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जब बच्चे दूर जाएँ, तो माता-पिता क्यों रह जाते हैं अकेले? वृद्धाश्रम क्यों बढ़ रहे हैं?

लेख: सियाराम शर्मा, अध्यक्ष, अखिल भारतीय विकास परिषद, अहमदाबाद

भारत, जो सदियों से बुज़ुर्गों का आदर करने वाला समाज रहा है, आज उसी व्यवस्था में एक गहरी दूरी का सामना कर रहा है। यह दूरी केवल दूरी का नहीं—भावनात्मक, सामाजिक और संरचनागत बदलाव की दूरी है।

बढ़ती उम्र, घटते परिवार

2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 60-साल और उससे ऊपर की आबादी लगभग 104 मिलियन थी, जो केवल 8.6% थी; लेकिन संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि यह संख्या 2026 तक 173 मिलियन और 2050 तक 20% तक पहुँच जाएगी ।

2022 में भारत में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगभग 149 मिलियन थी, जो 2050 तक बढ़कर 347 मिलियन होने की भविष्यवाणी है । इस विशाल वृद्धि की वजह से पारंपरिक देखभाल व्यवस्था ढहती जा रही है।

एक ओर जहाँ बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है, वहीं परिवारों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। संयुक्त परिवारों की जगह अब छोटे-से-छोटे एकल परिवारों ने ले ली है।

युवा पलायन — बुजुर्गों पर अकेलापन

36% बुजुर्गों के कम-से-एक बच्चे पहले से ही पलायन कर चुके हैं, और 35% बुजुर्ग “empty-nesters” हैं—यानी बच्चे घर से बाहर रहते हैं ।

2001 से 2011 के बीच बुजुर्ग प्रवासियों की संख्या 34.6 मिलियन से बढ़कर 53.8 मिलियन हो गई—a 55% की तेज़ वृद्धि ।

ऐसे बुजुर्गों के लिए सामाजिक समर्थन में कमी (e.g., दोस्त-परिवार से जुड़ाव) और भावनात्मक समर्थन में गिरावट स्पष्ट रूप से देखी गई है ।

हालाँकि प्रवासी बच्चों द्वारा भेजे गए पैसे कुछ भौतिक सुविधाएँ दे सकते हैं—लेकिन मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। “बिट्स में बेहतर शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य, लेकिन सामाजिक और मानसिक भावनात्मक स्वास्थ्य में गिरावट” जैसे अध्ययन मिले हैं ।

वृद्धाश्रमों का विस्तार—शर्म का सच

एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कई बुजुर्ग झाड़ियों में, अस्पतालों में या ट्रेन स्टेशनों पर छोड़ दिए जाते हैं । यह हमारे सामाजिक मूल्य की एक दर्दनाक तस्वीर है।

भारत में वर्तमान में लगभग 728 वृद्धाश्रम हैं; जिनमें से 325 मुफ्त, 95 सशुल्क और लगभग 110 दोनों प्रकार की व्यवस्था वाले हैं ।

यह स्पष्ट संकेत है कि पारंपरिक पारिवारिक देखभाल व्यवस्था टूट रही है, और वृद्धाश्रम—अनचाही लेकिन जरूरी सुविधा—बढ़ रही है।

सकारात्मक पहलें और समाधान

1. सरकार और समाज की सक्रिय भूमिका

स्नह धाम, इंदौर: जून 2025 में उद्घाटन, यह 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सुरक्षित, सम्मानजनक आवासीय सुविधा है जिसमें खान-पान, चिकित्सा, मनोरंजन, काउंसलिंग और सुरक्षा शामिल हैं ।

यू.पी. में वरिष्ठ नागरिक केंद्र: आगरा, झांसी, कानपुर, लखनऊ जैसे शहरों में इन केंद्रों का स्थापना, जहां बुज़ुर्गों को सामाजिक और स्वास्थ्य-समर्थन मिलता है ।

नागपुर का Jiwhala Club 60+: यह क्लब एक “दूसरा परिवार” बनकर बुजुर्गों को भावनात्मक सहारा देता है—महीनावारी जन्मदिन समारोह, भोजन, संगीत, बातचीत से मन में खुशी और belonging की भावना जगाता है ।

