ચે તૈયાર થતી ઇન્જેક્શનની સોય બજારમાં રૂ. 30થી વધુની એમઆરપી સાથે વેચાઈ રહી છે. ગ્રાહક પાસે વિકલ્પોના અભાવને કારણે આવી વસ્તુઓ ઊંચી કિંમતે ખરીદવાની ફરજ પડે છે, જે ગ્રાહક હિત વિરુદ્ધ છે.

ધરણા-પ્રદર્શનમાં અખિલ ભારતીય ગ્રાહક પંચાયતના રાષ્ટ્રીય અધ્યક્ષ નારાયણભાઈ શાહ, રાષ્ટ્રીય સચિવ જયંત કથીરિયા, રાષ્ટ્રીય કોષાધ્યક્ષ પ્રદીપ બંસલ, રાષ્ટ્રીય સહસચિવ એમ. વિવેકાનંદ, રાષ્ટ્રીય સહ પર્યાવરણ પ્રમુખ મુકેશ ત્યાગી, કાર્યક્રમ સંયોજક અને રાષ્ટ્રીય કાર્યકારિણી સભ્ય સુનીલ જૈન, દિલ્હી ક્ષેત્ર સંગઠન મંત્રી નવીન જૈન, પશ્ચિમ ઉત્તર પ્રદેશ ક્ષેત્ર સંગઠન મંત્રી લાખન સિંહ, પ્રદેશ અધ્યક્ષ ઈશ્વરચંદ તથા પ્રદેશ સચિવ બાલકૃષ્ણ ચૌરસિયા સહિતના અગ્રણીઓ ઉપસ્થિત રહ્યા હતા.

આ ઉપરાંત બ્રજ પ્રાંતના પ્રાંતીય ઉપાધ્યક્ષ નીરજ કાકા, મહિલા સહ-આયામ પ્રમુખ નૂતન ગુપ્તા, રોજગાર સર્જન સહ-આયામ પ્રમુખ શિવમ વાર્ષ્ણેય, હરિગઢ જિલ્લા અધ્યક્ષ એ. બૈક્સવૈવ, જિલ્લા કોષાધ્યક્ષ એડવોકેટ દેવેશ ગૌતમ તેમજ વિવિધ જિલ્લાઓના 35થી વધુ કાર્યકારિણી સભ્યો અને કાર્યકરોએ પણ સક્રિય ભાગ લીધો હતો.

ગ્રાહક પંચાયતે ચેતવણી આપી હતી કે જો એમઆરપી પ્રણાલીમાં પારદર્શિતા લાવવા અને ગ્રાહકોના હિતોની સુરક્ષા માટે જરૂરી પગલાં લેવામાં નહીં આવે, તો દેશવ્યાપી આંદોલનને વધુ વ્યાપક બનાવવામાં આવશે.

રિપોર્ટ : રાહુલ શર્મા
ચેનલ હેડ, ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ, અમદાવાદ

एमआरपी में पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों की रक्षा की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का विशाल धरना-प्रदर्शन

रिपोर्ट: राहुल शर्मा, चैनल हेड
गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

नई दिल्ली, 12 जून। देशभर में उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और बाजार में बढ़ती अनियमितताओं के विरुद्ध संघर्षरत अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। संगठन के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों से आए 500 से अधिक कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को कथित रूप से हो रही आर्थिक लूट को रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि एमआरपी निर्धारण प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वर्तमान व्यवस्था में उत्पादकों को वस्तुओं पर मनमाने ढंग से एमआरपी निर्धारित करने की खुली छूट मिली हुई है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

मनमानी एमआरपी से उपभोक्ताओं का हो रहा शोषण

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने पैकेज्ड वस्तुओं पर एमआरपी अंकित करना अनिवार्य तो किया है, लेकिन किसी उत्पाद पर अधिकतम कितना मूल्य मुद्रित किया जा सकता है, इसके लिए कोई स्पष्ट कानूनी सीमा या प्रभावी नियंत्रण तंत्र नहीं है। इसी कमी का लाभ उठाकर कई निर्माता कंपनियां वस्तुओं पर वास्तविक लागत से कई गुना अधिक एमआरपी छाप रही हैं।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि निर्माता और व्यापारियों की मिलीभगत के कारण उपभोक्ताओं को वस्तुओं के लिए आवश्यकता से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। संगठन का कहना है कि वर्षों से यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन सरकार ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

एक महीने से चल रहा है राष्ट्रव्यापी जन-जागरण अभियान

ग्राहक पंचायत ने बताया कि एमआरपी व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए पिछले एक महीने से देशभर में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। संगठन के कार्यकर्ता गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को एमआरपी के नाम पर होने वाली कथित अनियमितताओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

इसी अभियान के अंतर्गत जंतर-मंतर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपनी मांगों को बुलंद किया। प्रदर्शन के पश्चात संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें एमआरपी प्रणाली में सुधार हेतु आवश्यक कानूनी संशोधनों की मांग की गई।

उदाहरण देकर बताई एमआरपी व्यवस्था की विसंगतियां

धरने के दौरान संगठन के वक्ताओं ने एमआरपी व्यवस्था की खामियों को उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि लगभग 2.10 रुपये लागत वाली इंजेक्शन की सुई बाजार में 30 रुपये या उससे अधिक की एमआरपी पर उपलब्ध होती है। कई बार उपभोक्ता के पास कोई विकल्प नहीं होता और उसे निर्धारित कीमत पर ही उत्पाद खरीदना पड़ता है।

संगठन का कहना है कि ऐसे अनेक उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं जिनकी उत्पादन लागत और विक्रय मूल्य के बीच अत्यधिक अंतर है। इस स्थिति में उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रभावी नियामक व्यवस्था की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय नेतृत्व की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायणभाई शाह ने अपने संबोधन में कहा कि उपभोक्ता देश की अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण घटक है और उसके हितों की रक्षा सरकार तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब तक एमआरपी निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण जारी रहेगा।

राष्ट्रीय सचिव जयंत कथीरिया ने कहा कि संगठन आने वाले समय में देशव्यापी आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगा। वहीं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल, राष्ट्रीय सह सचिव एम. विवेकानंद तथा राष्ट्रीय सह पर्यावरण प्रमुख मुकेश त्यागी ने भी उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

अनेक राज्यों से पहुंचे कार्यकर्ता

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं कार्यक्रम संयोजक सुनील जैन, दिल्ली क्षेत्र संगठन मंत्री नवीन जैन, पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संगठन मंत्री लाखन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर चंद, प्रदेश सचिव एवं सह संयोजक बालकृष्ण चौरसिया सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मंच संचालन विकास जोशी ने किया। इसके अतिरिक्त ब्रज प्रांत के प्रांतीय उपाध्यक्ष नीरज काका, महिला सह आयाम प्रमुख नूतन गुप्ता, रोजगार सृजन सह आयाम प्रमुख शिवम वार्ष्णेय, जिला अध्यक्ष हरिगढ़, जिला कोषाध्यक्ष देवेश गौतम एडवोकेट सहित विभिन्न जिलों से आए लगभग 35 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

सरकार से की ठोस कार्रवाई की मांग

धरना-प्रदर्शन के समापन पर संगठन ने सरकार से मांग की कि एमआरपी निर्धारण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियंत्रण तंत्र विकसित किया जाए, उत्पादों की वास्तविक लागत और लाभांश के बीच संतुलन सुनिश्चित किया जाए तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाए जाएं।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

(राहुल शर्मा)
चैनल हेड
गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

વિશ્વ રક્તદાન દિવસ નિમિત્તે મહેસાણા રેલવે સ્ટેશન પર ભવ્ય રક્તદાન શિબિર યોજાઈ, 101 યુનિટ રક્ત એકત્રિત

