149वीं जगन्नाथ रथयात्रा: ‘जगत मामा’ की ऐतिहासिक मामेरा परंपरा का होगा पुनर्स्थापन,
भगा भगत पोल स्थित रणछोड़ मंदिर में लौटेगी 1878 की मूल परंपरा, जबकि रथयात्रा मार्ग पर वर्षों से चली आ रही वर्तमान परंपरा भी रहेगी यथावत।
भगा भगत पोल स्थित रणछोड़ मंदिर में लौटेगी 1878 की मूल परंपरा, जबकि रथयात्रा मार्ग पर वर्षों से चली आ रही वर्तमान परंपरा भी रहेगी यथावत।

बाला हनुमान मंदिर, सरसपुर चरण पादुका महोत्सव समिति के आयोजक हेमेन्द्र बागड़ी ने बताया कि लगातार दूसरे वर्ष चरणपादुका पूजन भी पारंपरिक रूप से सरसपुर में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ अपने मामा के घर आते हैं और उन्हें चरण पादुका पहनाकर श्रद्धालु स्वयं को कृतार्थ मानते हैं। गांव की जनता द्वारा स्वैच्छिक रूप से भगा भगत पोल में भात अर्पित करने की परंपरा का पुनर्जीवन पूरे सरसपुर के लिए गौरव का विषय है। साथ ही रणछोड़ मंदिर चौराहे पर भी पूर्ववत भात का आयोजन होगा।