देशव्यापी वरिष्ठ नागरिक समुदाय: “Senior living” मॉडल तेजी से उभर रहा है; अनुमान है कि 2029 तक देश में 70,000 से अधिक वरिष्ठ आवास इकाइयों की मांग होगी । देयकों और नीति प्रोत्साहन (जैसे हरियाणा और महाराष्ट्र में है) इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ाएँगे ।

2. Kanun aur Social welfare

Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007: यह कानून बच्चों और संबंधियों पर माता-पिता की देखभाल का कानूनी दायित्व थोपता है। इसमें वृद्धाश्रम की स्थापना का प्रावधान, पोषण, आवास, चिकित्सा देखभाल और कानूनी राहत के प्रावधान शामिल हैं ।

Vayomithram (केरल): यह स्वास्थ्य-समर्थन पहल बुजुर्गों को मोबाइल क्लिनिक, पल्लिएटिव केयर और हेल्प डेस्क सुविधाएं उपलब्ध कराता है ।

बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है, परिवारों की संरचना बदल रही है, और भावनात्मक दूरी बढ़ रही है—इससे जो खालीपन और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है, वह सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या है।

हमें सिवाय कानून और योजनाओं के, संवेदनशीलता और संस्कार की पुनरावृत्ति की भी ज़रूरत है:

बच्चों में एक दूसरे के प्रति सम्मान और आदर का बीज बोना।

संयुक्त परिवार और सामाजिक जुड़ाव को फिर से सक्रिय करना।

वृद्धाश्रम, समर्थन केंद्र और स्वास्थ्य-सेवा संस्थाओं को अधिक मानव-केन्द्रित बनाना।

माता-पिता ने हमें न केवल जीवन दिया, बल्कि संस्कार, प्यार और मार्गदर्शन भी दिया। बुढ़ापे में उन्हें सम्मान, सुरक्षा, और भावनात्मक सहारा मिलना हमारा नैतिक दायित्व है—यह केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे समाज का उत्तरदायित्व है।

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ऑटो, तमंचा, कैश और ढाई लाख की कॉपर केबिल बरामद

आगरा जनपद के शमशाबाद क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक हार्डवेयर दुकान में हुई चोरी का खुलासा शमशाबाद पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से एक ऑटो, एक तमंचा, नगद कैश और लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य की कॉपर केबिल बरामद की गई है। बरामदगी के बाद पुलिस को चोरी के इस गैंग के सक्रिय होने के सबूत भी मिले हैं।

गिरफ्तार किए गए चोरों से पूछताछ जारी है, वहीं इस गैंग के दो अन्य सदस्य अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

शमशाबाद थाना पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में राहत की भावना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से वे दहशत में थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता से अब अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।

👉 शमशाबाद पुलिस फिलहाल फरार दो आरोपियों की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संवाददाता रामानंद गुप्ता गुजरात प्रवासी न्यूज़ फतेहाबाद आगरा अहमदाबाद

अखिलभारतीय ग्राहक पंचायत ब्रज प्रांत की त्रैमासिक बैठक संपन्न

दिनांक : 31 अगस्त 2025 | स्थान : बनवारी पैलेस, अलीगढ़

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ब्रज प्रांत की त्रैमासिक बैठक का आयोजन जिला हरिगढ़ के आतिथेय में संपन्न हुआ। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हरिगढ़ श्री ए. वैक्स वेव द्वारा की गई।

बैठक का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर तथा संगठन गीत के साथ किया गया।

मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट सानिध्य

श्री राजीव सिंह (ब्रज प्रांत सह व्यवस्था प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) – मुख्य अतिथि

श्री लखन सिंह (क्षेत्रीय संगठन मंत्री) – विशिष्ट अतिथि

श्री प्रमोद पांडे (राष्ट्रीय पर्यावरण आयाम प्रमुख) – मुख्य वक्ता

मास्टर ओमप्रकाश (जिला अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल – मिश्रा ग्रुप) – सानिध्य

