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સાવરકુંડલા ના નાવલીના પૂર પછી સાવર-કુંડલા માર્ગ ફરી શરૂ પત્રકાર સોહીલ શેખની પહેલ અને પાલિકા તંત્રની સરાહનીય કામગીરી

સંવાદદાતા: ગુજરાત પ્રવાસી અમદાવાદ

સાવરકુંડલા તાજેતરમાં નાવલી નદીમાં આવેલા વિનાશક પૂરને કારણે સાવર અને કુંડલાને જોડતો, મણિનગર બીડીકામદાર વિસ્તારમાંથી પસાર થતો મુખ્ય માર્ગ ગંભીર રીતે ક્ષતિગ્રસ્ત થયો હતો. આ માર્ગ વાહનવ્યવહાર માટે બંધ થઈ જતાં શાળા-કોલેજના હજારો વિદ્યાર્થીઓ, સ્થાનિક રહીશો અને રાહદારીઓને પારાવાર મુશ્કેલીઓનો સામનો કરવો પડ્યો હતો. ખરાબ રસ્તાઓને કારણે દૈનિક અવરજવર ખોરવાઈ ગઈ હતી અને જનજીવન પર તેની વ્યાપક અસર પડી હતી. આ ગંભીર સમસ્યા અંગે સ્થાનિક પત્રકાર શ્રી સોહીલ શેખે ત્વરિત કાર્યવાહી કરી, સાવરકુંડલા પાલિકા તંત્રનું ધ્યાન દોર્યું. તેમના અવિરત પ્રયાસો અને સચોટ રજૂઆતોના ફળસ્વરૂપે, પાલિકા તંત્ર દ્વારા તાત્કાલિક ધોરણે આ રસ્તાના સમારકામની કામગીરી હાથ ધરવામાં આવી હતી. યુદ્ધના ધોરણે હાથ ધરાયેલી આ કામગીરીને કારણે ક્ષતિગ્રસ્ત માર્ગ ફરીથી વાહનવ્યવહાર માટે ખુલ્લો મૂકવામાં આવ્યો છે. આ ઝડપી અને અસરકારક કામગીરીથી હજારો વિદ્યાર્થીઓ તેમજ સ્થાનિક રહીશો અને રાહદારીઓએ મોટી રાહત અનુભવી છે. લાંબા સમયથી ચાલી રહેલી હાલાકીનો અંત આવતા લોકોમાં ખુશીનો માહોલ છે. આ પ્રશંસનીય કાર્ય બદલ સૌએ સાવરકુંડલા નગરપાલિકાના ચીફ ઓફિસર શ્રી એસ.આઈ., જેસીબી ડ્રાઇવર, અને અન્ય સહકર્મીઓનો હૃદયપૂર્વક આભાર વ્યક્ત કર્યો હતો. પત્રકાર સોહીલ શેખના સક્રિય યોગદાન અને સાવરકુંડલા પાલિકા તંત્રની સમયસરની અને કાર્યક્ષમ કામગીરીને કારણે જાહેર જનતાની મુશ્કેલીઓનો સુખદ અંત આવ્યો છે. આ ઘટના જનસેવા અને તંત્રના સુમેળભર્યા પ્રયાસોનું ઉત્તમ ઉદાહરણ પૂરું પાડે છે, જે દર્શાવે છે કે જ્યારે સૌ સાથે મળીને કામ કરે છે, ત્યારે મોટામાં મોટી સમસ્યાઓ પણ હલ થઈ શકે છે.

प्रीतेश तिवारी के नेतृत्व में सीकेएनकेएच फाउंडेशन शिक्षा विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

नई दिल्ली: “चलो कुछ न्यारा करते हैं” फाउंडेशन के शिक्षा विभाग के निदेशक एवं प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतेश तिवारी के नेतृत्व में सीकेएनकेएच फाउंडेशन द्वारा “विश्व युवा कौशल विकास दिवस”

सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतेश तिवारी के नेतृत्व में सीकेएनकेएच फाउंडेशन द्वारा “विश्व युवा कौशल विकास दिवस” के अवसर पर एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), और बांग्लादेश के प्रतिष्ठित वक्ता भाग लेंगे।प्रीतेश तिवारी ने एक बयान में बताया कि यह सेमिनार युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य प्रधानमंत्री जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाना है। यह सेमिनार उसी प्रयास की एक कड़ी है।” 

सेमिनार में मुख्य वक्ताओं के रूप में शामिल होंगे, डॉ. बिपिन शर्मा (UAE से), डॉ. प्राण कनाई रॉय (बांग्लादेश से), डॉ. सबिता मिश्रा (भारत से), डॉ. नम्रता जैन (भारत से), कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे – उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्टी हाउसिंग कमिश्नर डॉ. एम. आर. चौहान, प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. करुणा जैन, यह आयोजन न केवल युवाओं को प्रेरित करेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के कौशल विकास मिशन को भी मजबूती प्रदान करेगा।

