फिरोजाबाद, 28 अगस्त 2026।
फिरोजाबाद के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में शुक्रवार को श्री गिर्राज धरण सेवा समिति मित्र मंडली, फिरोजाबाद की ओर से विशाल दंगल मेले का भव्य आयोजन किया गया। दंगल में उत्तर प्रदेश सहित हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार और ईरान से पहुंचे नामचीन पहलवानों ने भाग लेकर अपनी कुश्ती कला और शारीरिक दमखम का शानदार प्रदर्शन किया।
दंगल को लेकर सुबह से ही रामलीला मैदान में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कुश्ती प्रेमियों और दर्शकों की बड़ी संख्या मैदान में पहुंची। जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़ते गए, पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों का उत्साह और बढ़ा दिया। अखाड़े में पहलवानों के दांव-पेंच और जोरदार मुकाबलों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
महिला पहलवानों ने भी लिया हिस्सा
इस दंगल की खास बात यह रही कि इसमें महिला पहलवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिला खिलाड़ियों ने अखाड़े में अपनी प्रतिभा और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को प्रभावित किया। महिला पहलवानों की भागीदारी को खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और पारंपरिक कुश्ती को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
दो लाख रुपये की अंतिम कुश्ती रही आकर्षण का केंद्र
दंगल की सबसे बड़ी और अंतिम कुश्ती दो लाख रुपये की रखी गई थी। इस मुकाबले को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह रहा। अंतिम कुश्ती शेरा गुर्जर पहलवान के नाम रही। आयोजकों के अनुसार शेरा गुर्जर पहलवान के सामने कोई अन्य पहलवान कुश्ती लड़ने के लिए अखाड़े में नहीं उतरा, जिसके चलते यह कुश्ती शेरा गुर्जर के नाम रही।
शेरा गुर्जर पहलवान के नाम दो लाख रुपये की कुश्ती रहने की घोषणा के बाद दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और पहलवान का उत्साह बढ़ाया।
एक लाख रुपये की कुश्ती बराबरी पर समाप्त
दंगल की दूसरी बड़ी कुश्ती एक लाख रुपये की हुई। इसमें रामेश्वर सिंह पहलवान और इरफान ईरानी पहलवान आमने-सामने रहे। दोनों पहलवानों के बीच काफी देर तक जोरदार मुकाबला चला। दोनों ने एक-दूसरे पर कई दांव आजमाए, लेकिन कोई भी पहलवान निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सका।
आखिरकार यह मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। दोनों पहलवानों के शानदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
बाबा लाड़ी अयोध्या और सुनील पहलवान दिल्ली के बीच मुकाबला
दंगल में बाबा लाड़ी अयोध्या और सुनील पहलवान दिल्ली के बीच भी कुश्ती का मुकाबला हुआ। दोनों पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन किया। इस मुकाबले ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और कुश्ती प्रेमियों में उत्साह बनाए रखा।
कई राज्यों और ईरान से पहुंचे पहलवान
इस विशाल दंगल में केवल स्थानीय पहलवान ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से पहलवान पहुंचे। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और बिहार के पहलवानों के साथ ईरान से आए पहलवानों ने भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
विभिन्न क्षेत्रों के पहलवानों के एक ही अखाड़े में उतरने से दंगल का स्तर और रोमांच दोनों बढ़ गया। दर्शकों को अलग-अलग क्षेत्रों की कुश्ती शैली और पहलवानों के दांव-पेंच देखने का अवसर मिला।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी
दंगल के आयोजन में दंगल कमेटी के अध्यक्ष श्री उदय प्रताप सिंह और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में फिरोजाबाद की मेयर श्रीमती राठौर, विधायक श्री मनीष असीजा, भाजपा मंडल अध्यक्ष तथा जिले के पार्षदों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अतिथियों और आयोजकों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया तथा विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। आयोजन समिति की ओर से दंगल को सफल बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।
पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा देने का प्रयास
आयोजकों का उद्देश्य पारंपरिक भारतीय कुश्ती को बढ़ावा देना और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना रहा। दंगल जैसे आयोजनों से ग्रामीण और पारंपरिक खेल संस्कृति को मजबूती मिलने के साथ-साथ युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ती है।
रामलीला मैदान में आयोजित इस विशाल दंगल ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय पारंपरिक कुश्ती आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पहलवानों और महिला खिलाड़ियों की भागीदारी ने इस आयोजन को और विशेष बना दिया।
Gujarat Pravasi News के लिए
चैनल हेड – एक्स कैप्टन राजेश्वर सिंह गुर्जर
आगरा–फिरोजाबाद