श्री मनीराम भाई साहब – विशिष्ट सानिध्य

इन सभी वरिष्ठजनों ने संघ के 1925 से 2025 तक के शताब्दी वर्ष की गौरवशाली यात्रा का विस्तृत वर्णन किया तथा संगठन के प्रति जागरूकता और कार्ययोजना साझा की।

प्रांतीय सचिव श्री इंद्र भूषण कुलश्रेष्ठ ने बैठक का संचालन किया।

श्री प्रमोद पांडे ने ग्राहकों के अधिकारों और पंचायत की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा –
“ग्राहक तू रहेगा मौन, तो तेरी सुनेगा कौन।”

श्री लखन सिंह ने संगठन के 12 जिलों की कार्यकारिणी को सक्रिय एवं जागरूक रहने का आह्वान किया।

श्री शुभम वार्ष्णेय (रोजगार सहसृजन आयाम प्रभारी, जीएसटी एडवोकेट) ने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दी गई आगामी तीन माह की कार्ययोजना को हरिगढ़ जिले में लागू करने पर बल दिया।

बैठक में श्री धीरेंद्र सिंह (जिला उपाध्यक्ष), शिवेंद्र जी (संघ प्रचारक), विकास जी (पर्यावरण प्रमुख), श्री अंकित अग्रवाल (जिला सह सचिव), श्री दिलीप गुप्ता (जिला कोषाध्यक्ष), श्री राजीव कुमार वार्ष्णेय (जिला विधि आयाम प्रमुख, वरिष्ठ अधिवक्ता), श्रीमती राधा वार्ष्णेय (जिला पर्यावरण प्रमुख) सहित कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

सदस्यों में संजय बालाजी, डी.एस. राठौर, प्रभात जी, श्रीमती प्रीति, सीमा जी, सोनू ठाकुर, शिवम जी आदि ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ। अंत में जिला अध्यक्ष ने सभी अतिथियों, प्रांतीय व जिला कार्यकारिणी पदाधिकारियों, सम्मानित सदस्यों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
श्री शुभम वार्ष्णेय (रोजगार सहसृजन आयाम प्रभारी, जीएसटी एडवोकेट) ने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दी गई आगामी तीन माह की कार्ययोजना को हरिगढ़ जिले में लागू करने पर बल दिया।

बैठक में श्री धीरेंद्र सिंह (जिला उपाध्यक्ष), शिवेंद्र जी (संघ प्रचारक), विकास जी (पर्यावरण प्रमुख), श्री अंकित अग्रवाल (जिला सह सचिव), श्री दिलीप गुप्ता (जिला कोषाध्यक्ष), श्री राजीव कुमार वार्ष्णेय (जिला विधि आयाम प्रमुख, वरिष्ठ अधिवक्ता), श्रीमती राधा वार्ष्णेय (जिला पर्यावरण प्रमुख) सहित कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

सदस्यों में संजय बालाजी, डी.एस. राठौर, प्रभात जी, श्रीमती प्रीति, सीमा जी, सोनू ठाकुर, शिवम जी आदि ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ। अंत में जिला अध्यक्ष ने सभी अतिथियों, प्रांतीय व जिला कार्यकारिणी पदाधिकारियों, सम्मानित सदस्यों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

संवाददाता जितेंद्र भारद्वाज गुजरात प्रवासी न्यूज़ नोएडा अहमदाबाद

“रैलियों से आगे बढ़े समुदाय, शिक्षा और स्वरोजगार पर हो जोर”

कौशाम्बी | ब्यूरो रिपोर्ट : सुशील कुमार दिवाकर

कौशाम्बी। समुदाय के कुछ संगठन लगातार ओबीसी से एससी में शामिल किए जाने की मांग को लेकर रैलियों और सभाओं का आयोजन करते आ रहे हैं। इन आयोजनों में भारी धन खर्च होता है। जानकारों का कहना है कि यह प्रयास व्यर्थ नहीं है, परंतु इसका लाभ मिलने में लंबा समय लगेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही धन शिक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में लगाया जाए तो समुदाय की स्थिति कहीं अधिक तेजी से सुधर सकती है।