प्रीतेश तिवारी के नेतृत्व में सीकेएनकेएच फाउंडेशन शिक्षा विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

नई दिल्ली: “चलो कुछ न्यारा करते हैं” फाउंडेशन के शिक्षा विभाग के निदेशक एवं प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतेश तिवारी के नेतृत्व में सीकेएनकेएच फाउंडेशन द्वारा “विश्व युवा कौशल विकास दिवस” के अवसर पर एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), और बांग्लादेश के प्रतिष्ठित वक्ता भाग लेंगे।प्रीतेश तिवारी ने एक बयान में बताया कि यह सेमिनार युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य प्रधानमंत्री जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाना है। यह सेमिनार उसी प्रयास की एक कड़ी है।” सेमिनार में मुख्य वक्ताओं के रूप में शामिल होंगे, डॉ. बिपिन शर्मा (UAE से), डॉ. प्राण कनाई रॉय (बांग्लादेश से), डॉ. सबिता मिश्रा (भारत से), डॉ. नम्रता जैन (भारत से), कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे – उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्टी हाउसिंग कमिश्नर डॉ. एम. आर. चौहान, प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. करुणा जैन, यह आयोजन न केवल युवाओं को प्रेरित करेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के कौशल विकास मिशन को भी मजबूती प्रदान करेगा।

डॉ. नम्रता जैन के नेतृत्व में एडुक्रीया वैश्विक अनुसंधान समिति द्वारा 26 अगस्त को होगा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार

एडुक्रीया वैश्विक अनुसंधान समिति द्वारा 26 अगस्त 2025 को एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नव भारत के विकास की दिशा में शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और समाज से जुड़े विविध पहलुओं पर विमर्श करना है। इस सेमिनार के अंतर्गत एक अंतरराष्ट्रीय ISBN पुस्तक के प्रकाशन हेतु शोध आलेख आमंत्रित किए जा रहे हैं, जिसमें देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, व्याख्याताओं एवं प्राध्यापकों को अपने शोध प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। एडुक्रीया राज्य अनुसंधान समिति उत्तर प्रदेश की प्रेसिडेंट डॉ. नम्रता जैन ने बताया कि यह सेमिनार न केवल शैक्षिक क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि सामाजिक सुधार, डिजिटल तकनीक के समावेश और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण दिशा तय करेगा। उनके अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में प्रेजेंटेशन देने वाले प्रतिभागियों के शोध लेखों को ISBN युक्त अंतरराष्ट्रीय पुस्तक में प्रकाशित किया जाएगा। जो भी शोधकर्ता, व्याख्याता या प्राध्यापक इस विषय पर अपने विचार और शोध प्रस्तुत करना चाहते हैं, वे इस सेमिनार में भाग लेकर अपनी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। पंजीकरण एवं लेख प्रस्तुति हेतु विस्तृत जानकारी के लिए डॉ. नम्रता जैन, प्रेसिडेंट, एडुक्रीया राज्य अनुसंधान समिति उत्तर प्रदेश से संपर्क किया जा सकता है। वर्तमान में डॉ. नम्रता जैन तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में कार्यरत हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 जुलाई 2025 है जबकि शोध पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। शोध पत्र हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशन हेतु प्रस्तुत किए जा सकते हैं। यह सेमिनार नव भारत निर्माण की दिशा में सकारात्मक संवाद, नवाचार और नीतिगत सुझावों को गति देने का एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा, जहां विविध विषयों पर विचार साझा कर देश के भविष्य को नया दृष्टिकोण दिया जा सकेगा।

रिपोर्ट – पंकज कुमार गुप्ता
जिला – जालौन उरई
राज्य – उत्तर प्रदेश
चैनल – गुजरात प्रवासी न्यूज अहमदाबाद
मोबाईल नंबर – 6386458058

खबर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें: 6386458058

शाहजहांपुर जिलाधिकारी ने हासिल किया दूसरा स्थान

उत्तर प्रदेश सरकार ने जून 2025 के लिए सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग जारी की है इस रैंकिंग में शाहजहांपुर डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने 9.12 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है. जबकि जालौन पहले व महाराजगंज तीसरे स्थान पर रहा। यह रैंकिंग राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से तय की गई।

रिपोर्ट – पंकज कुमार गुप्ता
जिला – जालौन उरई
राज्य – उत्तर प्रदेश
चैनल – गुजरात प्रवासी न्यूज अहमदाबाद