મહેસાણા, 14 જૂન: વિશ્વ રક્તદાન દિવસના અવસરે મહેસાણા રેલવે સ્ટેશન ખાતે આયોજિત સ્વૈચ્છિક રક્તદાન શિબિરે માનવતા અને સામાજિક જવાબદારીનું ઉત્તમ ઉદાહરણ પૂરું પાડ્યું હતું. મહેસાણા રેલવે સ્ટાફના ‘રેલવે સેવાર્થ ગ્રુપ’ દ્વારા આયોજિત આ સેવાકીય કાર્યક્રમમાં રેલવે કર્મચારીઓ, અધિકારીઓ તથા તેમના પરિવારજનોએ ઉત્સાહભેર ભાગ લઈને રક્તદાન કર્યું હતું. શિબિર દરમિયાન કુલ 101 યુનિટ રક્ત એકત્રિત કરવામાં આવ્યું હતું, જે ભવિષ્યમાં અનેક જરૂરિયાતમંદ દર્દીઓ માટે જીવનદાયી સાબિત થશે.

સવારે શરૂ થયેલા આ કાર્યક્રમમાં રેલવે કર્મચારીઓ અને તેમના પરિવારજનોનો નોંધપાત્ર ઉત્સાહ જોવા મળ્યો હતો. રક્તદાન માટે ખાસ વ્યવસ્થા કરવામાં આવી હતી અને તબીબી નિષ્ણાતોની દેખરેખ હેઠળ સમગ્ર પ્રક્રિયા પારદર્શક અને સુરક્ષિત રીતે પૂર્ણ કરવામાં આવી હતી. કાર્યક્રમમાં ઉપસ્થિત દરેક રક્તદાતાએ સમાજ પ્રત્યેની પોતાની જવાબદારી નિભાવતા માનવસેવામાં યોગદાન આપ્યું હતું.

કાર્યક્રમમાં મુખ્ય અતિથિ તરીકે અમદાવાદ મંડળના મંડળ રેલ પ્રબંધક શ્રી વેદ પ્રકાશ તથા પશ્ચિમ રેલવે મહિલા કલ્યાણ સંગઠન (WRWWO) અમદાવાદની અધ્યક્ષા શ્રીમતી શેફાલી ગુપ્તા ઉપસ્થિત રહ્યા હતા. બંને મહાનુભાવોએ રક્તદાન કરનાર તમામ દાતાઓને અભિનંદન પાઠવ્યા હતા અને તેમના સેવાભાવને બિરદાવ્યો હતો.

મંડળ રેલ પ્રબંધક શ્રી વેદ પ્રકાશે પોતાના સંબોધનમાં જણાવ્યું હતું કે રક્તદાન એ માત્ર દાન નથી, પરંતુ કોઈ અજાણ્યા વ્યક્તિને જીવનદાન આપવાની અનોખી તક છે. તેમણે જણાવ્યું હતું કે અકસ્માતો, સર્જરી, ગંભીર બીમારીઓ અને થેલેસેમિયા જેવા રોગોથી પીડાતા દર્દીઓને નિયમિત રીતે રક્તની જરૂર પડતી હોય છે. આવી સ્થિતિમાં સ્વૈચ્છિક રક્તદાતાઓ સમાજ માટે આશીર્વાદરૂપ સાબિત થાય છે. તેમણે રેલવે સેવાર્થ ગ્રુપની પ્રશંસા કરતાં જણાવ્યું હતું કે રેલવે પરિવાર માત્ર પોતાની ફરજ નિભાવતો નથી, પરંતુ સમાજના કલ્યાણ માટે પણ સતત કાર્યરત રહે છે.

તેમણે વધુમાં જણાવ્યું હતું કે દરેક સ્વસ્થ વ્યક્તિએ નિયમિત સમયાંતરે રક્તદાન કરવું જોઈએ. રક્તદાનથી માત્ર દર્દીને જ લાભ થતો નથી, પરંતુ રક્તદાતાના સ્વાસ્થ્ય માટે પણ તે લાભદાયી માનવામાં આવે છે. તેમણે યુવા પેઢીને પણ રક્તદાન જેવી સેવાકીય પ્રવૃત્તિઓમાં આગળ આવવા અપીલ કરી હતી.

