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सावरकुंडला में गणेश उत्सव का जश्न — सद्भावना समूह ने किया सौराष्ट्र का पहला भव्य अग्नि, प्रकाश और ध्वनि शो

सावरकुंडला।
गणेश महोत्सव के अंतर्गत सद्भावना समूह ने इस बार सौराष्ट्र में पहली बार अद्भुत अग्नि, प्रकाश और ध्वनि शो का आयोजन कर इतिहास रच दिया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

सद्भावना समूह के महाराज भगवान गणेश का भव्य और दिव्य स्वागत किया गया। पिछले 18 वर्षों से गणेश महोत्सव का आयोजन कर रहे इस समूह ने धार्मिक कार्यक्रम और सेवा गतिविधियों का एक अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

यह आयोजन रिद्धि-सिद्धि चौक पर हुआ, जहां उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रकाश और ध्वनि के अद्भुत संयोजन को देखकर जोरदार उत्साह प्रकट किया। भव्य स्वागत के बाद डीजे और नासिक ढोल की थाप पर एक शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में धार्मिक लोग, युवा और सद्भावना समूह के सदस्य शामिल हुए।

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव की गरिमा बढ़ाते हैं, बल्कि समाज सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी फैलाते हैं।

संवाददाता – गुजरात प्रवासिनी, अहमदाबाद

स्वच्छता अभियान पखवाड़ा संपन्न

झबरेड़ा। हरिद्वार।
पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज लाठर देवा हूण नारसन में स्वच्छता अभियान पखवाड़ा का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य सुरेश प्रसाद, पीएम श्री प्रभारी विपुल सालार, स्वच्छता अभियान प्रभारी एस.के. राठौर, मुकेश बगवाड़ी, आलोक द्विवेदी एवं एनसीसी प्रभारी सुशील चौधरी के नेतृत्व में छात्र-छात्राओंनेअभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में सफाई की गई। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए स्वच्छता के नारे भी लगाए, जिससे गांव में स्वच्छता के प्रति जोश और जागरूकता का संचार हुआ।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को स्वच्छता का महत्व समझाते हुए कहा कि स्वच्छता केवल विद्यालय तक ही सीमित नहीं, बल्कि यह समाज और राष्ट्र की प्रगति की कुंजी है।

संवाददाता : डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
गुजरात प्रवासी न्यूज़, रुड़की-हरिद्वार-अहमदाबाद

समोद सबमर्सिबल पर चोरी, व्यापार मंडल सक्रिय

शमसाबाद (26 अगस्त 2025, आगरा रोड)।
नगर के समोद सबमर्सिबल प्रतिष्ठान पर बीती रात चोरी की बड़ी घटना सामने आई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 15 लाख रुपये की चोरी बताई जा रही है।

घटना की सूचना पर शमसाबाद व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा और राहुल शर्मा पीड़ित प्रतिष्ठान पर पहुँचे। उन्होंने व्यापारी को ढाढ़स बंधाया और पुलिस अधिकारियों से मिलकर शीघ्र खुलासे का भरोसा दिलाया।

इससे पहले नगर अध्यक्ष मुकेश खरे और महामंत्री पवन अग्रवाल ने थाना अध्यक्ष डी.पी. तिवारी से मुलाकात कर घटना का शीघ्र खुलासा करने की मांग रखी। पदाधिकारियों ने पीड़ित व्यापारी से सीधे मुलाकात कर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

पुलिस से वार्ता, खुलासे की उम्मीद

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि उच्च पुलिस अधिकारियों से लगातार वार्ता जारी है और चोरी का खुलासा होना लगभग तय है।

“व्यापार मंडल की जीत, व्यापारियों की जीत”

शमसाबाद व्यापार मंडल का कहना है कि इस घटना के खुलासे से न केवल मंडल की जीत होगी बल्कि नगर के सभी व्यापारियों का आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।