 शिक्षा पर देना होगा बल

समुदाय के सामने सबसे बड़ी चुनौती शिक्षा का स्तर उठाना है। शिक्षा का प्रसार कैसे हो और किस तरह युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा दी जाए—इस पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।

 प्रेरक उदाहरण

माचिदेवा समिति, कर्नाटक – शिक्षा, छात्रवृत्ति, छात्रावास, सरकारी ऋण व अन्य सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध।

उड़ान धोबी सेवा संस्थान, राजस्थान – कैरियर गाइडेंस, “पढ़ेगी लाड़ली प्रोजेक्ट”, बेटियों को शैक्षणिक सामग्री वितरण।

श्रवण कनौजिया, जौनपुर – सीमित संसाधनों में वर्षों से सैकड़ों बच्चों को निःशुल्क शिक्षा।

 संगठनों के लिए रोडमैप

अल्पकालिक पाठशालाएँ : वरिष्ठ छात्र कनिष्ठों को पढ़ाएँ।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी : सामूहिक अध्ययन व्यवस्था।

स्वरोजगार प्रशिक्षण : दिन के समय कौशल विकास कार्यक्रम।

छात्रावास सुविधा : बड़े शहरों में सामुदायिक सहयोग से।

 शिक्षा से ही मजबूत होगा आरक्षण

शिक्षित वर्ग ही आरक्षण के मुद्दे को ठोस तर्कों और दस्तावेज़ों के साथ राजनीतिक मंचों पर मजबूती से उठा सकता है। तभी डॉ. भीमराव अंबेडकर का “शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो” तथा संत गाडगे महाराज का “विद्या बड़ी चीज है…पर बच्चों को शिक्षा दिए बिना न रहो” का संदेश सार्थक हो पाएगा।

 सामूहिक अपील

धोबी/रजक समाज के संगठनों और जागरूक नागरिकों से अपील है कि वे इस दिशा में मिलकर काम करें ताकि समाज का कोई भी बच्चा—लड़का या लड़की—शिक्षा से वंचित न रह सके।

सफाई कर्मी की लापरवाही से गंदगी का अंबार, बीमारी फैलने का खतरा

कौशांबी, संवाददाता।
विकास खंड नेवादा के ग्राम पंचायत बसुहार के मजरा पूरेबुआ राम में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सफाई कर्मी के नियमित रूप से न आने के कारण गांव की गलियों में कूड़े-कचरे का ढेर लग गया है। जगह-जगह नालियां गंदे पानी से बजबजा रही हैं, जिससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों के लिए गलियों में निकलना दूभर हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मी केवल चुनिंदा घरों के बाहर ही सफाई करता है, जबकि बाकी इलाक़ा गंदगी से पट चुका है। इससे गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि गांव में नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारियों से निजात मिल सके।

📍 कौशांबी से देवेंद्र सिंह, की खास रिपोर्ट
📞 9935912865

मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार कमलेश कुमार गुप्ता सेवानिवृत्त

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हरिद्वार, संवाददाता।
हरिद्वार जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी कमलेश कुमार गुप्ता शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनके कार्यकाल में जिले की शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो, खेल का मैदान हो अथवा सांस्कृतिक गतिविधियाँ—हर क्षेत्र में जिले के छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया।

सेवानिवृत्ति अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिला खेल समन्वयक गजेंद्र सिंह समेत जिले के सभी शारीरिक शिक्षा शिक्षक एवं विद्वान शिक्षकों ने श्री गुप्ता को शुभकामनाएँ दीं।
गजेंद्र सिंह ने कहा कि “श्री गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई और छात्रों की प्रतिभा को नए अवसर मिले।”

शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों ने उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कलेक्टर एच.बी. शर्मा को भावभीनी विदाई

  📍 निवाड़ी, मध्य प्रदेश

निवाड़ी कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्री एच.बी. शर्मा की सेवानिवृत्ति पर भव्य समारोह आयोजित किया गया।कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्री एच.बी. शर्मा की सेवानिवृत्ति पर भव्य समारोह आयोजित हुआ। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने उन्हें श्रीरामराजा मंदिर का चित्र, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

समारोह में पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया, सीईओ जिला पंचायत रोहन सक्सेना, एसडीएम अनुराग निगवाल, डिप्टी कलेक्टर विनीता जैन सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने पुष्पमालाएं पहनाकर शुभकामनाएं दीं।

श्री शर्मा ने अधिकारियों-कर्मचारियों से मिले स्नेह और सहयोग के लिए आभार जताया और सभी को धन्यवाद दिया।

समारोह में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने उन्हें श्रीरामराजा मंदिर का चित्र, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर भावभीनी विदाई दी। उन्होंने श्री शर्मा की कार्यकुशलता और ईमानदारी की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री रोहन सक्सेना, एसडीएम श्री अनुराग निगवाल, डिप्टी कलेक्टर सुश्री विनीता जैन सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में श्री शर्मा ने कहा कि उन्हें निवाड़ी जिले में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों से जो स्नेह और सम्मान मिला, उसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगे। अंत में उन्होंने सभी को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

✍️ रिपोर्ट – पंकज कुमार गुप्ता
📍 जिला – जालौन, उरई (उत्तर प्रदेश)
📺 चैनल – गुजरात प्रवासी न्यूज, अहमदाबाद

चम्बल नदी का जलस्तर पहुँचा 119 मीटर, पिनाहट घाट पर सात दिन बाद स्टीमर सेवा शुरू

आगरा (रिपोर्ट)। चम्बल नदी में पिछले एक सप्ताह से जारी बाढ़ जैसे हालात के बीच अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, पिनाहट घाट पर नदी का जलस्तर शनिवार को 119.00 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले सप्ताह की तुलना में करीब 2.5 मीटर कम है। इसके बाद सात दिन से बंद पड़ी स्टीमर सेवा फिर से बहाल कर दी गई।

कैसे पहुँचा जलस्तर खतरनाक स्तर पर?

पिछले सप्ताह मध्यप्रदेश के राजघाट, कुंवरपुरा और केंचली घाट बाँधों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया था। साथ ही, उत्तर भारत में लगातार हो रही बारिश के कारण चम्बल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। 7 दिन पहले जलस्तर 121.50 मीटर के पार पहुँच गया था, जो पिनाहट घाट के लिए खतरे की घंटी माना जाता है।

पिछले 7 दिनों का चम्बल नदी का जलस्तर डेटा और ग्राफ़ 


प्रशासन ने क्यों रोका संचालन?

स्टीमर सेवा को रोकने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि:

नदी का बहाव बेहद तेज़ हो गया था।

घाट के आसपास कई जगह पानी भरने से चढ़ने-उतरने में खतरा था।

सुरक्षा की दृष्टि से नाविकों को चेतावनी दी गई थी।

सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशासन की तैयारी

अब जब जलस्तर 119 मीटर पर स्थिर हुआ है, प्रशासन ने निम्नलिखित सुरक्षा उपाय लागू किए:

हर स्टीमर पर लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य।

एक स्टीमर में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री नहीं ले जाए जाएँ।

घाट पर NDRF टीम और स्थानीय पुलिस की तैनाती।

नदी पार करने से पहले मौसम और जलस्तर की ताज़ा जानकारी की घोषणा।

लोगों को मिली राहत

स्टीमर सेवा शुरू होते ही पिनाहट और आसपास के गाँवों में रहत की लहर दौड़ गई। किसान, जो अपने खेतों तक नहीं पहुँच पा रहे थे, अब आसानी से नदी पार कर सकते हैं। वहीं, मछुआरों और छोटे कारोबारियों के लिए भी यह बड़ी राहत है, क्योंकि सेवा बंद होने से उनका काम पूरी तरह ठप हो गया था।

स्थानीय निवासी रवि शर्मा ने बताया:
“सात दिन से लोग पैदल रास्तों और चक्कर काटकर जा रहे थे। अब स्टीमर शुरू होने से समय और पैसा दोनों बचेंगे।”