પશ્ચિમ રેલવે મહિલા કલ્યાણ સંગઠનની અધ્યક્ષા શ્રીમતી શેફાલી ગુપ્તાએ કાર્યક્રમના સુચારૂ આયોજનની પ્રશંસા કરી હતી. તેમણે જણાવ્યું હતું કે રક્તદાન જેવી પ્રવૃત્તિઓ સમાજમાં સેવા અને સહકારની ભાવના મજબૂત બનાવે છે. તેમણે મહત્વપૂર્ણ સૂચન કરતાં જણાવ્યું હતું કે અમદાવાદ ડિવિઝનમાં રેલવેનું પોતાનું સમર્પિત બ્લડ બેંક સ્થાપિત થવું જોઈએ, જેથી આપત્તિકાળ કે ઇમરજન્સી સમયે રેલવે કર્મચારીઓ, તેમના પરિવારજનો અને સામાન્ય નાગરિકોને તાત્કાલિક રક્ત ઉપલબ્ધ થઈ શકે.

તેમણે કહ્યું હતું કે રક્તની અછતને કારણે કોઈપણ દર્દીને મુશ્કેલી ન પડે તે માટે આવા પ્રયાસો સમયની માંગ છે. રેલવેનું સ્વતંત્ર બ્લડ બેંક ભવિષ્યમાં અનેક જીવ બચાવવામાં મહત્વપૂર્ણ ભૂમિકા ભજવી શકે છે.

કાર્યક્રમ દરમિયાન રક્તદાન અભિયાનને સફળ બનાવવા માટે મહત્વપૂર્ણ યોગદાન આપનાર અધિકારીઓને પણ સન્માનિત કરવામાં આવ્યા હતા. સહાયક વાણિજ્ય પ્રબંધક-FM તથા સહાયક મંડળ સિગ્નલ અને દૂરસંચાર ઇજનેર, મહેસાણાને તેમના ઉત્કૃષ્ટ સહકાર, આયોજન ક્ષમતા અને સેવાભાવ બદલ મુખ્ય અતિથિઓના હસ્તે સ્મૃતિચિહ્ન અર્પણ કરીને સન્માનિત કરવામાં આવ્યા હતા.

રક્તદાન શિબિર દરમિયાન મંડળના અનેક વરિષ્ઠ અધિકારીઓ પણ ઉપસ્થિત રહ્યા હતા. જેમાં વરિષ્ઠ મંડળ સિગ્નલ અને દૂરસંચાર ઇજનેર, વરિષ્ઠ મંડળ ઇલેક્ટ્રિકલ ઇજનેર-TRD, વરિષ્ઠ મંડળ વિદ્યુત ઇજનેર-G, મંડળ ઇજનેર-નોર્થ તથા સહાયક વાણિજ્ય પ્રબંધક-FM સહિતના અધિકારીઓનો સમાવેશ થતો હતો. તમામ અધિકારીઓએ રક્તદાતાઓને પ્રોત્સાહિત કર્યા હતા અને તેમના સેવાકાર્યની પ્રશંસા કરી હતી.

વિશ્વ રક્તદાન દિવસ નિમિત્તે યોજાયેલી આ શિબિરે માત્ર 101 યુનિટ રક્ત એકત્રિત કરીને જ સફળતા પ્રાપ્ત કરી નથી, પરંતુ સમાજમાં રક્તદાન અંગે જાગૃતિ ફેલાવવાનો મહત્વપૂર્ણ સંદેશ પણ આપ્યો છે. મહેસાણા રેલવે પરિવારની આ પહેલ એ સાબિત કરે છે કે સામૂહિક પ્રયાસો દ્વારા સમાજમાં સકારાત્મક પરિવર્તન લાવી શકાય છે. રક્તદાન દ્વારા અનેક અજાણ્યા લોકોના જીવનમાં આશાનું કિરણ પ્રગટાવી શકાય છે અને આ જ માનવસેવાની સાચી ભાવના છે.