✍️ संवाददाता – रामनंद गुप्ता
Gujarat Pravasi News, फतेहाबाद-आगरा/अहमदाबाद

खेल से सेहत, अनुशासन और राष्ट्र का उत्थान

रुड़की/हरिद्वार।
आज भारत अपनी आज़ादी की 79वीं वर्षगांठ मना चुका है। इन 79 वर्षों में भारतीय खेल जगत ने उतार-चढ़ाव भरे कई दौर देखे हैं। स्वतंत्रता से पूर्व खेल को सेना की धरोहर माना जाता था। उस दौर में मेजर ध्यानचंद और मिल्खा सिंह जैसे दिग्गजों ने अपने प्रदर्शन से विश्व पटल पर भारत को नई पहचान दिलाई।स्वतंत्र भारत में 1951 में नई दिल्ली में आयोजित पहले एशियाई खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन कर दुनिया का ध्यान खींचा। क्रिकेट में लाला अमरनाथ के नेतृत्व ने भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई। हॉकी टीम ने ओलंपिक में सर्वाधिक स्वर्ण पदक जीतकर विश्व पटल पर अलग छाप छोड़ी।
1983 में कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने पहली बार क्रिकेट विश्व कप जीतकर पूरे देश में खेलों के प्रति आकर्षण की लहर पैदा की। वहीं 2008 बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा ने पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर देश का सिर गर्व से ऊँचा किया।आज भारत के उद्योगपति, सेलिब्रिटी और समाज के विभिन्न वर्ग खेलों के प्रोत्साहन में योगदान दे रहे हैं। क्रिकेट, कबड्डी और बैडमिंटन जैसे खेलों को नई पहचान मिल रही है। इसके बावजूद हम अभी तक अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाए हैं।विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका मुख्य कारण यह है कि सीबीएसई को छोड़कर अधिकांश राज्यों ने खेल को अनिवार्य विषय नहीं बनाया है। जब तक विद्यालय स्तर पर शारीरिक शिक्षा को मजबूती नहीं मिलेगी, तब तक योजनाओं का लाभ अंतिम खिलाड़ी तक नहीं पहुँच पाएगा।
आज अस्पतालों में बढ़ते मरीजों की एक बड़ी वजह यह भी है कि युवा वर्ग नियमित शारीरिक गतिविधियों से दूर होता जा रहा है।चीन में खेलों को संविधान और शिक्षा प्रणाली से जोड़ा गया है, जिसके कारण वहाँ हर नागरिक किसी न किसी खेल से जुड़ा होता है। भारत को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हम आशा करते हैं कि केंद्र व राज्य सरकारें विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बनाकर एक स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देंगी।हम एक खेल प्रेमी होने के नाते सकारात्मक आशा करते हैं कि भविष्य में भारत सरकार एवं राज्य सरकारें विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय बनाकर एक स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान समाज प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी खेल प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई।

✍️ द्वारा – डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी

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“હું નાગો છું” કહેતા કર્મચારીને સુરક્ષા અધિકારીએ પાઠ ભણાવ્યો

મદાવાદ, 31 ઑગસ્ટ 1985

એશિયાની સૌથી મોટી ગણાતી અમદાવાદ સિવિલ હોસ્પિટલમાં 1980ના દાયકામાં અસામાજિક તત્વો અને લુખ્ખાઓનો આતંક છવાયેલો હતો. ખાસ કરીને પગારના દિવસોમાં નાના કર્મચારીઓ પાસેથી જબરદસ્તી ઉઘરાણી થતી.

આ વાતાવરણ કાબૂમાં લેવા માટે તત્કાલિન જિલ્લા કલેક્ટર અજય સી. જોષીની ભલામણ પર આર્મીમાંથી નિવૃત્ત થયેલા જયંતિભાઈ આહીરને 1985માં હોસ્પિટલના સુરક્ષા અધિકારી તરીકે નિયુક્ત કરવામાં આવ્યા.

પદભાર સંભાળ્યા પછી જયંતિભાઈએ ત્રણ મહિના સુધી હોસ્પિટલની વ્યવસ્થા પરખી. તેમણે જોયું કે દારૂબાજોનો દબદબો, સ્પિરિટની ચોરી, રાશન અને દવાઓની હેરાફેરી તેમજ વ્યાજખોરી હોસ્પિટલ પરિસરમાં ખુલ્લેઆમ ચાલી રહી હતી. કેટલાંક વર્ગ-4ના કર્મચારી પણ આ પ્રવૃત્તિઓમાં સામેલ હત

31 ઑગસ્ટ 1985ના રોજ હોસ્પિટલના બે હજારથી વધુ કર્મચારીઓને રોકડ પગાર આપવામાં આવી રહ્યો હતો. એ સમયે “મિહન” (નામ બદલાયેલું) નામનો કર્મચારી, જે માફિયા પ્રવૃત્તિઓ માટે કિર્તિમાન હતો, હાથમાં ચાકુ લઈને સ્ટાફને ધમકાવવા લાગ્યો.

તે એક વરિષ્ઠ ક્લાર્ક પર તૂટી પડ્યો અને જોરથી ચીસો પાડવા લાગ્યો —
“તને ખબર નથી… હું નાગો છું…!”

ગસ્સામાં તેણે કપડાં ઉતારી નગ્ન અવસ્થામાં ચાકુ લહેરાવવાનું શરૂ કર્યું. આખું સ્ટાફ સહમી ગયું અને દહેશતમાં આવી ગયું.

સ્થિતિ બગડતી જોઈ સુરક્ષા અધિકારી જયંતિભાઈ આહીરે હિંમતપૂર્વક આગળ વધ્યા. શરૂઆતમાં સમજાવવાનો પ્રયત્ન કર્યો, પરંતુ કર્મચારી ના માનતા તેમણે પોતાની આર્મીની તાલીમ મુજબ તરત જ કાબૂમાં લઈ લીધો.

એક જોરદાર થપ્પડ અને لات-ઘૂસાંથી તેની દાદાગીરી તોડી નાખી. બાદમાં સુરક્ષાકર્મીઓએ તેને કાબૂમાં લઇ લીધો. નગ્ન અવસ્થામાં પકડાયા પછી તેનો ભય તૂટી ગયો અને સ્ટાફમાં આત્મવિશ્વાસ પાછો આવ્યો.

જયંતિભાઈ આહીરે સંવેદનશીલતા દાખવીને પોલીસ કેસ કરવાની જગ્યાએ આરોપી પાસેથી લખિત માફીનામું લેવડાવ્યું. મફીનામામાં તેણે પોતાની ભૂલો સ્વીકારી અને ભવિષ્યમાં ક્યારેય દાદાગીરી નહીં કરવાનું વચન આપ્યું. વરિષ્ઠ અધિકારીઓની હાજરીમાં આ માફી સ્વીકારવામાં આવી અને ચેતવણી આપીને તેને છોડવામાં આવ્યો.

આ ઘટનાના પછી સિવિલ હોસ્પિટલમાં વર્ષોથી ચાલતો ભય અને અસ્થિરતા પર વિરામ લાગ્યો. દાદાગીરી કરનારાઓમાં અદૃશ્ય ભય પેદા થયો અને સુરક્ષા સ્ટાફની સખ્ત છબી ઉભી થઈ. કર્મચારીઓએ રાહતની સાલ લીધી અને હોસ્પિટલમાં ફરી એકવાર શિસ્તભર્યું વાતાવરણ સ્થાપિત થયું.

આ ઘટના આપણને શીખવે છે કે તંત્રમાં પરિવર્તન લાવવા માટે હંમેશાં કાયદાની જડબેસલાક કાર્યવાહી જરૂરી નથી – ક્યારેક યોગ્ય સમયે યોગ્ય નિર્ણય લઈને, હિંમતપૂર્વક પગલું ભરવાથી પણ સિસ્ટમને નવી દિશા મળી શકે છે.

  • “ડર કોઈ સમસ્યાનો અંત નથી, હિંમત જ સાચો જવાબ છે.”

  • “જ્યાં સિસ્ટમ કમજોર લાગે, ત્યાં એક બહાદુર માણસ આખી દિશા બદલી શકે છે.”

  • “દાદાગીરી તૂટે ત્યારે જ શિસ્ત જડે છે.”

  • “ન્યાયની લડાઈ માટે હંમેશાં હથિયાર નહીં, પરંતુ હિંમત જરૂરી છે.”

  • “એક સહી કરેલું માફીનામું ક્યારેક સો કેસ કરતાં વધુ અસરકારક સાબિત થાય છે.”

📌 Sub Editor : જયંતિભાઈ આહીર
📌 ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ   

हॉकी के जादूगर पदम श्री स्व. जम्मनलाल शर्मा को लखनऊ में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
केडी सिंह बाबू समिति के तत्वाधान में दिग्गज हॉकी खिलाड़ी पदम श्री स्वर्गीय जम्मनलाल शर्मा की पुण्यतिथि पर प्रतिभाशाली नवोदित हॉकी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर पूर्व ओलंपियन सैयद अली, पूर्व ओलंपियन सुजीत कुमार, जय नारायण पीजी कॉलेज के पूर्व शारीरिक शिक्षा निदेशक डॉ. कैलाश त्रिपाठी एवं मुकुल शाह ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए भारतीय हॉकी में उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।

लखनऊ के अनेक दिग्गज हॉकी प्रेमियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

संवाददाता : डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
गुजरात प्रवासी न्यूज़

4 साल बाद भी नहीं बनी सड़क, अर्का ग्राम पंचायत के ग्रामीणों में आक्रोश

🔹 ग्रामीणों की समस्याएँ

  • 4 साल बीत जाने के बाद भी खड़ंजे का निर्माण नहीं

  • बरसात में जलभराव और कीचड़ से लोगों की आवाजाही बाधित

  • स्कूली बच्चों को समय पर विद्यालय पहुंचने में कठिनाई

  • कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं

  • ग्राम प्रधान और सचिव पर हिला-हवाली का आरोप

कौशाम्बी ब्लॉक के अर्का फतेहपुर ग्राम पंचायत में ग्रामीण सड़क निर्माण को लेकर वर्षों से परेशान हैं। वर्तमान ग्राम प्रधान के कार्यकाल के चार साल बीत जाने के बावजूद आज तक खड़ंजे का निर्माण नहीं हो सका।

                                       

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भर जाता है और यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। जिससे आने-जाने वाले राहगीरों, बच्चों, बुजुर्गों और स्कूली छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग 1962 से अस्तित्व में है और आज भी मोहल्ले के अधिकांश लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं। बरसात में इस पगडंडी पर घास-फूस और सरपत उग जाने से कीड़े-मकोड़ों और जहरीले सांप-बिच्छुओं का खतरा भीबना रहता है।

                                     

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से शिकायत करने पर भी केवल आश्वासन मिलता है, कार्रवाई नहीं होती। वहीं, उच्च अधिकारियों को दी गई शिकायतें भी गलत रिपोर्ट लगाकर रफा-दफा कर दी जाती हैं।

तंग आकर ग्रामीणों ने एक बार फिर सामूहिक रूप से तहसील दिवस में आवेदन देकर उच्च अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा।

    ✍️ ब्यूरो रिपोर्ट : सुशील कुमार दिवाकर
📍 कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश
📞 7752873639
चैनल – गुजरात प्रवासी न्यूज

कलेक्टर का सख्त निर्देश कक्षा 5 व 8 के बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन न भेजें