अभी भी सावधानी ज़रूरी

प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि अभी नदी में तेज़ बहाव है। घाट पर अनावश्यक भीड़ न लगाएँ। बच्चों को स्टीमर यात्रा के दौरान अभिभावकों के साथ रखें।

संवाददाता रामानंद गुप्ता फतेहाबाद आगरा अहमदाबाद www.gujaratpravasinews.com

447वाँ युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्न

लखनऊ, 29 अगस्त 2025।
गायत्री ज्ञान मंदिर, इंदिरा नगर लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अंतर्गत आर०जी०एस० कॉलेज ऑफ फार्मेसी, इटौंजा, लखनऊ (उ.प्र.) में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित 79खण्डों का 447वाँ ऋषि वाङ्मय स्थापित किया गया।

         

यह साहित्य गायत्री परिवार की सक्रिय कार्यकर्त्री श्रीमती सीमा निरंजन एवं श्री अनिल कुमार निरंजन ने अपने पुत्र श्री हर्षवर्धन निरंजन एवं पुत्री सुश्री अदिति निरंजन के उज्ज्वल भविष्य हेतु भेंट किया। साथ ही उपस्थित संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को ‘अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका’ भी वितरित की गई।       

मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि—

👉 “ऋषि का सद्साहित्‍य नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।”


संस्थान के निदेशक प्रो० डॉ० अविनाश चन्द्र त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति :

  • गायत्री ज्ञान मंदिर प्रतिनिधि – श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह

  • श्री अनिल निरंजन के प्रतिनिधि – श्री देवेन्द्र सिंह

  • निदेशक – प्रो० डॉ० अविनाश चन्द्र त्रिपाठी

  • एडमिन मैनेजर – श्री अंकित मिश्रा

  • सहायक प्राध्यापक एवं सह-पाठ्यचर्या समिति प्रमुख – सुश्री विजयस्वरी मिश्रा

  • सहायक प्राध्यापक एवं पाठ्येतर समिति प्रमुख – श्री राहुल सिंह यादव

  • शैक्षणिक प्रमुख – श्रीमती रूप रंजन श्रीवास्तवसंस्थान के

  • चिकित्सकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं

संवाददाता : गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

स्वस्थ समाज हेतु खेल की अहम भूमिका : चरब जैन

रुड़की (हरिद्वार)।
राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में ड्रीम ओलंपिक स्पोर्ट्स अकैडमी के तत्वावधान में 60 मी., 400 मी. एवं 800 मी. बालक–बालिका वर्ग की दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाजसेवी एवं फोनिक्स इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर चरब जैन ने विजेताओं को मेडल पहनाकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की स्थापना में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मंच पर ओपन ब्लॉक प्रमुख नारसन विकास राठी, उत्तराखंड कुश्ती संघ के कोषाध्यक्ष राहुल शर्मा भी उपस्थित रहे।

विजेता परिणाम :

  • 800 मीटर (बालक वर्ग) : प्रथम – तरुण, द्वितीय – देवांश, तृतीय – रोहित

  • 60 मीटर (बालक वर्ग) : प्रथम – अनस, द्वितीय – जीशान अली, तृतीय – विराट

  • 60 मीटर (बालिका वर्ग) : प्रथम – अंशिका, द्वितीय – ओजस्वी भंडारी, तृतीय – प्रीति

  •    400 मीटर (बालक वर्ग) : प्रथम – रियान, द्वितीय – सिवान सैनी, तृतीय – उमर

इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक हीरा सिंह पुंडीर, प्रशिक्षक रवि आर्य, अब्दुल रहमान, संदीप कुमार एवं आलोकद्विवेदी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

                           

कार्यक्रम के अंत में ड्रीम ओलंपिक स्पोर्ट्स अकैडमी के डायरेक्टर गुलशन अली ने मुख्य अतिथि, विजेताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएँ दीं।

संवाददाता : डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, गुजरात प्रवासी न्यूज़, रुड़की–हरिद्वार–अहमदाबाद