गायत्री ज्ञान मंदिर के ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत 442वाँ युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्न “ज्ञानदान पूर्वजों के लिये सच्ची श्रद्धांजलि है।” – उमानन्द शर्मा

442वाँ युगऋषि वाङ्मय
दिनांक: 11.07.2025

लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर, इंदिरा नगर द्वारा संचालित विचार क्रांति ज्ञान यज्ञ अभियान के अंतर्गत आज पॉयनियर मॉन्टेसरी स्कूल, लखपेड़ा बाग, बाराबंकी के केंद्रीय पुस्तकालय में युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित 79 खंडोंका 442वाँ वाङ्मय सेट स्थापित किया गया।

यह साहित्य गायत्री परिवार की सक्रिय कार्यकर्त्री श्रीमती रत्ना श्रीवास्तव द्वारा उनके दिवंगत जीवनसाथी स्व० विकास श्रीवास्तव की पुण्य स्मृति में समर्पित किया गया। साथ ही, सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को अखण्ड ज्योति (हिन्दी)पत्रिका भी भेंट की गई।

कार्यक्रम का समापन संस्था की प्रधानाचार्या श्रीमती सोनिका मिश्रा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि देवेन्द्र सिंह, डॉ० नीलम गुप्ता, श्रीमती रत्ना श्रीवास्तव, पॉयनियर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ० वी०के० तिवारी, संस्थान के प्रबंधक श्री बृजेन्द्र सिंह, शिक्षकगण एवं छात्रगणउपस्थित रहे। 

 

संवाददाता – गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

अमरेली जिला के सावरकुंडला में गुरु पूर्णिमा पर्व पर तात्कालिक हनुमानजी आश्रम बना सेवा यज्ञ का धाम

सावरकुंडला स्थित तात्कालिक हनुमानजी आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव को धार्मिक और लोक सेवा गतिविधियों से भरपूर और विशिष्ट तरीके से मनाया गया। इस भव्य आयोजन में गुरु पूजन, यज्ञ, पूजा विधि, वृक्षारोपण, जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण, और निराश्रित व्यक्तियों को तिरपाल वितरण जैसी अनेक सेवाएं शामिल थीं। आश्रम ने इस पावन पर्व को सेवा, भक्ति और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के प्रतीक के रूप में मनाया।
यज्ञ की समाप्ति के बाद, आश्रम द्वारा अत्यधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक किट का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में सुरभि स्टेशनरी के ददभाई ने नोटबुक देकर सहयोग किया, जबकि अतुलभाई द्वारा संपूर्ण शैक्षणिक सामग्री का  वितरण किया गया।
इस सेवा कार्यक्रम में एक और प्रेरणादायक पहल की गई। बरसते पानी के बीच, जो व्यक्ति रात के दौरान खुले में रहते हैं, ऐसे निराश्रित और जरूरतमंद व्यक्तियों को रहने के लिए तिरपाल किट दी गई। इस तिरपाल किट के दाता ‘सबका मालिक एक मानव सेवा ट्रस्ट’ के पिंटूभाई थे।
तात्कालिक हनुमानजी आश्रम में आयोजित यह गुरु पूर्णिमा महोत्सव केवल एक धार्मिक पर्व नहीं था, बल्कि सेवा, भक्ति और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प का प्रतीक था। आश्रम द्वारा किए गए ये विभिन्न सेवाभावी और प्रशंसनीय कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं और ‘सभी जीवों की सेवा परमो धर्म’ का संदेश देते हैं।

गुजरात प्रवासी न्यूज अहमदाबाद

ગુરુપૂર્ણિમાના પાવન પર્વે મારા ગુરુજી પ.પૂ.સ્વ.શ્રી હરસુરબાપા ભગતને ગુરુ વંદનાસહ શત્ શત્ શત્ પ્રણામ સાથે સૌ મિત્રોને ગુરુ પૂર્ણિમાની હાર્દિક શુભેચ્છા………

સંવાદદાતા: જયંતિભાઇ આહીર ગુરૂ પૂર્ણિમા
પાવનપર્વે ગુરૂ જીને અર્પણ ગુજરાત પ્રવાસી ન્યૂઝ અમદાવાદ       