निवाड़ी (मध्य प्रदेश)।
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का औचक निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।
🔹 निरीक्षण में कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के आदेश  
  • गाइड/कुंजी मिलने पर नाराज़गी, शिक्षकों को नोटिस जारी
  • अभिभावकों से अपील – बच्चों को ट्यूशन न भेजें
  • मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच, अनियमितता पर अनुबंधित समूह हटाने के निर्देश
  • प्रयोगशालाओं को कार्यात्मक व स्मार्ट कक्षाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कक्षा 5 के छात्रों के पास निजी गाइड/कुंजी मिलने पर उन्होंने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की और संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि छात्र केवल पाठ्यपुस्तकों से ही अध्ययन करें, निजी प्रकाशन की गाइड/कुंजी का प्रयोग किसी भी हालत में न करें।
कक्षा 8 के छात्रों से संवाद करते हुए कलेक्टर ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन क्लास में न भेजें। उन्होंने शिक्षकों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कलेक्टर ने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। अनियमितता पाए जाने पर उन्होंने अनुबंधित समूह को तत्काल हटाने के निर्देश एसडीएम को दिए।
इसके अलावा उन्होंने विद्यालय प्रयोगशालाओं को कार्यात्मक बनाने, विज्ञान व गणित विषयों के लिए स्मार्ट कक्षाओं का प्रभावी उपयोग करने और छात्रों को पुस्तकालय की किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए।
इस निरीक्षण में संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
✍️ रिपोर्ट : पंकज कुमार गुप्ता
जिला – जालौन, उरई (उत्तर प्रदेश)
चैनल – गुजरात प्रवासी न्यूज, अहमदाबाद

मोहन के विचारों से दूर कांग्रेस, स्वदेशी का नया सुदर्शन चक्र: पीएम मोदी का गुजरात से राष्ट्रवादी संदेश

अहमदाबाद | विशेष संवाददाता
प्रकाशन तिथि: 26 अगस्त 2025

गुजरात के निकोल में एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि “जो गांधीजी को ‘बापू’ कहते हैं, वे उनके विचारों को नहीं, केवल उनकेनाम का उपयोग हैं। करते

प्रधानमंत्री ने कहा:

 “मोहनचंद गांधी के नाम पर राजनीति करने वालों ने कभी उनके आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और स्वच्छता के विचारों को आत्मसात नहीं किया। उन्होंने सिर्फ नाम भुनाया, विचार नहीं अपनाए।”
सुदर्शन चक्र’ की राजनीति: अब राष्ट्र की रक्षा और रचना दोनों जरूरी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा:

“आज भारत का ‘सुदर्शन चक्र’ सिर्फ रक्षा के लिए नहीं, राष्ट्र निर्माण के लिए घूम रहा है। ये चक्र स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, और संकल्प शक्ति से चलता है – जो गांधीजी के असली विचार हैं।”

यह बयान स्पष्ट रूप से राजनीतिक दलों को संकेत देता है कि अब राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भरता की राजनीति रक्षा और विकास दोनों के लिए अपरिहार्य हो चुकी है।ऑपरेशन सिंदूर: नया भारत, नई नीति

प्रधानमंत्री ने हाल ही में सम्पन्न ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा:

 “अब भारत 22 मिनट में आतंक की नाभि पर वार करता है। यह नया भारत अब चुप नहीं बैठता – ये जवाब देता है, और वो भी मुंहतोड़।”
विकास नहीं, सत्ता की राजनीति करती रही कांग्रेस: पीएम मोदी का तीखा प्रहार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने 55 वर्षों तक सत्ता भोगी, लेकिन आत्मनिर्भर भारत के लिए कभी कोई नीति नहींबनाई। उन्होंने कहा:

 “बापू ने जो रास्ता दिखाया – स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, गांव की शक्ति – उसे कांग्रेस ने कभी नहीं अपनाया। गांधी का नाम इस्तेमाल किया, लेकिन रास्ता छोड़ दिया।”
₹5477 करोड़ की योजनाओं से गुजरात को नया आयाम

पीएम मोदी ने अहमदाबाद, गांधीनगर और महेसाणा में कुल ₹5477 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि:

