अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की सामान्य बोर्ड बैठक में आज शहर की प्रशासनिक विफलताओं और जनसुरक्षा के मुद्दों को लेकर जोरदार बहस हुई। कांग्रेस पार्षद हितेंद्र पिठाडिया ने नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े गंभीर मामलों पर तीखे सवाल उठाते हुए नगर निगम प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया।
अवैध पटाखा फैक्ट्री हादसा:
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग बैठक के दौरान पार्षद हितेंद्र पिठाडिया ने अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जिसमें 9 मासूम लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही और नियामक तंत्र (regulatory authority) की विफलता करार दिया। पिठाडिया ने मांग की कि शहर में चल रही ऐसी सभी अवैध इकाइयों के खिलाफ तुरंत अभियान चलाकर उन्हें बंद किया जाए और जिनकी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, उन अधिकारियों व जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। लेकिन इस घटना के चलते शहर की सैकड़ों लाइसेंस प्राप्त दुकानो को भी कई दिनों से सील कर दिया गया है जिससे छोटे दुकानदारों की रोजी रोटी का प्रश्न बना हुआ है, यह सवाल अनछुआ रहा।
प्री-मानसून प्लान और जल निकासी व्यवस्था पर उठाए सवाल :
इसके अलावा, उन्होंने शहर के प्री-मानसून प्लान के क्रियान्वयन पर भी कड़ा विरोध जताया। आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और जल निकासी ( गटर व्यवस्था) प्रणाली की तैयारियों में देरी और खामियों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढिलाई का खामियाजा अहमदाबाद की जनता को भुगतना पड़ रहा है। साथ ही, बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल कुछ अन्य प्रस्तावों पर भी उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया और जनहित में फैसले लेने की मांग की।
नेता विपक्ष की दौड़ में आगे दिखे हितेंद्र पिठाडिया:
गौरतलब है कि अहमदाबाद नगर निगम में कांग्रेस अभी तक आधिकारिक रूप से नेता विपक्ष (Leader of Opposition) का चयन नहीं कर पाई है। हालांकि, बोर्ड बैठक में जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि हितेंद्र पिठाडिया इस पद की रेस में सबसे आगे नज़र आ रहे हैं।