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कुलदीप नेगी बने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के उत्तराखंड प्रदेश सचिव

अनुभव, समाजसेवा और संवेदनशील नेतृत्व को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

देहरादून/टिहरी गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग ने उत्तराखंड में अपनी संगठनात्मक मजबूती को बढ़ाते हुए टिहरी गढ़वाल जनपद के ग्राम सौन्दकोटी निवासी कुलदीप सिंह नेगी को प्रदेश सचिव नियुक्त किया है। आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय गर्वनिंग बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा जारी नियुक्ति पत्र में कहा गया है कि कुलदीप नेगी का अनुभव, संवेदनशील दृष्टिकोण और समाज के प्रति निरंतर सक्रियता उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के योग्य बनाती है।

राजकीय विभागों में अनुभव और सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान

कुलदीप सिंह नेगी पूर्व में कई राजकीय विभागों में विभिन्न स्तरों पर सेवा दे चुके हैं। विशेष रूप से श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में कुलपति के निजी सचिव पद पर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक दक्षता और शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कोविड महामारी के दौरान उन्होंने आमजन की मदद, राहत सामग्री वितरण एवं संकटग्रस्त परिवारों तक सहायता पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें विभिन्न सामाजिक मंचों द्वारा सम्मानित भी किया गया।

आयोग का उद्देश्य—पीड़ितों को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता

आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संतोष बजाज ने कहा कि संगठन का मुख्य लक्ष्य मानवाधिकारों के उल्लंघन से पीड़ित लोगों को सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि आयोग विशेष रूप से निम्न मामलों में पीड़ितों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है—

  • महिला एवं पुरुष उत्पीड़न

  • दहेज, घरेलू हिंसा और सामाजिक अत्याचार

  • हत्या, बलात्कार, दुष्कर्म

  • बाल शोषण एवं श्रम शोषण

  • धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और झूठे आरोप

  • पुलिस प्रशासन द्वारा असहयोग एवं मौलिक अधिकारों का हनन

डा. बजाज ने कहा कि आयोग का उद्देश्य है कि न्याय से वंचित कोई भी व्यक्ति अकेला न पड़े और उसे हर स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

नई जिम्मेदारी को निभाने का संकल्प

नवनियुक्त प्रदेश सचिव कुलदीप सिंह नेगी ने आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय गर्वनिंग बॉडी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि—
“मैं इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी को सम्मान और निष्ठा के साथ निभाऊंगा। मानवाधिकारों की रक्षा, पीड़ितों की सहायता और समाज में न्याय की भावना को सशक्त बनाने के लिए मैं पूरी निष्ठा से कार्य करूंगा।”

उन्होंने आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में आयोग के कार्यों को नई दिशा, नई गति और व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

📌 रिपोर्ट : डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी, गुजरात प्रवासी न्यूज़, हरिद्वार

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