रुड़की, हरिद्वार (उत्तराखंड)। प्रतिभा, अनुशासन और अथक परिश्रम का शानदार उदाहरण प्रस्तुत करते हुए 84 उत्तराखंड वाहिनी एनसीसी, रुड़की के कैडेट अक्षय राणा ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में आयोजित इंटर बटालियन 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गुरुवार को 84 उत्तराखंड वाहिनी एनसीसी परिसर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों, प्रशिक्षकों और कैडेट्स ने उनका जोरदार स्वागत करते हुए सम्मानित किया।
समारोह में कमान अधिकारी कर्नल जगदीश अलमिया ने कैडेट अक्षय राणा को स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार सिंह ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि केवल अक्षय राणा की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड एनसीसी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
बीएसएम (पीजी) कॉलेज, रुड़की में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र अक्षय राणा ने इस सफलता के लिए लंबे समय तक कठिन अभ्यास किया। उन्होंने 1 जून से 20 जून तक पिथौरागढ़ में विशेष फायरिंग प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद 8 जुलाई से 18 जुलाई तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में एयर पिस्टल शूटिंग का गहन अभ्यास किया। उनके निरंतर प्रयास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम प्रतियोगिता में देखने को मिला, जहां देशभर से आए 16 प्रतिभागियों के बीच हुए कड़े मुकाबले में उन्होंने 371 अंक अर्जित कर प्रथम स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
सम्मान समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब कैडेट अक्षय राणा ने अपना स्वर्ण पदक अपने दिवंगत पिता गौरव सेनानी स्वर्गीय संजीव कुमार की पावन स्मृति और अपनी माता श्रीमती अनु को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता का सपना था कि वह देश की सेवा करें और परिवार का नाम रोशन करें। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी पूरी लगन और निष्ठा के साथ देश सेवा करते हुए एनसीसी और उत्तराखंड को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने का प्रयास करेंगे। उनके इन शब्दों ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।
कमान अधिकारी कर्नल जगदीश अलमिया ने अपने संबोधन में कहा कि कैडेट अक्षय राणा की सफलता अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अक्षय राणा भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय बटालियन के प्रशिक्षण अधीक्षक रवि कपूर की देखरेख में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि कैडेट अक्षय राणा की उपलब्धि 84 उत्तराखंड वाहिनी एनसीसी के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाली है। यह सफलता अन्य कैडेट्स के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें खेलों एवं सैन्य प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करेगी।
इस अवसर पर सूबेदार सुनील कुमार, डीईओ संदीप बुड़ाकोटी, हवलदार राजेंद्र सिंह, हवलदार जगत सिंह भंडारी, गौरव सेनानी धर्म सिंह, केयरटेकर प्रियंका प्रजापति सहित बटालियन के अनेक अधिकारी, कर्मचारी, प्रशिक्षक एवं कैडेट उपस्थित रहे। सभी ने कैडेट अक्षय राणा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कैडेट अक्षय राणा की यह सफलता न केवल उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि समर्पण, कठोर प्रशिक्षण और आत्मविश्वास के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया जा सकता है।
रिपोर्ट: डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
सह संपादक, गुजरात प्रवासी न्यूज़, हरिद्वार






