Home खण्डेलवाल वैश्य धाम खण्डेलवाल वैश्य धाम जागरण भारत यात्रा का तीसरे चरण का आगाज़, चोमू में हुआ भव्य स्वागत

खण्डेलवाल वैश्य धाम जागरण भारत यात्रा का तीसरे चरण का आगाज़, चोमू में हुआ भव्य स्वागत

0
खण्डेलवाल वैश्य धाम जागरण भारत यात्रा का तीसरे चरण का आगाज़, चोमू में हुआ भव्य स्वागत
खण्डेला/चोमू। खण्डेलवाल वैश्य समाज के प्रमुख तीर्थस्थल “खण्डेलवाल वैश्य धाम” (खण्डेला-धाम) के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निकाली जा रही “खण्डेलवाल वैश्य धाम जागरण भारत रथ यात्रा” के तीसरे चरण का शुभारंभ बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:15 बजे गणेश मंदिर, खण्डेला धाम (जिला सीकर, राजस्थान) से किया गया।
यह यात्रा संस्थापक एवं आजीवन मैनेजिंग ट्रस्टी पुरुषोत्तम गुप्ता, अध्यक्ष आर.सी. गुप्ता (झालाणी) तथा महामंत्री रमेशचन्द्र खण्डेलवाल (जोधपुर) के नेतृत्व में प्रारंभ हुई। यात्रा का उद्देश्य देशभर में खण्डेलवाल समाज को उनके मूल तीर्थस्थान एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
अखिल भारत वर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, चोमू निवासी प्रो. रमेश कुमार रावत ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए गैंगटोक से फोन पर आयोजकों को शुभकामनाएं और साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा समाज के विकास और एकजुटता मेंमहत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यात्रा 16 अप्रैल को चोमू स्थित खंडेलवाल धर्मशाला पहुंची, जहां समाज के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान अध्यक्ष मुकेश खुटेटा, उपाध्यक्ष गोविन्द झालानी, मंत्री वीरेंद्र खंडेलवाल, संयुक्त मंत्री रमेश डगायच, कोषाध्यक्ष नवीन कासलीवाल सहित अनेक वरिष्ठ सदस्य एवं समाजबंधु उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा के दौरान रथ में विराजमान 72 गौत्रों की 37 कुलदेवी माताओं, भगवान गणेश, भगवान शिव, हनुमानजी, कालभैरव, गंगा माता, सरस्वती माता तथा समाज के संत सुंदरदास जी एवं बलरामदास जी महाराज की विधिवत आरती एवं भोग लगाया गया। साथ ही समाज के इतिहास, तीर्थ और कुलदेवियों के महत्व की जानकारी भी दी गई।
इस जागरण यात्रा के पहले और दूसरे चरण में यह गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के कई प्रमुख शहरों—उदयपुर, जोधपुर, अजमेर, किशनगढ़, बालोतरा, सिरोही और पाली सहित अनेक स्थानों तक पहुंच चुकी है।
समाज के लोगों में इस यात्रा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है और इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here