मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर शौचालयों की कमी अब एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकती है।
- स्टेशन पर कुल 10 प्लेटफार्म मौजूद हैं
- कुछ प्लेटफार्म की लंबाई करीब 600 मीटर तक है
- लेकिन शौचालय व्यवस्था बेहद सीमित:
👉 प्लेटफार्म 1 – 1 शौचालय
👉 प्लेटफार्म 2-3 – 1 शौचालय
👉 प्लेटफार्म 4-5 – 1 शौचालय
👉 प्लेटफार्म 6-7 – ❌ कोई शौचालय नहीं
👉 प्लेटफार्म 8 – 1 शौचालय
👉 प्लेटफार्म 9-10 – दिव्यांगों के लिए 1 शौचालय
इसके अलावा GRP थाने और वेटिंग हॉल के पास कुछ शौचालय मौजूद हैं, लेकिन वे भी पर्याप्त नहीं हैं।
- महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी
- लोग लघुशंका के लिए इधर-उधर भटकते दिखते हैं
- कई बार मजबूरी में लोग रेलवे ट्रैक के पास उतर जाते हैं
यह स्थिति सीधे तौर पर जानलेवा जोखिम पैदा कर रही है।
- अधिकांश शौचालय निजी ठेकेदारों द्वारा संचालित
- उपयोग के लिए लिया जाता है सेवा शुल्क
❓ सवाल उठता है:
जब यात्रियों से पैसे लिए जा रहे हैं, तो पर्याप्त सुविधा क्यों नहीं?
स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर तब तक सक्रिय नहीं होगा, जब तक कोई बड़ी घटना न हो जाए।
✔️ हर प्लेटफार्म पर पर्याप्त शौचालय
✔️ लंबाई के अनुसार शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाए
✔️ मुफ्त या न्यूनतम शुल्क वाली सुविधा
✔️ नियमित सफाई और निगरानी
“मथुरा जंक्शन जैसे बड़े स्टेशन पर इस तरह की लापरवाही न केवल यात्रियों की सुविधा बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि रेल प्रशासन समय रहते जागता है या किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है…”
रिपोर्ट: राहुल शर्मा, चैनल हेड
गुजरात प्रवासी न्यूज़