નાનપણથી મારો સ્વભાવ ધાર્મિક રહ્યો છે, જોકે પિતાજીની જેમ હું પણ ધર્મ એટલે ક્રિયાકાંડ, ટિલાટપકા કે ભગવાનના નામે બાહ્ય આડંબરથી દૂર રહ્યો છું. ધર્મ એટલે હરિ સ્મરણ સાથે ગરીબ-જરૂરિયાતમંદ જીવમાત્રની સેવા સાથે નિતી, નિષ્ઠા અને સત્યને રાહે ચાલવાની નેમ સાથે મોજમાં રહેવું એવું હું માનું છું. નાનપણથી હું હરિ મહિમા સાથે સત્પુરુષોના જીવન ચરિત્રોનો અભ્યાસુ રહેતા ગુરુ તરીકે સંત પુરુષની સતત શોધમાં રહેતો. અને એ દિશામાં રજનીશજીથી લઇ ગુજરાત ઉપરાંત ભારતના નામી-અનામી અનેક સંતો-મહંતોને મળતા રહી સત્સંગનો લાભ લીધો પરંતુ મનોમન નક્કી કરેલ ગુરૂજીની વ્યાખ્યામાં મને કોઇ અનુકૂળ ન આવ્યા. જોકે ગુરુ માટે વર્ષોથી મને ફાંફાં મારતો જોઈ પિતાજી ઘણી વખત કહેતા, ‘ઇશ્વરકૃપા વગર ગુરુ સંયોગ થતો નથી !’
પિતાજી સ્વ.શ્રી હરસુરબાપા ભગતને 21 ડિસે. 1996ના કાર્ડિયાક તકલીફ થતા સિવિલ હોસ્પિટલ, રાજકોટ દાખલ કરતા અમદાવાદથી રાતના બે વાગ્યે મને હોસ્પિટલમાં આવેલો જોઇ પિતાજીએ કહ્યું, ‘તું આવી ગયો આ જોને બધાયે ભેગા થઇ મને દવાખાનામાં દાખલ કરી દીધો છે !’
રાતના ફરજ પરના મેડીકલ ઓફિસરને મળી પિતાજીની તબીયત અંગે જાણકારી મેળવી. સિવિલ હોસ્પિટલ રાજકોટના ફિઝીશ્યન ડૉ. ત્રિવેદી મારા મિત્ર હોઇ તેઓ ડોક્ટરોની ટીમ સાથે પિતાજીની ઘનિષ્ઠ સારવાર કરી રહ્યા હતા. જોકે 23 ડિસેમ્બર 1996થી તબીયત વધુ બગડતા સગા-સંબંધીઓને બોલાવી લીધા. 24 ડિસે. રાતના દસેક વાગ્યે ડૉ. ત્રિવેદીએ પિતાજીનું બીપી ચેક કરતા 30-60 હોઇ નવાઇ પામતા મને કહ્યું, ‘આ મેડીકલ ચમત્કાર કહેવાય આ કંડીશનમાં દર્દી અનકોન્સિયસ હોઇ એની જગ્યાએ બાપા માળા ફેરવી રહ્યા છે !’
‘દાક્તર સાહેબ, મારે દવાખાનામાં દેહત્યાગ કરવો નથી ! મને રજા આપો તો સૌ સ્નેહીજનોની હાજરીમાં ઘરે જઇ જીવનલીલા સંકેલવી છે !’
પિતાજીની અંતિમ ઇચ્છા સાંભળી ડોકટરે કાર્ડિયાક કંડીશન સુધરે તેવી કોઇ શક્યતા ન જોતા મને કહ્યું, ‘જયંતિભાઈ, જીવન-મૃત્યુ ઇશ્વર આધિન છે, બાપાની ઇચ્છા પુરી કરવી કે નહીં તે તમારા હાથમાં છે !’ ડોકટરની સલાહ સાથે પિતાજીની ઇચ્છાને માન આપતા સવારે હોસ્પિટલમાંથી રજા લઇ ઘેર જતા રહેવું તેવું સૌ પરિવારજનોને ભેગા કરી નિર્ણય લેતા પિતાજીએ ફરી કહ્યું. ‘જો અત્યારે જવાય તો સારૂં પણ કંઇ વાંધો નહીં જેવી ઠાકરની મરજી !’ ભારે હૈયે પિતાજીની ઇચ્છા અને ડૉકટરની સલાહ મુજબ વહેલી સવારે હોસ્પિટલમાંથી રજા લઈ ઘેર જવાનું નક્કી થતા પિતાજીની તબીયત જોવા બહારગામથી ઘણા સગા-સંબંધીઓ આવ્યા હોઇ તેની રહેવા-જમવાની વ્યવસ્થામાં સૌ લાગી ગયા. જોકે હું અને મોટા બહેન કમળાબેન બાપુજી પાસે રહ્યા. રાતના બારેક વાગતા પિતાજીએ મારો હાથ પકડી ધીરેથી કહ્યું, ‘મારે તને કંઇક આપવું છે !’
