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समाजसेवा की नई मिसाल: के.के. ट्रस्ट का गठन, मानवता और प्रकृति के लिए समर्पित पहल

मानव सेवा को जीवन लक्ष्य बनाकर क्षितिंद्र कुमार उपाध्याय ने की के.के. ट्रस्ट की स्थापना

बलिया (उत्तर प्रदेश) | गुजरात प्रवासी न्यूज़

समाजसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ने का संकल्प लिए मणियर थाना क्षेत्र के निवासी क्षितिंद्र कुमार उपाध्याय ने सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में एक नई और प्रेरणादायी पहल की है। बचपन से ही कुछ अलग, सार्थक और जनकल्याणकारी करने की सोच रखने वाले क्षितिंद्र कुमार उपाध्याय को बुज़ुर्गों के आशीर्वाद और ईश्वर की असीम कृपा से यह प्रेरणा मिली कि मानव सेवा को ही अपने जीवन का उद्देश्य बनाया जाए।

इसी विचारधारा को साकार रूप देने के लिए उन्होंने समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए संगठित प्रयास का मार्ग चुना और एक सामाजिक ट्रस्ट की स्थापना का संकल्प लिया।

समाज के इन वर्गों के लिए करेगा कार्य:

के.के. ट्रस्ट के माध्यम से निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करने का निर्णय लिया गया है—

  • बुज़ुर्गों की सेवा एवं सम्मान

  • दिव्यांगजनों की सहायता और पुनर्वास

  • कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य, उपचार एवं पोषण

  • शिक्षा के प्रति जागरूकता और सहयोग

  • पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति से जुड़ाव

विधिवत पंजीकरण, स्पष्ट उद्देश्य:

इन उद्देश्यों को धरातल पर उतारने हेतु सरकार से निवेदन करते हुए ट्रस्ट का विधिवत पंजीकरण कराया गया। यह पंजीकरण उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के थाना मनियर, बांसडीह क्षेत्र में संपन्न हुआ। ट्रस्ट का नाम “के.के. ट्रस्ट” रखा गया है।

संस्थापक व प्रबंधन:

  • संस्थापक एवं ट्रस्टी: क्षितिंद्र कुमार उपाध्याय

  • नामित सदस्य: अर्चना उपाध्याय (धर्मपत्नी)

भविष्य की दिशा:

भृगु क्षेत्र की पावन धरती, देशभर में व्याप्त सेवा-भावना और वीर सपूतों की गौरवशाली परंपरा से प्रेरित होकर के.के. ट्रस्ट भविष्य में समाज, प्रकृति और राष्ट्रहित के लिए समर्पित भाव से निरंतर कार्य करेगा।

सेवा, संस्कार और समर्पण—इन मूल मंत्रों के साथ के.के. ट्रस्ट समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में उभर रहा है।

आपका अपना  के.के. ट्रस्ट

(गुजरात प्रवासी न्यूज़)

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