चोमू/जयपुर, राजस्थान।
चोमू तहसील की अशोक विहार कॉलोनी में स्थित सरकारी बोरवेल पर लगाए गए सार्वजनिक पेयजल नल को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा दूसरी बार तोड़ दिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से कॉलोनी के उन परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो अपनी दैनिक जल आवश्यकताओं के लिए इसी सार्वजनिक नल पर निर्भर हैं। साथ ही कॉलोनी स्थित शिवालय में भगवान भोलेनाथ के अभिषेक, पूजा-अर्चना एवं मंदिर की साफ-सफाई की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
अशोक विहार निवासी रमेश कुमार रावत, जो वर्तमान में सिक्किम के गंगटोक में कार्यरत हैं, ने चोमू थाना प्रभारी हरमेंद्र सिंह को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजकर अज्ञात असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने थाना प्रभारी से दूरभाष पर भी बातचीत कर क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने का अनुरोध किया।
शिकायत के बाद चोमू पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक पुलिसकर्मी को मौके पर भेजा तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई। हालांकि बोरवेल के आसपास कैमरों का कवरेज नहीं होने के कारण आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी।
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता सुनील कुमावत ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि चोमू क्षेत्र में कई सरकारी बोरवेलों पर सार्वजनिक नल लगे हुए हैं, लेकिन अशोक विहार में इस प्रकार नल को बार-बार तोड़े जाने की यह पहली घटना है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।
स्थानीय निवासियों दिनेश अग्रवाल (खेमा वाला), देवकीनंदन अग्रवाल तथा विराज फाउंडेशन के प्रदेशाध्यक्ष भुवनेश तिवारी सहित अन्य लोगों ने भी इस कृत्य की कड़ी भर्त्सना की है। उनका कहना है कि यह नल कॉलोनी के कई परिवारों और शिव मंदिर के लिए पेयजल का एकमात्र साधन है। नल टूट जाने की स्थिति में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि यह सार्वजनिक पेयजल नल जलदाय विभाग के सहायक अभियंता सुनील कुमावत के निर्देश पर रमेश कुमार रावत के अनुरोध के बाद सरकारी बोरवेल पर लगाया गया था। इसके स्थापना का पूरा खर्च रमेश कुमार रावत एवं उनके परिवार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए स्वयं वहन किया था। पहली बार नल तोड़े जाने के बाद परिवार ने अपने खर्च पर दोबारा नल लगवाया, लेकिन असामाजिक तत्वों ने उसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया। अब जनहित में परिवार ने तीसरी बार अपने खर्च पर नया नल स्थापित कराया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “जल ही जीवन है” और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को नुकसान पहुंचाना समाज विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट: ब्यूरो रिपोर्ट
गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद






