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के.एम. हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कमाल: 76 वर्षीय बुजुर्ग का सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट, आयुष्मान योजना के तहत मिला मुफ्त इलाज

76 वर्षीय बुजुर्ग का सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट, आयुष्मान योजना के तहत मिला मुफ्त इलाज

मथुरा, 30 मई। मथुरा स्थित के.एम. मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन एवं विभागाध्यक्ष डॉ. हर्षित जैन के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने 76 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का जटिल टोटल नी रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर उन्हें वर्षों पुराने असहनीय दर्द से राहत दिलाई।

केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी, कुलपति डॉ. एन.सी. प्रजापति, प्रो-कुलपति डॉ. शरद अग्रवाल तथा अतिरिक्त मेडिकल अधीक्षक डॉ. नमित गौतम ने हड्डी रोग विभाग की टीम को सफल ऑपरेशन के लिए बधाई दी।

राधाकुंड कस्बे की राधानगर कॉलोनी निवासी 76 वर्षीय सुनील दास पिछले छह वर्षों से घुटनों के गंभीर दर्द से पीड़ित थे। बढ़ती उम्र और घुटनों की गतिशीलता लगभग समाप्त हो जाने के कारण उनका दैनिक जीवन अत्यंत कठिन हो गया था। चलना-फिरना तो दूर, सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित हो चुकी थी।

18 मई 2026 को वे परामर्श के लिए अस्पताल की ओपीडी पहुंचे, जहां जांच के दौरान डॉ. हर्षित जैन ने पाया कि उनका घुटना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके बाद उन्हें तत्काल सर्जरी की सलाह दी गई।

वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. हर्षित जैन के मार्गदर्शन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रामधन, डॉ. आशीष शर्मा और डॉ. भव्य ने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. कुलदीप गुप्ता और डॉ. सुरभि सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं ओटी तकनीशियन नवीन, राहुल और बबलू का भी विशेष सहयोग रहा।

डॉ. हर्षित जैन ने बताया कि टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी एक आधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें पूरी तरह क्षतिग्रस्त घुटने के जोड़ को हटाकर कृत्रिम इम्प्लांट लगाया जाता है। यह ऑस्टियोआर्थराइटिस और जोड़ों के गंभीर दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए अत्यंत प्रभावी उपचार है। सर्जरी के बाद मरीज को दर्द से स्थायी राहत मिलती है और वह सामान्य जीवन जी सकता है।

हड्डी रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रामधन ने बताया कि मरीज के घुटने में ‘वैल्गस डिफॉर्मिटी’ (बाह्य कोणीय विकृति) थी, जिसमें जोड़ शरीर की मध्य रेखा से बाहर की ओर झुक जाता है। इस प्रकार की जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को पहले दिल्ली, जयपुर और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यह उन्नत सुविधा मथुरा के के.एम. अस्पताल में भी उपलब्ध है। इससे क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा।

विशेष बात यह रही कि बुजुर्ग सुनील दास का पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क किया गया। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया। चिकित्सकों के अनुसार मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और जल्द ही बिना किसी दर्द के सामान्य रूप से चल-फिर सकेंगे।

रिपोर्ट: प्रेम सिंह कुंतल
गुजरात प्रवासी न्यूज़, मथुरा

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