બ્યુરો રિપોર્ટ
ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ, અમદાવાદ

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विश्व रक्तदान दिवस पर महेसाणा रेलवे स्टेशन बना मानवता की मिसाल, 101 यूनिट रक्तदान से जरूरतमंदों को मिलेगा नया जीवन

महेसाणा/अहमदाबाद, 13 जून। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर महेसाणा रेलवे स्टेशन पर आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर ने सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक प्रेरणादायी मिसाल पेश की। महेसाणा रेलवे स्टाफ के ‘रेलवे सेवार्थ ग्रुप’ द्वारा आयोजित इस शिविर में रेलवे कर्मचारियों, अधिकारियों तथा उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। शिविर के दौरान कुल 101 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो भविष्य में गंभीर रूप से बीमार मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और आपातकालीन चिकित्सा परिस्थितियों में जरूरतमंदों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा।
रक्तदान शिविर का आयोजन महेसाणा रेलवे स्टेशन परिसर में किया गया, जहां सुबह से ही रक्तदाताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री वेद प्रकाश तथा पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन (WRWWO) अहमदाबाद की चेयरमैन श्रीमती शेफाली गुप्ता उपस्थित रहीं। दोनों अतिथियों ने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए इस पुनीत कार्य की सराहना की।
अपने संबोधन में डीआरएम श्री वेद प्रकाश ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानव जीवन को बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज भी देश में हजारों मरीज ऐसे हैं जिन्हें समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता और ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाता उनके लिए देवदूत साबित होते हैं। उन्होंने रेलवे सेवार्थ ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रेलवे कर्मचारी केवल अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
उन्होंने सभी रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक या दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। इससे न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान मिलता है, बल्कि रक्तदाता का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की चेयरमैन श्रीमती शेफाली गुप्ता ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और रक्तदाताओं के उत्साह की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रेलवे परिवार सदैव सामाजिक सेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है और यह शिविर उसी परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि अहमदाबाद मंडल में रेलवे का अपना एक समर्पित ब्लड बैंक स्थापित किया जाना चाहिए। इससे रेल कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में शीघ्र रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा और अनेक लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
रक्तदान शिविर के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम द्वारा रक्तदाताओं की चिकित्सकीय जांच भी की गई तथा उन्हें रक्तदान के लाभों और सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। रक्तदान करने वाले कर्मचारियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने इसे सामाजिक सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बताते हुए भविष्य में भी नियमित रक्तदान करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान रक्तदान अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथियों द्वारा सहायक वाणिज्य प्रबंधक-FM तथा सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, महेसाणा को उनके उत्कृष्ट सहयोग, समन्वय और सेवाभाव के लिए स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
शिविर में रेलवे प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी), वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (जी), मंडल इंजीनियर-नॉर्थ तथा सहायक वाणिज्य प्रबंधक-FM सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
विश्व रक्तदान दिवस पर आयोजित यह रक्तदान शिविर न केवल सामाजिक सेवा का एक सफल आयोजन रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि यदि समाज का प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करे तो रक्त की कमी के कारण किसी भी मरीज की जान नहीं जाएगी। महेसाणा रेलवे स्टेशन पर आयोजित यह आयोजन मानवता, सहयोग और सेवा भावना का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।
ब्यूरो रिपोर्ट
गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

વડાપ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીના નેતૃત્વના 12 વર્ષ પૂર્ણ થતાં ગુજરાતભરમાં મહાઆરતીનું આયોજન

અમદાવાદ, તા. 9 જૂન: દેશના વડાપ્રધાન શ્રી નરેન્દ્રભાઈ મોદીના નેતૃત્વ હેઠળ કેન્દ્ર સરકારના સફળ 12 વર્ષ પૂર્ણ થવાના અવસરે ભારતીય જનતા પાર્ટી દ્વારા દેશવ્યાપી સ્તરે ‘12 વર્ષ અવિરત વિશ્વાસ, વિકાસ અને જનકલ્યાણ’ અભિયાનનું આયોજન કરવામાં આવ્યું છે. આ અભિયાનના ભાગરૂપે 10 જૂન, બુધવારના રોજ ગુજરાતના વિવિધ ઐતિહાસિક અને ધાર્મિક મહત્ત્વ ધરાવતા દેવસ્થાનોમાં મહાઆરતી અને વિશેષ પ્રાર્થના કાર્યક્રમો યોજાશે.

આ કાર્યક્રમોમાં રાજ્ય સરકારના મંત્રીમંડળના સભ્યો, ભાજપના પ્રદેશ પદાધિકારીઓ, ચૂંટાયેલા જનપ્રતિનિધિઓ, કાર્યકરો તેમજ મોટી સંખ્યામાં શ્રદ્ધાળુઓ ઉપસ્થિત રહી દેશની પ્રગતિ, સમૃદ્ધિ અને સુખાકારી માટે પ્રાર્થના કરશે.