 “यह केवल ईंट और सीमेंट का काम नहीं, यह जन आकांक्षाओं का उत्तर है। गुजरात अब देश का नहीं, दुनिया का इंडस्ट्रियल इंजन बन रहा है।”
गुजरात बना स्वदेशी और वैश्विक औद्योगिक शक्ति का संगम

वडोदरा में ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, दाहोद में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव और साणंद-धोलेरा में सेमीकंडक्टर प्लांट भारत के आत्मनिर्भर मॉडल को मजबूती दे रहे हैं। पीएम ने बताया कि:

 “अब गुजरात का डेयरी मॉडल फिजी जैसे देशों में भी चर्चा का विषय बन गया है। यह भारत की सॉफ्ट पॉवर है।”
विपक्ष के लिए स्पष्ट संदेश: नाम से नहीं, काम से राष्ट्र बनता है

इस दौरे के माध्यम से पीएम मोदी ने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दिया कि:

 “जो केवल नाम का उपयोग करते हैं, वे इतिहास में खो जाते हैं। जो विचारों को जीते हैं, वे भविष्य बनाते हैं।”

PM मोदी ने गुजरात दौरे में कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने गांधीजी के नाम का उपयोग किया, पर विचारों को नहीं अपनाया। ऑपरेशन सिंदूर और ‘सुदर्शन चक्र’ से दिया आत्मनिर्भर भारत का स्पष्ट संदेश।
 मोहन के विचारों से भटकी कांग्रेस, मोदी ने सुदर्शन चक्र से दिया स्वदेशी का राष्ट्रवादी संदेश”

सौराष्ट्र की धरती पर भव्य ‘अलखयात्रा’

सावरकुंडला। धर्मजागरण समन्वय समिति, सौराष्ट्र प्रांत द्वारा भाद्रपद सुद बीज के पावन अवसर पर सोमवार को भव्य ‘अलखयात्रा’ का आयोजन किया गया। यह यात्रा सावरकुंडला से प्रारंभ होकर सताधारमें संपन्न हुई।

यात्रा में 2100 से अधिक वाहन, 100 से ज्यादा संत और हजारों धर्मप्रेमी शामिल हुए। रथ, घोड़े, डीजे और ढोल-नगाड़ों से सजी यह यात्रा अमरेली और बगसरा से होते हुए विसावदर में मुख्य यात्रा से मिली और सताधार पहुंची।

21 गांवों में भव्य स्वागत

अलखयात्रा ने सावरकुंडला से सताधार तक 21 गांवों का मार्ग तय किया। नेसडी, इगोराला, केराला, चलाला, मीठापुर, धारी, प्रेमपरा, लालपुर सहित गांवों में भक्तों ने रंगोली, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं और प्रसाद से यात्रियों का स्वागत किया। साथ ही जगह-जगह पानी, चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था भी की गई।

सताधार में धर्मसभा

सताधार पहुंचने के बाद अपागीगा के स्थान पर दिव्य धर्मसभा का आयोजन हुआ। पूज्य विजयबापू और 100 से अधिक संतों ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्र की एकता पर प्रवचन दिए। लोक साहित्यकार मायाभाई अहीर ने भी प्रेरक विचार रखे।

यह अलखयात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सौराष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक समन्वय का अद्भुत उदाहरण बनी।

📌 मुख्य बिंदु – अलखयात्रा 2025

  • 🚩 2100 से अधिक वाहन यात्रा में शामिल

  • 🙏 100+ संत-महंत और हजारों भक्तों की सहभागिता

  • 🌸 21 गांवों में रंगोली, पुष्पवर्षा और प्रसाद से स्वागत

  • 🐎 रथ, घोड़े, डीजे और ढोल-नगाड़ों से यात्रा में उल्लास

  • 🥤 रास्तेभर पानी, चाय, शरबत, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था

  • 📖 सताधार में दिव्य धर्मसभा – विजयबापू व संतों के प्रवचन

  • 🇮🇳 संदेश – भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय

📍 संवाददाता – गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद