Home गुजरात प्रवासी न्यूज़ शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा, सेवा और श्रद्धा का बना अद्भुत संगम

शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा, सेवा और श्रद्धा का बना अद्भुत संगम

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शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा, सेवा और श्रद्धा का बना अद्भुत संगम

     मंगलौर, हरिद्वार (उत्तराखंड)। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा के लिए आसिफ नगर गंग नहर, मंगलौर में ब्लॉक शिक्षा विभाग नारसन एवं नारसन ब्लॉक के समस्त विद्यालय परिवार के संयुक्त सौजन्य से आयोजित विशाल कांवड़ सेवा भंडारा दूसरे दिन भी श्रद्धा, सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल बनकर सामने आया। हजारों की संख्या में पहुंचे शिवभक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया और आयोजकों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए भगवान भोलेनाथ का जयघोष किया। पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के उद्घोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।

भंडारे के दूसरे दिन का सबसे भावपूर्ण एवं आकर्षक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब कांवड़ यात्रा पर निकले शिवभक्तों का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। स्वयंसेवकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति सम्मान और आस्था व्यक्त की। इस आत्मीय स्वागत से अभिभूत शिवभक्तों के चेहरों पर प्रसन्नता साफ दिखाई दी। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार का सम्मान उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है और सेवा भावना भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है।

भंडारे में शिवभक्तों के लिए सात्विक भोजन, शीतल पेयजल, विश्राम की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सेवा कार्य में लगे शिक्षक, कर्मचारी एवं स्वयंसेवक पूरे दिन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। भोजन वितरण, जल सेवा, स्वच्छता व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन और सुव्यवस्था बनी रही।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा विभाग नारसन श्री कामेश्वर प्रसाद उनियाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की सेवा करना भगवान शिव की आराधना के समान है और शिक्षा विभाग द्वारा समाजहित में किए जा रहे ऐसे कार्य निश्चित रूप से प्रेरणादायी हैं। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विद्यालयों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य भारतवीर मलिक (लिब्बरहेड़ी), सुरेश रौथाण, हर्ष प्रकाश काला, जय कुमार कश्यप, रवीश कुमार, सोनू, मुन्नी देवी, दिनेश सिंह, ब्लॉक खेल समन्वयक पवन राणा, संदीप वर्मा, साधना तथा सह संपादक डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी, समाजसेवी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने शिवभक्तों की सेवा कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

आयोजकों ने बताया कि कांवड़ यात्रा की अवधि तक सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा। उनका उद्देश्य प्रत्येक शिवभक्त को सम्मानपूर्वक भोजन, जल एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि उनकी यात्रा सुखद एवं सुरक्षित बन सके। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी ऐसे सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

यह आयोजन केवल एक भंडारा नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, सहयोग और सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। शिक्षा विभाग और विद्यालय परिवार द्वारा किए गए इस पुनीत कार्य की स्थानीय नागरिकों एवं शिवभक्तों ने मुक्त कंठ से सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

रिपोर्ट: डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
सह संपादक, गुजरात प्रवासी न्यूज़, हरिद्वार

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