રાજ્યના મુખ્ય કાર્યક્રમમાં ગુજરાતના મુખ્યમંત્રી શ્રી ભુપેન્દ્રભાઈ પટેલ અડાલજ સ્થિત ત્રિમંદિર-દાદા ભગવાન મંદિર ખાતે મહાઆરતીમાં હાજરી આપશે, જ્યારે ભાજપ પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી જગદીશભાઈ વિશ્વકર્મા વડનગરના હાટકેશ્વર મહાદેવ મંદિરમાં યોજાનારા કાર્યક્રમમાં જોડાશે.

ભાજપના જણાવ્યા અનુસાર આ અભિયાનનો હેતુ વડાપ્રધાન શ્રી નરેન્દ્રભાઈ મોદીના 12 વર્ષના કાર્યકાળ દરમિયાન દેશે વિકાસ, સુશાસન, આત્મનિર્ભરતા, ગરીબ કલ્યાણ, ડિજિટલ પરિવર્તન અને વૈશ્વિક ક્ષેત્રે પ્રાપ્ત કરેલી સિદ્ધિઓને જનતા સુધી પહોંચાડવાનો છે.

વિવિધ દેવસ્થાનોમાં ઉપસ્થિત રહેનારા મહાનુભાવો

ક્રમ મહાનુભાવનું નામ હોદ્દો દેવસ્થાન
1 શ્રી ભુપેન્દ્રભાઈ પટેલ મુખ્યમંત્રી ત્રિમંદિર-દાદા ભગવાન મંદિર, અડાલજ
2 શ્રી જગદીશભાઈ વિશ્વકર્મા ભાજપ પ્રદેશ અધ્યક્ષ હાટકેશ્વર મહાદેવ મંદિર, વડનગર
3 શ્રી જીતુભાઈ વાઘાણી મંત્રી ખોડલધામ મંદિર, કાગવડ
4 શ્રી કાંતિભાઈ અમૃતિયા મંત્રી ઉમિયા માતાજી મંદિર, ઊંઝા
5 શ્રીમતી દરબારબા જાડેજા મંત્રી દ્વારકાધીશ મંદિર, દ્વારકા
6 શ્રી પ્રવીણકુમાર માળી મંત્રી અંબાજી મંદિર
7 શ્રી પી.સી. બરંડા મંત્રી શામળાજી મંદિર
8 ડૉ. જયરામ ગમીત મંત્રી ઉનાઈ માતાજી મંદિર
9 શ્રી સંજયસિંહ મહીડા મંત્રી ફાગવેલ ધામ
10 શ્રી કમલેશભાઈ પટેલ મંત્રી બહુચરાજી માતાજી મંદિર
11 શ્રી રમેશભાઈ કટારા મંત્રી પાવાગઢ મહાકાળી મંદિર
12 શ્રીમતી દર્શનાબેન વાઘેલા મંત્રી જગન્નાથ મંદિર, અમદાવાદ
13 શ્રી કૌશિકભાઈ વેકરિયા મંત્રી સોમનાથ મહાદેવ મંદિર
14 શ્રી વિજયભાઈ પટેલ મંત્રી શબરીધામ
15 શ્રી રમણભાઈ સોલંકી મંત્રી રણછોડરાયજી મંદિર, ડાકોર

ભાજપના પ્રદેશ મહામંત્રીઓની ઉપસ્થિતિ

ક્રમ મહાનુભાવનું નામ હોદ્દો દેવસ્થાન
1 શ્રી પ્રશાંતભાઈ કોરાટ પ્રદેશ મહામંત્રી દેવમોગરા ધામ
2 શ્રી અજયભાઈ બ્રહ્મભટ્ટ પ્રદેશ મહામંત્રી હાટકેશ્વર મહાદેવ મંદિર, વડનગર
3 શ્રી અનિરુદ્ધભાઈ દવે પ્રદેશ મહામંત્રી માતાનો મઢ, કચ્છ
4 શ્રી હિતેન્દ્રભાઈ ચૌહાણ પ્રદેશ મહામંત્રી પાવાગઢ મહાકાળી મંદિર

