अहमदाबाद, 27 जून 2025: अहमदाबाद में शुक्रवार सुबह भगवान जगन्नाथ की 148वीं वार्षिक रथयात्रा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खाड़ीया के ‘देसाई की पोल’ इलाके में तेज डीजे साउंड के कारण एक नर हाथी ‘बाबूलाल’ बेकाबू हो गया। इसके साथ चल रही दो मादा हाथियाँ ‘जानकी’ और ‘रानी’ को भी एहतियातन यात्रा से हटाकर नियंत्रण में रखा गया है। वर्तमान में रथयात्रा 15 हाथियों के साथ शांतिपूर्वक आगे बढ़ रही है।
कोई गंभीर मामला नहीं: अहमदाबाद नगर निगम के प्राणी संग्रहालय के सुपरिटेंडेंट और वरिष्ठ वन्य-चिकित्सक डॉ. आर.के. साहू ने बताया कि, “हाथियों को तेज ध्वनि और भीड़ के शोर से असहजता हुई थी। सामान्य उपचार तहत मस्तिष्क में मेडीसिन दी गई है। और शांत वातावरण में कुछ समय बिताने के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कोई गंभीर मामला नहीं है।”
घायलों का मौके पर उपचार: घटना के दौरान दो श्रद्धालु हल्के रूप से घायल हुए। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने जानकारी दी कि एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि दूसरे का उपचार मौके पर ही कर दिया गया। किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई सराहनीय: प्रशासन, महावतों और वन विभाग की टीमों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए बेकाबू हाथियों को शांत परिसर में स्थानांतरित किया। पूर्व विधायक भूषण भट्ट ने कहा, “स्थिति असामान्य थी, परंतु प्रशासन की तत्परता से बड़ी अनहोनी टल गई।”
रथयात्रा की शुरुआत और सुरक्षा प्रबंध: रथयात्रा की विधिवत शुरुआत सुबह 7 बजे जमालपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से हुई। ‘पहिंद विधि’ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने निभाई, वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने प्रातः 4 बजे ‘मंगल आरती’ में भाग लिया।
यात्रा में शामिल वाहन व दल:
हाथी: 18 (वर्तमान में 15
सजाए ट्रक: 101
अखाड़े: 30
भजन मंडलियाँ: 18
बैंड: 3
सुरक्षा व्यवस्था:
पुलिस बल: 24,000 जवान
ड्रोन: 41
CCTV कैमरे: 227+
AI आधारित कैमरे: 25
16 किलोमीटर की यह रथयात्रा श्रद्धा व उत्साह के साथ जारी है। प्रशासन की चुस्ती और डॉक्टरों की सतर्कता से संकट टला, और रथयात्रा पूर्ण श्रद्धा व उत्सव भाव के साथ अपने मार्ग पर निरंतर अग्रसर है।