‘બાપુજી, તમારા આશિર્વાદથી મારી પાસે બધું છે, બસ તમે સાજા થઇ જાવ એટલે ઘેર જઇ તમારે જે આપવું હોઇ તે સૌની હાજરીમાં આપજો !’
‘બેટા હું જે આપવા માંગુ છું તેની કિંમત તારા સિવાય કોઇ નહીં સમજે !’ એમ કહેતા આંખથી ઇશારો કરતા નજીક બોલાવ્યો.
‘શું તારી શોધ પુરી થઇ ? તેં કોઇને ગુરુ બનાવ્યા ?’
‘પિતાજી, મારું મન માને તેવા સાધુ પુરુષ મળ્યા ન હોઇ કોને ગુરૂ બનાવું ?’
‘બેટા જો શિષ્ય ગુરૂને ઓળખી ન શકે તો ગુરૂએ શિષ્યને ઓળખી લેવો જોઇએ થોડોક પાંહે આવ્ય !’ એમ કહેતા જમણો હાથ મારા માથા ઉપર મુકવાનો પ્રયત્ન કર્યો.
‘બાપુજી આ હાથમાં બે બાટલા ચડાવ્યા છે, એટલે ડાબો હાથ માથા ઉપર મુકી આશિર્વાદ આપો !’
‘અરે એમ ન હોઇ જેમ થતું હોઇ તેમ થાય ! કમુ તું અહીં આવ્ય આજે હું જેન્તીને ગુરૂ મંત્ર આપું છું તેની તું સાક્ષી બન !’ પિતાજીની વાત સાંભળી મોટાબહેન આંખમાં અશ્રુ સાથે રડતા રડતા મારી બાજુમાં આવી ઊભા રહેતા પિતાજીએ જમણો હાથ મારે માથે મુકી મારા કાનમાં ધીરેધીરે રામ મંત્ર કહ્યો જે ગુરૂમંત્ર હોઇ અહીં રજૂ કરતો નથી.
‘બેટા 85 વર્ષના જીવન કાળમાં જીવમાત્ર દીન-દુ:ખીયાની સેવા અને ‘રામ’ સ્મરણથી મોટું મને કંઇ લાગ્યું નથી. શુદ્ધ આચરણ સાથે સત્ય રાહે ચાલતા પહાડ જેવા સંકટ ચપટીમાં ચોળાઇ જાય છે અને મેરૂ ડગે એવા કાર્ય મનમાં ધારશો તો એ પણ મારો કાળિયો ઠાકર પુરા કરી બતાવશે. આજે આપણા બેયની ઇચ્છા મોલડીના ઠાકરે પુરી કરી છે !’ થોડીવાર વિચારી આગળ કહ્યું, ‘બેટા મારા મૃત્યુ પછી મને ફુલ સમાધિ આપજો અને જીવનમાં મારાથી શ્રીમદ ભાગવત સપ્તાહ કરવાની બાકી રહી ગઇ હોઇ એ કરજો અને હા શક્ય હોઇ તો મારા અસ્થિ તિર્થસ્થાનોમાં વિસર્જીત કરજો !’
‘બાપુજી, તમે આ શું બોલો છો ? એક વખત તમે સાજા થઇ જાવ આપણે ધામધૂમથી શ્રીમદ ભાગવત સપ્તાહનું આયોજન કરીશું !’ આમ કહેતા હું ધ્રુસ્કે ચડતા કમળાબેન પણ રડવા લાગતા પિતાજીએ હસતે મોઢે અમોને શાંત કરતા કહ્યું, ‘આ નશ્વરદેહનો દરેકે વહેલા મોડા ત્યાગ કરવાનો છે એટલે તો હું સમાધિ સ્વરૂપે જીવંત રહેવાની વાત કરું છું !’
રાતના જ ડિચાર્જ પેપર તૈયાર થઇ જતા સવારે હોસ્પિટલમાંથી રજા લઇ અમો ગામડે જવા નીકળ્યા. રાજકોટથી ચાલીસેક કિલોમીટર આપારતાનું મોલડી ગામ આવેલ છે. મારા પિતાજી મોટરકારની પાછલી સીટમાં મારા ખોળામાં માથુ રાખી સુતા હતા અને મારી બાજુમાં મારા માતુશ્રી જીવુમા બેઠા હતા. મોટાભાઇ વશરામભાઇ ગાડી ચલાવી રહ્યા હતા, તથા કરશનભાઇ આગળ સીટમાં બેઠા હતા. ચાલુ ગાડીમાં અચાનક પિતાજીના ચહેરા ઉપર સવારનો કુમળો તડકો પડતા તેઓએ ધીરેથી આંખો ઉઘાડી આકાશ સામે હાથનો ઇશારો કરતા કહ્યું, ‘મેં ત્યાં રામધન દાટ્યું છે, નિતીએ રહેશો તો સદૈવ તમારી ઉપર તે વરસતું રહેશે !’
ઘેર પહોંચતા ગામમાં વાયુ વેગે વાત ફેલાતા થોડીવારમાં ઘર, ફળિયું અને શેરીમાં માણસોની ભીડ જામી. જોકે પિતાજીની નાજૂક તબીયત છતાં સંપૂર્ણ સભાન અવસ્થામાં હોય જે લોકો તેમને મળતા તેને નામથી બોલાવી ‘રામ રામ’ કરતા. પિતાજીએ બપોરાનો સમય થતા જમવાની વ્યવસ્થા કરવાનું કહેતા શાક-રોટલા અને છાસનું ભોજન તૈયાર થતા દોઢસોએક લોકોએ સાથે બેસી ભોજન કર્યુ એ સાથે પોતા માટે કોફી બનાવડાવી બે ચમચી પીધી. જોકે ઘરમાં દાખલ થયા ત્યારથી જ પિતાજીની સુચના મુજબ ગીતાજીનું પઠન, શ્રીવિષ્ણૂ સહસ્ત્રનામાવલી, શ્રીહનુમાન ચાલીસા અને રામધૂન ક્રમશ: ચાલુ જ હતા. સૌએ જમી લીધું હોવાનું જાણી જાણે અનંતની યાત્રાએ જવાની ઉતાવળ હોઇ તેમ પિતાજીએ દાઢી કરાવી અને પેશાબ કરવા જવાનું કહેતા ઢોલીયા પર બેઠા કરી યુરોટબ મંગાવતા તેમણે નારાજ થતા કહ્યું, ‘ઘરમાં પેશાબ કરાય હું ચાલી નથી શકતો પણ મને તેડીને વાડામાં લઇ જાવ !’
પિતાજીની ઇચ્છાનુસાર વાડામાં લઇ ગયા. ઢોલીયા પર પાછા લાવતા સ્નાન કરવાની ઇચ્છા વ્યક્ત કરવા પગથી માથા સુધી ભીના કપડાથી શરીર સાફ કરતા ચહેરા પર સંતોષનો ભાવ જોવા મળ્યો. એ દરમિયાન ચોટીલાથી ફિઝીશ્યન આવતા પિતાજીની નાડી ચેક કરતા પલ્સ ન પકડાતા ડૉકટર નવાઇ સાથે પિતાજી સામે જોતા જ રહ્યા. તે જોઇ પિતાજીએ મોઢું મલકાવતા કહ્યું, ‘દાક્તર સાહેબ મારા શરીર પરથી આ બાટલા અને સોયો કાઢી નાંખો તો સારૂં !’ અને ડૉકટરે પિતાજીની ઇચ્છાને માન આપતા બાટલા અને સોયો દૂર કર્યા. પિતાજીએ બપોરનો દોઢેક વાગતા રામધૂન શરૂ કરાવતા સૌને હાથે ગંગાજળ પીવાની ઇચ્છા વ્યક્ત કરતા ઘર પરિવાર, સગા-સંબંધીઓ તેમજ ગામના લોકોએ રડતા રડતા પિતાજીના મોઢે ચમચી અડાડી ગંગાજળ પાયું. એ વખતે અનંતના માર્ગે જવાની જાણે ઉતાવળ હોઇ તેમ શરીર પરથી પહેરણ ઉતારી ઢોલીયા પર બેઠા થઇ પુછ્યું, ‘ગાયો ચરીને આવી ગઇ !’
‘ના, બાપુજી હજુ ગૌધણ આવ્યું નથી !’ મેં જવાબ આપતા મોટાભાઇ કરશનભાઇએ પિતાજીની મનનો ભાવ જાણી લેતા મને વચ્ચે રોકતા કહ્યું, ‘બાપુજી, વેળા થઇ ગઇ છે બસ ગાયો આવતી જ હશે !’
અર્ધોએક કલાક પછી પિતાજીએ સૌ સામે હેતાળ નજર ફેરવી બે હાથ જોડી ‘એ રામ રામ !’ કહેતા ઢોલીયા પર લંબાવ્યું અને જાણે ચમત્કાર થયો હોઇ તેમ તેમના પગના અંગુઠામાંથી જાણે એક અલૌકિક સ્વર ઉત્પન્ન થયો જે શબ્દોમાં વર્ણવી ન શકાય તેવો એ નાદ પગથી નાભી અને ત્યાંથી હૃદય – ભ્રુકુટી થઇ બ્રહ્મરંધને વિંધતો એ નાદ પવિત્ર નાતાલના દિવસે અનંતમાં વિલિન થઇ ગયો.
આજે ગુરૂ પૂર્ણિમાના અવસરે મારા ગુરુજી સ્વ.શ્રી હરસુરબાપા ભગતને અર્પણ કરતા આ પ્રસંગ આપ સૌ સમક્ષ રજૂ કર્યો છે, ગુરુ વિશેના તેમના વિચારો અહીં રજૂ કરું છું.
ગુ એટલે અંધકાર અને રુ એટલે પ્રકાશ.આમ અજ્ઞાનરૂપી અંધકારને જ્ઞાનરૂપી પ્રકાશથી દૂર કરે તે ગુરુ.
દરેક મનુષ્યમાં ગુરુ તત્વ રહેલું હોય અંતરાત્માનો અવાજ જ સાચો ગુરુ છે, ગુરુ તત્વ અનાદિ, અનંત અને અચળ હોય કબીર કહે છે, ‘અપની આંખસે દેખીયે, કહે દાસ કબીર….’
‘ગુરુ બ્રહ્મા, ગુરુ વિષ્ણુ, ગુરુદેવો મહેશ્વર;
ગુરુ સાક્ષાત પરંબ્રહ્મ તસ્મૈય શ્રી ગુરવે નમ :’
જે ગુરુથી જ્ઞાન પ્રાપ્તિ ન થાય તેને પડતા મૂકવામાં વિલંબ ન કરવો જોઈએ. ગુરુ દત્તાત્રેય એ પશુ, પંખી, જીવ-જંતુ સહીત ચોવીસ ગુરુ બનાવ્યા. આ ચોવીસ ગુરુમાંથી તેમણે કોઈને પડતા ન મૂક્યા કે કોઈ પ્રત્યે આદર ઓછો ન કર્યો. સ્કંદપુરાણનો એક શ્લોક ગુરુ-શિષ્યના સબંધ વિશે સરસ દ્રષ્ટાંત પુરુ પાડે છે.
મધુલુબ્ધો યથા ભૃંગ: પુષ્પાત્પુષ્પાન્તરં વૃણેત્ l
જ્ઞાનલુબ્ધસ્તથા શિષ્યો ગુરોગુર્ધન્તરં વ્રજેત્ ll
જેમ ભમરો મધના લોભમાં એક પુષ્પથી બીજા પુષ્પ ઉપર ઉડાઉડ કરે છે, તેમ જ્ઞાનની જિજીવિષા ધરાવતા શિષ્યે પણ એક ગુરુ પાસેથી બીજા ગુરુ પાસે જવામાં કોઈ સંકોચ ન રાખવો જોઈએ. જો કે આજના જમાનામાં પોતાનો શિષ્ય અન્ય કોઇ ગુરુ પાસે જાય તો મોટી હોહા થઇ જાય છે. આવા ગુરુઓને શિષ્યના આધ્યાત્મિક કલ્યાણમાં નહીં, તેના તરફથી મળતા ધનમાં જ રસ હોય છે. જોકે ગુરુ બનાવવા એ સો ગરણે પાણી ગાળીને પીવા જેવું અઘરું છે. ધર્મના નામે દંભ કરનારાને ગુરુ બનાવવો એ આંધળાને રસ્તો પુછવા જેવું છે. મારા ગુરુજી સ્વ.શ્રી હરસુરભાઈ ભગત હંમેશા કહેતા કે,
મન, મોતી અને દૂધ, ત્રણેયનો એક સ્વભાવ;
ફાટે પછી ન મળે, કોટી જતન કરો ઉપાય.
ચાર ચિહ્ન હરિભક્તિ તણા, પ્રગટ દેખાય દે;
દયા ધર્મ આધીનતા પરદુ:ખને હરી લે.
મન, મોતી અને દૂધ જો એક વખત ફાટે પછી ગમે તેટલા ઉપાય કરો તોય તે તેના મૂળ સ્વરૂપમાં પાછા લાવી શકાતા નથી. તેથી તેનું સાચવી જતન કરવું જોઈએ. આવી રીતે જે વ્યક્તિને હરિ ભક્તિનો રંગ લાગ્યો હોય તેના હૃદયમાં સદૈવ દયા ભાવ સાથે યમ (અહિંસા, સત્ય, અસ્તેય, બ્રહ્મચર્ય, અપરિગ્રહ) અને નિયમ (શૌચ, સંતોષ, તપ, સ્વાધ્યાય, ઇશ્વર પ્રણિધાન)ને આધિન રહી પોતાનું જીવન નિર્વાહ કરતો રહે છે, આવી વ્યક્તિ નિતીયુક્ત ધર્મ, ઇશ્વર પ્રત્યે સહજ શરણાગત ભાવ અને પારકા દુ:ખ દૂર કરવા સદૈવ તત્પર રહેતા હોઇ આ ચાર સદગુણો તેનામાં સહજભાવે જોવા મળે છે. પિતાજી હંમેશા કહેતા જે મનુષ્ય આ ચાર સદગુણ ધરાવતો હોઇ તે કોઈપણ જાતિ, સંપ્રદાય કે ધર્મનો હોય અરે તે સાધુ હોય કે સંસારી તેનાથી કંઈ ફેર પડતો નથી. આવો મનુષ્ય સ્વયં તિર્થ સ્વરૂપ હોય તેના સાનિધ્યમાં રહેનાર વ્યક્તિ પણ મોક્ષનો અધિકારી બને છે.

कोसाड आवास की चौथी मंजिल से युवती ने लगाई मौत की छलांग

अमरोली कोसाड आवास में एक युवती ने मकान की चौथी मंजिल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। पता चला कि मृतका ने मकान बदलने की लेकर अपने परिवार से दुखी होकर यह कदम उठाया।पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मूल रूप से भावनगर निवासी और वर्तमान में अमरोली क्षेत्र के कोसाड आवास में रहने वाले दिनेश दलोदिया हीरा फैक्ट्री में काम करते थे और अपनी पत्नी, एक बेटे और तीन बेटियों सहित अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दिनेश. की तीन बेटियों में से 18 वर्षीय रिद्धि ने बिल्डिंग की चौथी मंजिल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। जिससे गंभीर रूप से घायल होने के कारण रिद्धि की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार ने दो दिन पहले छापराभाठा स्थित गुजरात हाउसिंग बोर्ड रिलायंस नगर में नए मकान में शिफ्ट होने का फैसला किया था। हालांकि रिद्धि को कोसाड आवास में ही रहना था। उसे नए मकान में शिफ्ट होना नहीं था। पता चला कि मकान बदलने को लेकर डिप्रेशन में आकर उसने आत्महत्या का कदम उठाया। अमरोली पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

रिपोर्टर आशीष कुमार शुक्ला गुजरात प्रवासी न्यूज़ सूरत अहमदाबाद

एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम के साथ “एनसीसी भर्ती और पौधारोपण के साथ सेंट ऐंस स्कूल में राष्ट्र निर्माण व पर्यावरण संरक्षण का संदेश”

रुड़की (हरिद्वार)।गुजरात प्रवासी न्यूज
सेंट ऐंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रुड़की में मंगलवार को एक विशेष अवसर पर वरिष्ठ स्कंध एवं कनिष्ठ स्कंध एनसीसी कैडेट्स की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न हुई। इस अवसर पर 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के कमान अधिकारी कर्नल रामकृष्णन रमेश द्वारा भर्ती कार्यक्रम का निरीक्षण किया गया।

विद्यालय में पहली बार कनिष्ठ स्कंध एनसीसी की स्थापना की गई, जिससे छात्राओं में विशेष उत्साह देखा गया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस महत्वपूर्ण क्षण को यादगार बनाने हेतु देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” के अंतर्गत विद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कर्नल रमेश ने उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल अनुशासन ही नहीं सिखाता, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी मोबाइल और डिजिटल उपकरणों में अधिक समय व्यतीत करती है, ऐसे में एनसीसी जैसे संगठन उनके शारीरिक,मानसिक और सामाजिक विकास में सहायक बन सकते हैं।

उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए एनसीसी को उनके भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया और कहा कि एनसीसी के माध्यम से युवा देश सेवा, नेतृत्व कौशल, और जीवन में अनुशासन के महत्व को समझ पाते हैं।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर रानी सीरियक ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय को कनिष्ठ स्कंध एनसीसी ट्रूप आवंटित होना गर्व का विषय है। उन्होंने कमान अधिकारी व एनसीसी टीम का आभार प्रकट किया।

उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में बटालियन से सूबेदार मेजर अमर सिंह, सीनियर ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर रवि कपूर, वाइस प्रिंसिपल सिस्टर भावना क्रिस्टी, मैनेजर सिस्टर बिंदु फिलिप, कोऑर्डिनेटर लिज़ी फिलिप्स, सीनियर विंग केयरटेकर शाहीन परवीन, जूनियर विंग केयरटेकर दीपमाला, खेल प्रशिक्षक विवेक, इंस्ट्रक्टर पपेन्द्र बिष्ट, सूबेदार राजेश, हवलदार जगत सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों द्वारा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेकर किया गया।

सह संपादक डॉक्टरआलोक कुमार द्विवेदी गुजरात प्रवासी न्यूज हरिद्वार अहमदाबाद