રાજ્યભરમાં યોજાનારી મહાઆરતી દરમિયાન દેશની એકતા, અખંડિતતા, વિકાસ અને સમૃદ્ધિ માટે વિશેષ પ્રાર્થનાઓ કરવામાં આવશે. સાથે જ મોટી સંખ્યામાં ભાજપના કાર્યકરો અને સ્થાનિક નાગરિકો પણ આ કાર્યક્રમોમાં જોડાઈ વડાપ્રધાનના નેતૃત્વ હેઠળના વિકાસયાત્રાના 12 વર્ષને ઉજવશે.

ગુજરાતના વિવિધ જિલ્લાઓમાં યોજાનારા આ ધાર્મિક અને સામાજિક કાર્યક્રમો દ્વારા વિકાસ અને જનકલ્યાણના સંદેશને વધુ વ્યાપક બનાવવા માટે વિશેષ આયોજન કરવામાં આવ્યું છે. રાજ્યના અગ્રણી દેવસ્થાનોમાં યોજાનારી મહાઆરતીને લઈને કાર્યકરો અને શ્રદ્ધાળુઓમાં વિશેષ ઉત્સાહ જોવા મળી રહ્યો છે.

રિપોર્ટ : ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ

अहमदाबाद मंडल में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग जागरूकता दिवस, हजारों लोगों को दिया गया रेलवे सुरक्षा का संदेश

अहमदाबाद, 9 जून (गुजरात प्रवासी न्यूज़)।
रेल मंत्रालय के निर्देशानुसार पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा 07 जून से 09 जून 2026 तक “अंतर्राष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग जागरूकता दिवस” (International Level Crossing Awareness Day-ILCAD) का व्यापक आयोजन किया गया। तीन दिनों तक चले इस विशेष सुरक्षा अभियान के दौरान रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभिन्न समपार फाटकों पर पहुंचकर नागरिकों, वाहन चालकों तथा स्थानीय लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने के प्रति जागरूक किया।

इस वर्ष आयोजित अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना, लोगों में सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सड़क एवं रेल यातायात के बीच सुरक्षित समन्वय स्थापित करना था। रेलवे प्रशासन का मानना है कि अधिकांश दुर्घटनाएं नियमों की अनदेखी और जल्दबाजी के कारण होती हैं, जिन्हें जन-जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है।

अहमदाबाद मंडल के संरक्षा विभाग के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी, संरक्षा सलाहकारों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। संयुक्त टीमों द्वारा चयनित समपार फाटकों पर पहुंचकर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई और लोगों को रेलवे फाटक पार करने के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया।

अभियान के पहले दिन 07 जून को असरवा–हिम्मतनगर रेलखंड के समपार फाटक संख्या 6 एवं 10 पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। दूसरे दिन 08 जून को अहमदाबाद–गेरतपुर रेलखंड के समपार फाटक संख्या 305 एवं 308 पर विशेष सुरक्षा अभियान चलाया गया। वहीं 09 जून को अहमदाबाद–पालनपुर रेलखंड के समपार फाटक संख्या 240 तथा अहमदाबाद–वीरमगाम रेलखंड के समपार फाटक संख्या 7 पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान रेलवे अधिकारियों ने वाहन चालकों को बताया कि बंद हो रहे फाटक के नीचे से निकलने, चेतावनी संकेतों की अनदेखी करने तथा जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक पार करने जैसी लापरवाहियां गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। लोगों को यह भी समझाया गया कि ट्रेन की गति का सही अनुमान लगाना कई बार कठिन होता है, इसलिए रेलवे फाटक बंद होने की स्थिति में धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए समपार फाटकों पर आकर्षक सुरक्षा बैनर लगाए गए। रेलवे कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हैंड पम्पलेट वितरित कर लोगों को सुरक्षा नियमों की जानकारी दी। पम्पलेट में रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय अपनाई जाने वाली सावधानियों, चेतावनी संकेतों के महत्व तथा दुर्घटना से बचाव के उपायों का उल्लेख किया गया।

अभियान का सबसे आकर्षक हिस्सा नुक्कड़ नाटक रहे, जिनके माध्यम से आम लोगों को सरल और प्रभावशाली तरीके से सुरक्षा का संदेश दिया गया। कलाकारों ने वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को दर्शाते हुए बताया कि थोड़ी सी लापरवाही किस प्रकार बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नुक्कड़ नाटकों को लोगों ने काफी रुचि के साथ देखा और रेलवे के इस प्रयास की सराहना की।

अहमदाबाद मंडल के सभी रेलखंडों में संबंधित खंड अभियंताओं एवं यातायात निरीक्षकों द्वारा भी विशेष सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेलवे कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों तथा वाहन    चालकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें रेलवे सुरक्षा के महत्व से अवगत कराया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग जागरूकता दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन का कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। रेलवे समपार फाटकों पर सुरक्षा नियमों का पालन कर न केवल अपनी जान बचाई जा सकती है, बल्कि रेल संचालन को भी सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने में योगदान दिया जा सकता है।

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने नागरिकों से अपील की है कि वे समपार फाटकों को पार करते समय निर्धारित नियमों का पालन करें, चेतावनी संकेतों की अनदेखी न करें, फाटक बंद होने की स्थिति में धैर्य रखें तथा रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें। रेलवे प्रशासन का विश्वास है कि जनसहयोग और जागरूकता के माध्यम से समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग जागरूकता दिवस के अवसर पर आयोजित यह अभियान रेलवे सुरक्षा के प्रति अहमदाबाद मंडल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और आमजन में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

संपादक
गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

गांधीग्राम–प्रयागराज स्पेशल के चांदखेड़ा एवं पालनपुर स्टेशन पर समय में परिवर्तन, 10 जून से लागू

 अहमदाबाद, 9 जून (गुजरात प्रवासी न्यूज़)।

यात्रियों की सुविधा तथा ट्रेनों की समयपालनता में सुधार के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे ने ट्रेन संख्या 04112 गांधीग्राम–प्रयागराज स्पेशल के संचालन समय में आंशिक संशोधन करने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह संशोधित समय-सारिणी 10 जून 2026 से प्रभावी होगी।

पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार ट्रेन संख्या 04112 गांधीग्राम–प्रयागराज स्पेशल के चांदखेड़ा एवं पालनपुर स्टेशनों पर आगमन और प्रस्थान समय में परिवर्तन किया गया है। नई समय-सारिणी के तहत ट्रेन अब चांदखेड़ा स्टेशन पर पूर्व निर्धारित समय 17:58 बजे पहुंचने के बजाय 17:50 बजे पहुंचेगी तथा 18:00 बजे के स्थान पर 17:52 बजे रवाना होगी। इसी प्रकार पालनपुर स्टेशन पर ट्रेन का आगमन समय 20:40 बजे के बजाय 20:23 बजे तथा प्रस्थान समय 20:42 बजे के बजाय 20:25 बजे निर्धारित किया गया है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परिवर्तन ट्रेनों के बेहतर परिचालन, मार्ग पर समयपालनता बनाए रखने तथा यात्रियों को अधिक सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। समय में यह बदलाव विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है जो चांदखेड़ा और पालनपुर स्टेशनों से इस स्पेशल ट्रेन में यात्रा करते हैं। ऐसे यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन पर निर्धारित समय से पहले पहुंचें ताकि ट्रेन छूटने जैसी स्थिति से बचा जा सके।

गौरतलब है कि गांधीग्राम–प्रयागराज स्पेशल ट्रेन गुजरात और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रेल सेवा है। त्योहारों, अवकाश और विशेष अवसरों पर इस ट्रेन में यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में समय-सारिणी में किए गए इस संशोधन की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाना आवश्यक माना जा रहा है।

पश्चिम रेलवे ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा प्रारंभ करने से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना, स्टेशन पूछताछ केंद्र अथवा रेलवे हेल्पलाइन से संशोधित समय की पुष्टि कर लें। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से ट्रेन के संचालन में और अधिक दक्षता आएगी तथा यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।


संपादक
गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद